श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का सफर अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। उनकी देखरेख में टीम इंडिया ने कुल 7 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से उसे 6 में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस दौरान एक मैच बारिश के कारण बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। हाल ही में संपन्न हुए पांचवें टी20 मैच में इंग्लैंड ने टीम इंडिया को 56 रनों के बड़े अंतर से मात दी। इस बड़ी हार के बाद श्रेयस अय्यर ने खुलकर अपना गुस्सा और निराशा जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आखिर किन कारणों से टीम इंडिया इस सीरीज में अपना प्रभाव नहीं छोड़ पाई।
हार के बाद श्रेयस अय्यर के विचार
पांचवें टी20 के परिणाम के बाद श्रेयस अय्यर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह सीरीज उनके लिए सीखने का एक बड़ा अनुभव रही है। उन्होंने जोर दिया कि विदेशी परिस्थितियों और पिच के मिजाज को समझना किसी भी खिलाड़ी के लिए पहली प्राथमिकता होती है। अय्यर का मानना है कि एक पेशेवर क्रिकेटर के रूप में आपको बदलते मौसम और मैदान की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पहले मैच से ही स्थितियां बदल रही थीं और टीम को इस बदलाव के साथ तालमेल बिठाने की दिशा में काफी काम करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, आपस में खुली चर्चा करना जरूरी है ताकि भविष्य में गलतियों को सुधारा जा सके।
फील्डिंग बनी हार का असली कारण
कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपनी टीम की खराब फील्डिंग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैच के नतीजों को प्रभावित करने में फील्डिंग एक बड़ा रोल निभाती है, लेकिन यह विभाग उनकी टीम के लिए सबसे कमजोर कड़ी साबित हुआ है। अय्यर ने बताया कि विदेशी दौरों पर मैदानों का आकार अलग होता है, जिसे समझना जरूरी है। उनका मानना था कि यह पिच बल्लेबाजी के अनुकूल थी और वहां भारतीय गेंदबाजों के पास बल्लेबाजों को फंसाने का अच्छा मौका था। हालांकि, टीम ने कई कैच टपका दिए। उन्होंने अफसोस जताया कि अगर वे कैच पकड़ लिए जाते, तो विपक्षी टीम का स्कोर केवल 220 से 225 रनों के आसपास ही सीमित रहता, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका।
बटलर और ब्रूक की आक्रामक बल्लेबाजी
मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाजी क्रम लगातार लड़खड़ाता रहा और विकेट गिरते गए। इसके विपरीत, इंग्लैंड के गेंदबाजों ने काफी सटीक गेंदबाजी की और उन्हें अपने घरेलू मैदानों पर खेलने का गहरा अनुभव है। इस दौरान श्रेयस अय्यर ने विरोधी टीम के खिलाड़ियों जोस बटलर और हैरी ब्रूक की जमकर तारीफ की। अय्यर ने कहा कि जोस बटलर ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और हैरी ब्रूक ने उनका भरपूर साथ दिया। कप्तान ने यह स्वीकार किया कि मैच का पासा पूरी तरह से उन्हीं मौकों पर पलटा जब भारतीय खिलाड़ियों ने कैच छोड़े।











