बेन स्टोक्स के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इंग्लैंड की टेस्ट टीम में कप्तानी का नया दौर शुरू हो गया है। कई खेल प्रेमियों को उम्मीद थी कि युवा बल्लेबाज हैरी ब्रूक को यह जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन चयनकर्ताओं ने अनुभव को प्राथमिकता देते हुए 35 वर्षीय जो रूट को एक बार फिर टेस्ट टीम की कमान सौंपी है। इंग्लैंड के नेशनल सेलेक्टर मार्कस नॉर्थ ने स्पष्ट किया है कि हैरी ब्रूक पर तीनों फॉर्मेट की कप्तानी का एक साथ दबाव डालना सही कदम नहीं होता, इसलिए रेड बॉल क्रिकेट में जो रूट के अनुभव पर भरोसा जताया गया है।
तीनों फॉर्मेट की कप्तानी के दबाव से बचाने की रणनीति
27 वर्षीय हैरी ब्रूक वर्तमान में इंग्लैंड की वनडे और टी-20 टीम की कप्तानी संभाल रहे हैं। तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में एक साथ टीम का नेतृत्व करना किसी भी खिलाड़ी के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद थकाऊ साबित हो सकता है। मार्कस नॉर्थ ने बताया कि बोर्ड ने खिलाड़ियों के वर्कलोड का ध्यान रखते हुए यह फैसला लिया है। इससे ब्रूक अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे और उन पर अत्यधिक बोझ नहीं पड़ेगा।
मार्कस नॉर्थ के अनुसार हैरी ब्रूक सीमित ओवरों के क्रिकेट में बहुत शानदार काम कर रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान अगले साल आयोजित होने वाले वर्ल्ड कप पर केंद्रित है। ऐसे समय में उन पर टेस्ट कप्तानी का अतिरिक्त भार डालना रणनीतिक रूप से सही नहीं रहता। नॉर्थ ने कहा कि तीनों प्रारूपों में टीम की अगुवाई करना एक भारी जिम्मेदारी है, और अभी ब्रूक को इस दबाव से दूर रखकर उनके स्वाभाविक खेल को निखारना जरूरी था।
जो रूट का अनुभव और कप्तानी का पुराना रिकॉर्ड
इंग्लैंड के लिए 35 साल के जो रूट से अधिक अनुभवी विकल्प उपलब्ध नहीं था। रूट ने सबसे पहले साल 2017 में इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान संभाली थी। उन्होंने रिकॉर्ड 64 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड का नेतृत्व किया है, जिसमें से टीम को 28 मुकाबलों में जीत हासिल हुई। अप्रैल 2022 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली 10 विकेट की हार के बाद रूट ने स्वयं कप्तानी छोड़ने का निर्णय लिया था।
अब दोबारा कमान संभालने के बाद जो रूट टीम को स्थायित्व प्रदान करेंगे। मार्कस नॉर्थ ने कहा कि इंग्लैंड क्रिकेट भाग्यशाली है कि उसके पास जो रूट जैसा अनुभवी खिलाड़ी मौजूद है। जो रूट टेस्ट टीम का नेतृत्व करने के साथ-साथ सीमित ओवरों के क्रिकेट में हैरी ब्रूक और हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ मिलकर टीम को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
हैरी ब्रूक के भविष्य और भावी नेतृत्व की योजना
चयनकर्ताओं का मानना है कि हैरी ब्रूक के लिए टेस्ट कप्तानी के रास्ते बंद नहीं हुए हैं। मार्कस नॉर्थ ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में हैरी ब्रूक का भी दौर जरूर आएगा और वे भविष्य में टेस्ट टीम की कमान संभालने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे। फिलहाल इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने फॉर्मेट के हिसाब से कप्तानी का विभाजन रखकर अपनी टीमों को संतुलित बनाए रखने का फैसला किया है।



















