सीमित ओवरों के एकदिवसीय क्रिकेट में विकेटकीपर की भूमिका सिर्फ गेंद को रोकने या स्टंप्स के पीछे खड़े रहने तक सीमित नहीं रहती। वह मैदान पर गेंदबाज का सबसे भरोसेमंद साथी होता है और फील्डिंग सजाने से लेकर बल्लेबाज के कदमों की आहट भांपने तक मैच का रुख तय करता है। जब किसी एक द्विपक्षीय या बहुपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखला में लगातार चुस्त विकेटकीपिंग की बात आती है, तो कुछ खिलाड़ियों ने दस्तानों के साथ असाधारण निरंतरता दिखाकर इतिहास रचा है। एक ही श्रृंखला के भीतर सबसे ज्यादा शिकार करने वाले शीर्ष पांच विकेटकीपरों के आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि विकेट के पीछे की सजगता किस कदर टीम की तकदीर बदल सकती है।
समित पटेल का ऐतिहासिक प्रदर्शन और शीर्ष स्थान
एकदिवसीय क्रिकेट इतिहास में किसी एक श्रृंखला के दौरान सर्वाधिक शिकार करने का असाधारण कीर्तिमान संयुक्त राज्य अमेरिका के विकेटकीपर समित पटेल के नाम दर्ज है। उन्होंने आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 (2023/24-2027) के दौरान विकेट के पीछे अविश्वसनीय प्रदर्शन किया। समित पटेल ने टूर्नामेंट में खेले गए 27 मैचों की 24 पारियों में कुल 37 शिकार किए। उनके इन कुल 37 शिकारों में 36 कैच और 4 स्टंपिंग दर्ज हैं, जो दस्तानों के साथ उनकी पकड़ और चपलता दोनों को दर्शाते हैं। एक ही पारी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6 शिकार का रहा, जिसमें उन्होंने 5 कैच लपके और 1 स्टंपिंग की। प्रति पारी उनके शिकार का औसत 1.541 रहा, जो यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि पूरी श्रृंखला में वह विकेट के पीछे कितने मुस्तैद और प्रभावी साबित हुए।
स्कॉट एडवर्ड्स की लंबी लीग में निरंतरता
नीदरलैंड्स के कप्तान और अनुभवी विकेटकीपर स्कॉट एडवर्ड्स भी इस विशेष रिकॉर्ड सूची में दूसरे पायदान पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हैं। आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 श्रृंखला में ही स्कॉट एडवर्ड्स ने अपनी टीम की कप्तानी के साथ-साथ कीपिंग का मोर्चा भी बखूबी संभाला। उन्होंने 29 मुकाबलों की 27 पारियों में विकेटकीपिंग करते हुए कुल 28 शिकार अपने नाम किए। एडवर्ड्स के इन 28 शिकारों में 24 कैच और 4 स्टंपिंग शामिल रहीं। इस लंबी चलने वाली प्रतियोगिता में उनका प्रति पारी औसत 1.037 दर्ज किया गया, जबकि एक पारी में उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 3 शिकार का रहा। भले ही उनका प्रति पारी औसत समित पटेल से कम रहा हो, लेकिन एक लंबे टूर्नामेंट में लगातार योगदान देना उनकी एकाग्रता को साबित करता है।
स्कॉटलैंड के मैथ्यू क्रॉस का दमदार खेल
आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 (2023/24-2027) में ही स्कॉटलैंड के विकेटकीपर एमएच क्रॉस ने भी अपनी बेहतरीन विकेटकीपिंग की बदौलत शीर्ष पांच में स्थान बनाया। मैथ्यू क्रॉस ने श्रृंखला के 30 मैचों की पूरी 30 पारियों में विकेटकीपिंग की और कुल 27 शिकार पूरे किए। उनके इन शिकारों में 22 कैच और 5 स्टंपिंग शामिल थीं। क्रॉस का प्रति पारी शिकार का औसत 0.9 रहा, जबकि किसी एक मैच की पारी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3 कैच पकड़ने का रहा। स्टंप्स के पीछे उनकी मुस्तैदी ने स्कॉटलैंड के गेंदबाजों को लगातार जरूरी मौकों पर सफलता दिलाने में अहम मदद दी।
एडम गिलक्रिस्ट का बेमिसाल औसत और तूफानी स्ट्राइक रेट
जब भी विश्व क्रिकेट में सबसे विस्फोटक और प्रभावी विकेटकीपरों का जिक्र होता है, ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी एडम गिलक्रिस्ट की मिसाल दी जाती है। गिलक्रिस्ट ने वर्ष 1998/99 की कार्लटन एंड यूनाइटेड सीरीज के दौरान एक अविश्वसनीय कारनामा किया था। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच खेली गई इस त्रिकोणीय श्रृंखला में गिलक्रिस्ट ने महज 12 मैचों की 12 पारियों में ही 27 शिकार कर डाले थे। इन 27 शिकारों में 26 शानदार कैच और 1 स्टंपिंग शामिल थी। इस पूरी सूची में गिलक्रिस्ट का प्रति पारी शिकार का औसत 2.25 रहा, जो अन्य सभी विकेटकीपरों से कहीं अधिक है। एक पारी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4 कैच का था। गिलक्रिस्ट के ये आंकड़े बयां करते हैं कि उन्होंने बहुत कम मुकाबले खेलकर भी विरोधी टीमों के बल्लेबाजों पर कितना गहरा असर छोड़ा था।
नेपाल के आसिफ शेख का अहम योगदान
नेपाल क्रिकेट टीम के प्रमुख विकेटकीपर आसिफ शेख ने भी आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 में अपनी छाप छोड़ते हुए इस संभ्रांत सूची में पांचवां स्थान हासिल किया। आसिफ शेख ने टूर्नामेंट के 29 मैचों की 24 पारियों में विकेट के पीछे मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 26 शिकार दर्ज किए। उनके इन शिकारों में 24 कैच और 4 स्टंपिंग शामिल रहीं। इस दौरान उनका प्रति पारी औसत 1.083 का रहा, जबकि एक ही पारी में उनका सबसे उम्दा प्रदर्शन 3 कैच लपकने का रहा। आसिफ के इस निरंतर प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल के गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त मजबूती प्रदान की।



















