झारखंड के जमशेदपुर में रहने वाले अनीश ने महंगे ईंधन के बोझ से निपटने के लिए एक व्यावहारिक रास्ता निकाला है। पिछले पांच सालों से सार्वजनिक परिवहन चलाकर अपनी आजीविका कमाने वाले अनीश ने परंपरागत डीजल टेंपो का इस्तेमाल बंद कर पूरी तरह इलेक्ट्रिक टोटो अपना लिया है। उनका अनुभव बताता है कि बैटरी वाले इस वाहन ने रोजमर्रा की आय के साथ-साथ ईंधन और रखरखाव के भारी खर्च को इस हद तक घटा दिया है कि उनकी मासिक बचत में लगभग ₹20,000 की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
डीजल वाहन में कमाई का बड़ा हिस्सा चला जाता था ईंधन में
अनीश ने जब इस पेशे की शुरुआत की थी, तब वे डीजल चालित टेंपो से शहर की सड़कों पर फेरे लगाते थे। दिन भर कड़ी मशक्कत करने के बाद उनकी दैनिक कमाई लगभग ₹1000 तक पहुंचती थी। हालांकि, महीने के आखिरी दिनों में जब वे कुल हिसाब जोड़ते, तो डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और बार-बार होने वाले मेंटेनेंस खर्च के चलते उनके हाथ में केवल ₹20,000 से ₹22,000 ही बच पाते थे। यानी उनकी मेहनत का आधा हिस्सा सिर्फ वाहन की संचालन लागत और ईंधन की जरूरतों को पूरा करने में ही निकल जाता था।
इलेक्ट्रिक टोटो से बदला गणित, चार्जिंग का खर्च सिर्फ ₹50
ईंधन की ऊंची लागत से राहत पाने के लिए अनीश ने इलेक्ट्रिक टोटो खरीदने का फैसला किया। मौजूदा समय में वे रोजाना लगभग 8 से 10 घंटे टोटो चलाते हैं। इस नियमित परिचालन से वे प्रतिदिन औसतन ₹1000 से ₹1200 तक की कमाई आसानी से कर लेते हैं, जो कभी-कभी यात्रियों की संख्या बढ़ने पर ₹1500 तक भी पहुंच जाती है। सबसे बड़ा बदलाव लागत के मोर्चे पर आया है, जहां पूरे दिन के संचालन के लिए टोटो की बैटरी चार्ज करने में प्रतिदिन मात्र ₹50 का बिजली खर्च आता है। ईंधन का यह न्यूनतम खर्च उनकी मासिक आय को लगभग ₹35,000 से ₹40,000 के स्तर पर ले जाता है।
रखरखाव का कम झंझट और बेहतर यात्री क्षमता
इलेक्ट्रिक टोटो के परिचालन फायदों को रेखांकित करते हुए अनीश का कहना है कि इसमें न तो डीजल भरवाने की चिंता है और न ही इंजन संबंधी जटिल मरम्मत की। टोटो में एक बार में लगभग 5 से 6 सवारियां आसानी से बैठ सकती हैं, जिससे प्रत्येक चक्कर में पर्याप्त किराया मिल जाता है। परंपरागत डीजल वाहनों की तुलना में इसमें पुर्जों के घिसने या लगातार सर्विसिंग का खर्च भी नगण्य रहता है। बैटरी को समय पर चार्ज करके वाहन को बिना किसी रुकावट के दिन भर चलाया जा सकता है।
लंबी उम्र के लिए संचालन के तरीके और पर्यावरण को लाभ
अनीश अपने अनुभव से यह भी स्पष्ट करते हैं कि बैटरी चालित टोटो की कार्यक्षमता और आयु बनाए रखने के लिए ड्राइविंग की शैली बेहद महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि इस वाहन को कभी भी झटके देकर या तेज गति में अचानक नहीं चलाना चाहिए, बल्कि सुचारू और शांत तरीके से चलाने पर यह बेहतरीन प्रदर्शन देता है। हर रोज कमाई करने वाले चालकों के लिए इलेक्ट्रिक टोटो ईंधन की बचत का एक मजबूत विकल्प बनने के साथ-साथ शहर में वायु प्रदूषण को घटाने में भी मददगार साबित हो रहा है।


















