इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टी20 मुकाबले से पहले पूरे देश में एक ही चर्चा थी कि क्या वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में डेब्यू का मौका मिलेगा. जैसे ही कप्तान श्रेयस अय्यर टॉस के लिए मैदान पर पहुंचे, इस सवाल का जवाब मिल गया, प्लेइंग इलेवन में वैभव सूर्यवंशी का नाम शामिल था. वैभव ने महज 15 साल 99 दिन की उम्र में भारतीय जर्सी पहनकर अपने नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज करा लिया. लेकिन इस ऐतिहासिक लम्हे के बीच ही एक नई बहस भी छिड़ गई है, आखिर वैभव को मौका देने के लिए संजू सैमसन की कुर्बानी क्यों दी गई.
संजू की जगह मिली वैभव को एंट्री
वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू करने का मौका तभी मिल पाया जब संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर बिठाया गया. टीम मैनेजमेंट के इस फैसले ने कई पूर्व क्रिकेटरों को चौंका दिया है और सोशल मीडिया पर सवालों की झड़ी लग गई है. सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या एक युवा खिलाड़ी को मौका देने के लिए एक अनुभवी और फॉर्म में रहे विकेटकीपर बल्लेबाज को बाहर करना सही फैसला था, और अगर संजू को बाहर करना ही जरूरी था तो इसकी वजह टीम मैनेजमेंट ने साफ तौर पर सामने क्यों नहीं रखी.
संजय मांजरेकर ने पूछा तीखा सवाल
पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम की जर्सी में देखकर अच्छा लगा, लेकिन संजू सैमसन का क्या? ये कैसा मजाक है? रुको मुझे अनुमान लगाने दो... शायद संजू चोटिल हैं. उम्मीद करता हूं कि उन्हें चोट के कारण ही बाहर बिठाया गया या फिर यह सबसे अजीब चुनाव है. अगर आप वैभव को टीम में लाना ही चाहते थे तो संजू आसानी से तीसरे नंबर पर बैटिंग कर सकता था." मांजरेकर का इशारा साफ था कि टीम मैनेजमेंट के पास वैभव को टीम में जगह देने के लिए संजू को बाहर बिठाए बिना भी विकल्प मौजूद था, सिर्फ बैटिंग क्रम में थोड़ा बदलाव करके यह काम किया जा सकता था.
दिनेश कार्तिक ने भी जताई नाराजगी
पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने भी भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए इस दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन को बाहर किए जाने पर अपनी निराशा जाहिर की. कमेंट्री के दौरान उन्होंने कहा, "मुझे संजू को लेकर बुरा लग रहा है. वह आपका मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर था, जिसने कुछ महीने पहले टी20 विश्व कप के तीन नॉकआउट मैचों में अकेले दम पर जीत दिलाकर आपको चैंपियन बनाया. आपने उसे इसलिए बाहर कर दिया ताकि वैभव को किसी तरह टीम में लाया जा सके. ये एक ऐसा चुनाव है जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी." कार्तिक की यह टिप्पणी दिखाती है कि संजू का योगदान टीम की हालिया सफलताओं में कितना अहम रहा है, और यही वजह है कि उन्हें अचानक बाहर किया जाना कई पूर्व खिलाड़ियों को नागवार गुजरा है.
फॉर्म में नहीं चल रहा था संजू का बल्ला
संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर करने का फैसला पूरी तरह टीम मैनेजमेंट का था, लेकिन अगर उनकी हालिया पारियों पर नजर डालें तो उनका बल्ला भी खामोश ही रहा है. आयरलैंड के खिलाफ खेले गए दो टी20 मैचों में संजू केवल 5 रन ही बना सके थे. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भी वह सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए थे. माना जा रहा है कि इसी खराब फॉर्म को देखते हुए टीम मैनेजमेंट ने वैभव सूर्यवंशी को मौका देने का फैसला किया. हालांकि, वैभव भी अपने डेब्यू मैच में कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए और वह 10 गेंदों में 14 रन बनाकर आउट हो गए. यानी जिस बड़े फैसले की वजह से इतना बवाल मचा, उसका नतीजा फिलहाल बहुत असरदार नहीं दिखा, और यही बात इस पूरे विवाद को और हवा दे रही है.













