इंग्लैंड की टीम ने पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में भारत को 56 रनों से हराकर सीरीज को 4-0 के अंतर से अपने पक्ष में समाप्त किया। इस हार के साथ ही भारतीय टीम टी20 प्रारूप में अपनी शीर्ष रैंकिंग से भी नीचे खिसक गई है और इंग्लैंड का विश्व में पहले स्थान पर आना पक्का हो गया है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में तीन विकेट पर 257 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में भारतीय टीम 201 रन पर ही सिमट गई। भारत के लिए इशान किशन ने 35 गेंदों में 56 रन और तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में 53 रनों की पारी खेली। गेंदबाजी में इंग्लैंड की ओर से सैम कुरन ने तीन और आदिल रशीद ने दो विकेट चटकाए।
मैदान पर भारत का संघर्ष
भारतीय टीम की जीत की बची-खुची उम्मीदें तब समाप्त हो गईं जब उपकप्तान तिलक वर्मा 52 रन बनाकर जोश टंग की गेंद पर जोस बटलर को कैच दे बैठे। इस समय तक टीम का स्कोर 189/6 तक पहुंच चुका था। इससे पहले शिवम दुबे 10 गेंदों में 14 रन बनाकर सैम कुरन का शिकार बने, जिससे भारत की आधी टीम पवेलियन लौट गई और इंग्लैंड ने मैच पर अपनी पकड़ पूरी तरह मजबूत कर ली।
ईशान किशन और श्रेयस अय्यर का प्रयास
ईशान किशन ने 35 गेंदों में सात चौके और दो छक्कों की मदद से 56 रनों की पारी खेली, लेकिन आदिल रशीद की गेंद पर वे आउट हो गए। उस समय स्कोर 132/4 था। अय्यर के 28 रन पर लियाम डॉसन के हाथों आउट होने से पहले इशान ने 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया था। पावरप्ले में शुरुआती झटकों के बाद इशान और श्रेयस अय्यर ने पारी को संभालने का प्रयास जरूर किया था, जिससे 9 ओवर में टीम 100 रन के पार पहुंच गई थी, लेकिन बड़े लक्ष्य के दबाव में भारतीय बल्लेबाजों ने निरंतर अंतराल पर विकेट गंवाए।
इंग्लैंड की धाकड़ बल्लेबाजी
इंग्लैंड की ओर से जोस बटलर और हैरी ब्रूक ने भारतीय गेंदबाजी की धज्जियां उड़ा दीं। जोस बटलर ने 64 गेंदों में 131 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 12 चौके और आठ छक्के शामिल थे। उनका साथ निभाते हुए हैरी ब्रूक ने 45 गेंदों में 95 रन बनाए, जिसमें आठ छक्के और चार चौके जड़े। शिवम दुबे ने 19वें ओवर में बटलर का विकेट लिया, लेकिन तब तक इंग्लैंड 241 रनों के विशाल स्कोर तक पहुंच चुका था। बटलर ने महज 51 गेंदों में अपना शतक पूरा किया था।
पारी की शुरुआत और टॉस
इंग्लैंड की शुरुआत फिल साल्ट के आउट होने के साथ हुई, जिन्हें प्रसिद्ध कृष्णा ने अभिषेक शर्मा के हाथों कैच कराया। हालांकि इसके बाद बटलर और ब्रूक ने भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया। मैच के शुरुआती घटनाक्रम में देरी देखी गई क्योंकि भारतीय टीम ट्रैफिक में फंसने के कारण साउथम्प्टन के रोज बाउल स्टेडियम देर से पहुंची। इसके कारण टॉस जो शाम 6:30 बजे होना था, वह 45 मिनट की देरी से 7:15 बजे हुआ। कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला लिया और टीम में दो बदलाव किए। वॉशिंगटन सुंदर की जगह सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को टीम में शामिल किया गया था।











