अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने 2027 में आयोजित होने वाले एकदिवसीय विश्व कप के लिए पूरी प्रतियोगिता का ढांचा पूरी तरह बदल दिया है। इस नए टूर्नामेंट में भागीदारी का दायरा बढ़ाते हुए 14 टीमों को शामिल किया गया है, जो 2023 के संस्करण में खेली 10 टीमों की व्यवस्था से बिल्कुल अलग है। दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे सह-मेजबान के नाते पहले ही सीधे प्रवेश पा चुके हैं। वहीं 30 सितंबर की कटऑफ तारीख तक आईसीसी रैंकिंग के आधार पर आठ अन्य प्रमुख टीमें भी मुख्य ड्रॉ में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं। इन टीमों में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, अफगानिस्तान और बांग्लादेश शामिल हैं। शेष चार टीमों का निर्धारण अगले साल होने वाले क्वालीफायर मुकाबलों के जरिए किया जाएगा।
तीन स्तरों में बंटी 2027 विश्व कप की नई सीढ़ी
साल 2023 में सभी 10 टीमों के बीच सिंगल राउंड-रोबिन प्रणाली अपनाई गई थी, जहां प्रत्येक टीम ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला खेला था और शीर्ष चार टीमें सीधे अंतिम चार में पहुंच गई थीं। इसके विपरीत, 2027 के महाकुंभ को 14 टीमों की उपस्थिति के साथ तीन स्पष्ट चरणों में विभाजित किया गया है। यह व्यवस्था टूर्नामेंट को सात हफ्तों तक चलाएगी और किसी भी टीम के लिए बिना कड़ी मेहनत के आगे बढ़ना असंभव बना देगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य प्रतियोगिता को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना और मध्यम स्तर की टीमों को वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का व्यापक अवसर देना है।
शुरुआती सुपर सीरीज और राउंड-2 का समीकरण
टूर्नामेंट का आगाज एक विशेष ओपनिंग सुपर सीरीज से होगा। इस शुरुआती राउंड में तीन टीमें राउंड-रोबिन आधार पर आपस में भिड़ेंगी, जो मुख्य रूप से क्वालीफायर टूर्नामेंट से आगे बढ़कर आएंगी। इस मिनी-सीरीज में शीर्ष पर रहने वाली विजेता टीम को सीधे राउंड-2 में प्रवेश दिया जाएगा।
राउंड-2 टूर्नामेंट का पहला बड़ा सामूहिक चरण होगा, जिसमें कुल 12 टीमें शिरकत करेंगी। इन 12 टीमों में 10 सीधी एंट्री पाने वाली टीमें, मुख्य क्वालीफायर की विजेता और सुपर सीरीज की शीर्ष टीम शामिल होंगी। इन सभी 12 टीमों को छह-छह के दो अलग-अलग ग्रुपों में बांटा जाएगा। इस पूरे राउंड-2 के दौरान कुल 30 मैच खेले जाएंगे। दोनों ग्रुपों से शीर्ष तीन-तीन टीमें और दोनों ग्रुपों में सबसे बेहतर रिकॉर्ड रखने वाली एक चौथे नंबर की टीम अगले चरण के लिए चुनी जाएगी। इस तरह कुल 7 टीमें अगले दौर में अपनी जगह सुरक्षित करेंगी।
सुपर 7 चरण बनेगा सबसे बड़ा निर्णायक पड़ाव
टूर्नामेंट का सबसे अनूठा और आकर्षक हिस्सा सुपर 7 स्टेज होगा, जो 2023 के पिछले विश्व कप में बिल्कुल मौजूद नहीं था। राउंड-2 से आगे बढ़ने वाली सातों टीमें इस फेज में एक-दूसरे के खिलाफ आमने-सामने होंगी। इस एकल राउंड में कुल 21 मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक टीम को अन्य छह टीमों के खिलाफ अपनी श्रेष्ठता साबित करनी होगी। निरंतर शानदार खेल दिखाने वाली टीमें ही इस कठिन दौर को पार कर पाएंगी, जिससे किसी भी उलटफेर या एक खराब दिन के प्रभाव को संतुलित करने का मौका मिलेगा।
सेमीफाइनल का गणित और 21 नवंबर को खिताबी जंग
सुपर 7 चरण के सभी 21 मुकाबले पूरे होने के बाद तैयार होने वाली अंक तालिका के आधार पर शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में कदम रखेंगी। हालांकि अंतिम चार का ढांचा 2023 जैसा ही रहेगा, लेकिन वहां तक का सफर कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। सेमीफाइनल में अंक तालिका की नंबर एक टीम का सामना चौथे स्थान की टीम से होगा, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें दूसरे सेमीफाइनल में एक-दूसरे को चुनौती देंगी। इन दोनों मैचों के विजेता 21 नवंबर 2027 को होने वाले फाइनल मुकाबले में खिताब के लिए मैदान में उतरेंगे।
निरंतरता और मैदान पर अनुशासन की वास्तविक परीक्षा
2023 के संस्करण में कुछ शीर्ष टीमों ने शुरुआती मैचों में दबदबा बनाकर बेहद आसानी से नॉकआउट का रास्ता तय कर लिया था। कई बार लीग मुकाबलों के बीच में ही सेमीफाइनल की तस्वीर लगभग साफ हो जाती थी। लेकिन 2027 का यह नया खाका हर टीम के धैर्य और निरंतरता की गहरी परीक्षा लेगा। रैंकिंग के आधार पर सीधी जगह पाने वाली टीमों को भी सुपर 7 के कठिन दौर में लगातार 21 मैचों के दबाव के बीच प्रदर्शन करना होगा। वहीं निचले क्रम की टीमों के लिए सुपर सीरीज और राउंड-2 की सीढ़ी चढ़कर शीर्ष स्तर पर खुद को साबित करने की स्पष्ट रूपरेखा तैयार की गई है।



















