ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। ईस्टर के मौके पर शराब के नशे में गाड़ी चलाने के गंभीर मामले में सिडनी की एक अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया है। पिछले महीने ही उन्होंने मिडिल रेंज की ड्रंक ड्राइविंग से जुड़ी अपनी गलती को स्वीकार कर लिया था। यह पूरा घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब 39 साल के डेविड वॉर्नर सिडनी में एक रैंडम टेस्टिंग साइट से पहले ही अपनी गाड़ी रोकने लगे थे, जिसके तुरंत बाद पुलिस ने उनका ब्रेथ-टेस्ट किया और उन्हें गिरफ्तार करके थाने ले गई।
घटना की पूरी पृष्ठभूमि और अदालत का फैसला
अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आए विवरण के अनुसार, यह घटना ईस्टर संडे की है जब डेविड वॉर्नर मारूब्रा में अपने परिवार के साथ बारबेक्यू कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस घर लौट रहे थे। रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोका और सांस की जांच यानी ब्रेथ टेस्ट लिया। इस जांच में उनके शरीर में अल्कोहल की मात्रा कानूनी रूप से तय सीमा से दोगुनी से भी ज्यादा पाई गई। इसके अलावा, अदालत की कार्यवाही में यह भी खुलासा हुआ कि जब पुलिस ने उनकी गाड़ी रोकी थी, उस समय उन्होंने वाहन के भीतर बैठी एक महिला यात्री के साथ अपनी सीट बदलने की भी कोशिश की थी। इन तमाम तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने डेविड वॉर्नर पर 1500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी लगभग 1065 अमेरिकी डॉलर का आर्थिक जुर्माना लगाया है।
गाड़ी में बच्चों की मौजूदगी और विशेष सजा
इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बनाने वाला मुख्य पहलू यह था कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त कार के अंदर बच्चे भी सवार थे। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने उनकी गाड़ी में एक विशेष ब्रेथलाइजर लॉक डिवाइस लगाने का कड़ा निर्देश जारी किया है। यह सुरक्षा उपकरण इस तरह से काम करता है कि गाड़ी के इंजन को तब तक स्टार्ट नहीं होने देता जब तक कि ड्राइवर अपनी सांस की जांच कराकर यह साबित न कर दे कि उसने शराब का सेवन नहीं किया है। मामले की सुनवाई कर रही जज क्लेयर फर्नान ने यह टिप्पणी की कि भले ही डेविड वॉर्नर द्वारा भविष्य में ऐसी गलती दोबारा दोहराए जाने की उम्मीद काफी कम है, लेकिन न्यू साउथ वेल्स में ड्रिंक-ड्राइविंग की वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के खतरे और उनकी गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
करियर और पेशेवर गतिविधियों पर प्रभाव
सुनवाई के दौरान डेविड वॉर्नर की कानूनी टीम ने अदालत से यह गुहार लगाई थी कि उन्हें दोषसिद्धि के कलंक से बचा लिया जाए। बचाव पक्ष के वकीलों का यह तर्क था कि इस प्रकरण की मीडिया में जो व्यापक कवरेज हुई है, उसका असर उनके पेशेवर करियर पर पहले ही पड़ चुका है। वर्तमान में वह खेल विशेषज्ञ या कमेंटेटर के रूप में अपनी सेवाएं देते हैं और इसके साथ ही बिग बैश लीग में सिडनी थंडर टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वह कमेंट्री और विभिन्न टी-20 लीग्स से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, लेकिन इस कानूनी कार्रवाई और फैसले की वजह से उनकी सार्वजनिक छवि को निश्चित रूप से गहरा आघात पहुंचा है।



















