महिला टी20 वर्ल्ड कप का आगाज भारत के लिए इससे बेहतर नहीं हो सकता था। रविवार शाम भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने अपनी फिरकी से पाकिस्तान की पूरी बल्लेबाजी को बिखेर दिया और टीम को टूर्नामेंट के पहले ही मैच में 64 रन की बड़ी जीत दिला दी। इस प्रदर्शन के साथ दीप्ति ने एक ऐसा मुकाम हासिल किया, जो आज तक दुनिया की किसी स्पिनर के नाम नहीं था।
एक गेंदबाज, दो उपलब्धियां
इस मैच में दीप्ति ने अपने 350 इंटरनेशनल विकेट पूरे किए और ऐसा करने वाली वह दुनिया की पहली स्पिनर बन गईं। इतना ही नहीं, इंटरनेशनल क्रिकेट में 350 विकेट के क्लब में जगह बनाने वाली वह सिर्फ दूसरी महिला खिलाड़ी हैं। उनसे पहले यह कारनामा सिर्फ एक नाम के साथ जुड़ा रहा है।
खराब दौर के बाद करियर का सबसे यादगार दिन
दिलचस्प बात यह है कि दीप्ति यह बड़ा प्रदर्शन ऐसे समय पर लेकर आईं, जब उनका हालिया फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ था। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के निराशाजनक दौरों में उनके बल्ले और गेंद, दोनों खामोश रहे थे। न तो उन्होंने रन बनाए थे और न ही ज्यादा विकेट निकाले थे। लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने इस सूखे को पूरी तरह धो डाला और अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर दिखाया।
दीप्ति ने 4 ओवर में महज 10 रन देकर 5 विकेट झटके। टी20 इंटरनेशनल में यह दूसरा मौका था जब उन्होंने पारी में 5 विकेट लिए। इस स्पेल के दम पर उनके अंतरराष्ट्रीय विकेटों की संख्या बढ़कर 354 तक पहुंच गई।
झूलन का रिकॉर्ड अब बेहद करीब
अब दीप्ति इतिहास रचने से सिर्फ 2 विकेट की दूरी पर खड़ी हैं। महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट का रिकॉर्ड फिलहाल पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी के नाम है, जिन्होंने 355 विकेट लिए हैं। 354 विकेट के साथ दीप्ति इस रिकॉर्ड की दहलीज पर हैं और फैंस को भरोसा है कि अगले ही मुकाबले में वह यह उपलब्धि अपने नाम कर लेंगी।
प्लेयर ऑफ द मैच की जुबानी
शानदार गेंदबाजी के लिए दीप्ति को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मैच के बाद प्रेजेंटेशन में उन्होंने माना कि 2026 की शुरुआत में विकेट न मिलने से वह कभी निराश नहीं हुईं। उन्होंने कहा, “जब मुझे विकेट नहीं मिल रहे थे, तब भी मैं परेशान नहीं थी, क्योंकि मुझे पता था कि जब सही समय आएगा. मैं जरूर अच्छा करूंगी.”
पिच और अपनी रणनीति को लेकर दीप्ति ने आगे कहा, “मुझे ऐसी पिचें पसंद हैं, क्योंकि यहां टर्न मिलता है. मैंने अपनी गति में बदलाव किया. खुद पर भरोसा करते हुए सही एरिया में गेंदबाजी की.”













