साउथ अफ्रीका के खिलाफ शुरू होने जा रही टेस्ट सीरीज से ठीक पहले ऑस्ट्रेलियाई खेमे में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। चयनकर्ताओं ने अनुभवी बल्लेबाज निक मैडिन्सन और विकेटकीपर बल्लेबाज सैम हार्पर को राष्ट्रीय टेस्ट स्क्वॉड में शामिल करने का फैसला किया है। 34 साल के मैडिन्सन के लिए यह बुलावा भावनात्मक और पेशेवर दोनों लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि साल 2025 में टेस्टिकुलर कैंसर के इलाज से गुजरने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दरवाजे पर जोरदार दस्तक दी है।
चोटों की वजह से टीम प्रबंधन को उठाने पड़े कदम
ऑस्ट्रेलियाई टीम को अपने दल में यह फेरबदल प्रमुख खिलाड़ियों की फिटनेस समस्याओं के चलते करना पड़ा है। एकदिवसीय शृंखला के दौरान जोश इंग्लिस की उंगली में फ्रैक्चर हो गया था, जिसके चलते वह पहले मुकाबले से बाहर हो चुके हैं। दूसरे टेस्ट मैच से पूर्व इंग्लिस की मेडिकल जांच दोबारा की जाएगी, जिससे सीरीज के अंतिम चरण में उनकी वापसी की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
इसके अलावा ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन की फिटनेस पर भी संशय बना हुआ है। ग्रीन को 30 सितंबर को पोटचेफस्ट्रूम के मैदान पर खेले गए तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में कोर्बिन बॉश की फुल टॉस गेंद सीधे पेट पर आकर लगी थी। इस तेज प्रहार के बावजूद उन्होंने अगली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया था, लेकिन अगली गेंद पर आउट होने के बाद वह गंभीर दर्द से जूझते दिखाई दिए थे। टीम प्रबंधन उम्मीद कर रहा है कि वह समय रहते मैच के लिए तैयार हो जाएंगे, हालांकि अगर वह फिट होते भी हैं तो पहले टेस्ट में उनसे केवल बल्लेबाज के रूप में सेवाएं ली जा सकती हैं और गेंदबाजी पर निर्णय बाद में होगा।
कैंसर से जंग जीतकर मैडिन्सन का ऐतिहासिक सफर
निक मैडिन्सन ने इससे पूर्व साल 2016 में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से तीन टेस्ट मैच खेले थे और उनका अंतिम मुकाबला भी साउथ अफ्रीका के विरुद्ध ही था। बीमारी से उबरने के बाद से उन्होंने अब तक कोई भी फर्स्ट क्लास मैच नहीं खेला है। हालांकि साल 2025-26 के घरेलू सत्र में उन्होंने बिग बैश लीग में सिडनी थंडर की नुमाइंदगी की और न्यू साउथ वेल्स की सेकेंड XI के लिए भी एक मैच खेला।
हाल ही में उन्होंने अपनी जबर्दस्त लय का प्रमाण देते हुए वनडे कप में विक्टोरिया के सामने 126 रनों की शानदार पारी खेली थी। उनकी नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताते हुए न्यू साउथ वेल्स ने पिछले महीने उन्हें अपनी शेफील्ड शील्ड टीम का कप्तान भी नियुक्त किया था, जिसका नया सत्र अगले हफ्ते से शुरू होना है। टेस्ट स्क्वॉड में उनकी मौजूदगी टीम को मध्यक्रम में बड़ा लचीलापन देती है।
सैम हार्पर की शानदार फॉर्म और वॉर्म-अप मुकाबले की तैयारी
स्क्वॉड में चुने गए दूसरे खिलाड़ी अनकैप्ड सैम हार्पर हैं, जो भारत के दौरे पर ऑस्ट्रेलिया ए टीम का हिस्सा थे। हार्पर ने भारत के खिलाफ दूसरे चार दिवसीय मैच में 128 रनों की उम्दा शतकीय पारी खेलकर सबका ध्यान खींचा था। फर्स्ट क्लास क्रिकेट की पिछली 8 पारियों में वह तीन शतक ठोक चुके हैं और इसी निरंतरता ने उन्हें राष्ट्रीय टीम का टिकट दिलाया है। जॉर्ज बेली ने पुष्टि की है कि हार्पर विकेटकीपर के रूप में एक मजबूत विकल्प प्रदान करते हैं।
इसके साथ ही मैट रेनशॉ तीसरे वनडे में लगी चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं और मेडिकल टीम द्वारा उन्हें फिट घोषित किया जा चुका है, जिसके चलते पहले टेस्ट में उनके पारी की शुरुआत करने की पूरी उम्मीद है। टेस्ट सीरीज से पूर्व ऑस्ट्रेलियाई टीम शनिवार और रविवार को पोटचेफस्ट्रूम में CSA इन्विटेशनल XI के खिलाफ दो दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी। इसके बाद दोनों देशों के बीच पहला टेस्ट मुकाबला 9 अक्टूबर से डरबन में खेला जाएगा।

















