बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला खेल रही ऑस्ट्रेलियाई टीम के दौरान एक ऐसा विवाद देखने को मिला जिसने कमेंट्री बॉक्स में बैठे दिग्गजों को हैरान कर दिया. टीम के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने मैदान पर आउट दिए जाने की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही तीसरे अंपायर की मदद मांगने का फैसला कर लिया. जैसे ही मैदानी अंपायर कुमार धर्मसेना ने आउट का इशारा करने के लिए अपनी उंगली उठानी शुरू की, स्मिथ ने तुरंत रिव्यू का संकेत दे दिया. इस अजीब घटना पर कमेंट्री कर रहे पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने गहरी नाराजगी जताई और इसे खेल की मर्यादा के खिलाफ बताया.
मैदानी ड्रामा और 14वें ओवर की घटना
यह पूरा वाकया ऑस्ट्रेलियाई पारी के 14वें ओवर के दौरान घटा, जब टीम का स्कोर दो विकेट के नुकसान पर 40 रन था. बांग्लादेशी तेज गेंदबाज इबादत हुसैन ने ऑफ-स्टंप से बाहर एक गेंद फेंकी, जिस पर स्टीव स्मिथ ने बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया. गेंद जैसे ही बल्ले के करीब से गुजरी, मैदान पर एक तेज आवाज सुनाई दी. इस पर इबादत हुसैन और विकेटकीपर लिटन दास ने जोरदार अपील की. अंपायर कुमार धर्मसेना ने अपील को स्वीकार करते हुए अपनी उंगली ऊपर उठाना शुरू ही किया था कि स्मिथ ने उन्हें रोका नहीं और तुरंत हाथ से 'T' का आकार बनाकर रिव्यू की मांग कर दी.
अंपायर कुमार धर्मसेना कुछ क्षणों के लिए स्मिथ के इस अप्रत्याशित कदम से असहज नजर आए. हालांकि, उन्होंने अपना फैसला रोकने के बाद मामले को आधिकारिक तौर पर टीवी अंपायर के पास भेज दिया. मैदान पर मौजूद खिलाड़ी और प्रशंसक स्मिथ के इस फैसले से चौंक गए, क्योंकि आमतौर पर बल्लेबाज अंपायर का पूरा फैसला आने का इंतजार करता है.
कमेंट्री बॉक्स में डेविड वॉर्नर का कड़ा रुख
ऑन-एयर कमेंट्री कर रहे ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने इस व्यवहार पर कड़ी असहमति व्यक्त की. वॉर्नर ने साफ किया कि अंपायर के फैसले को चुनौती देने का अधिकार हर खिलाड़ी के पास है, लेकिन उंगली उठने से पहले ही रिव्यू का इशारा करना अनुचित है. वॉर्नर ने कहा, "स्टीव ने जिस तरह से प्रतिक्रिया दी, मुझे वह तरीका बिल्कुल पसंद नहीं आया. आप ऐसा नहीं कर सकते."
जब साथी कमेंटेटर ब्रेंडन जुलियन ने स्मिथ का पक्ष लेते हुए कहा कि उन्हें 100 प्रतिशत यकीन था कि गेंद बल्ले से नहीं लगी है और इसीलिए उन्होंने तेजी दिखाई, तब भी वॉर्नर अपने बयान पर कायम रहे. वॉर्नर ने दोबारा जोर देकर कहा कि चाहे बल्लेबाज कितना भी आश्वस्त क्यों न हो, अंपायर के उंगली उठाने से पहले रिव्यू मांगना बिल्कुल सही नहीं ठहराया जा सकता.
केरी ओ'कीफ की टिप्पणी और थर्ड अंपायर का फैसला
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिनर केरी ओ'कीफ ने भी इस घटना को बेहद अजीब और असामान्य करार दिया. उन्होंने कमेंट्री के दौरान कहा, "टेस्ट क्रिकेट में यह एक अजीब घटना है कि अंपायर द्वारा फैसला सुनाने से पहले ही कोई बल्लेबाज रिव्यू के लिए चला गया." उनका मानना था कि अंपायर के अधिकार और प्रक्रिया का सम्मान बनाए रखना सबसे जरूरी होता है.
अंततः टीवी रीप्ले में स्टीव स्मिथ का अंदाजा पूरी तरह सही साबित हुआ. अल्ट्राएज और वीडियो फुटेज से साफ हुआ कि गेंद बल्ले को छूकर नहीं निकली थी, बल्कि वह आवाज स्मिथ के बल्ले के जमीन पर टकराने की वजह से आई थी. इसके बाद मैदानी अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और स्मिथ नॉट आउट करार दिए गए. हालांकि, फैसले से राहत मिलने के बावजूद मैदान पर उनके इस जल्दबाजी भरे कदम की चर्चा बनी हुई है.



















