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उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में 125 करोड़ से बदलेगी बुनियादी तस्वीर, सड़क और ड्रेनेज का मास्टर प्लान तैयारदिल्ली
21 सित॰ 2026, 9:45 am (57 मिनट पहले)· 2

उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में 125 करोड़ से बदलेगी बुनियादी तस्वीर, सड़क और ड्रेनेज का मास्टर प्लान तैयार

दिल्ली सरकार ने बुराड़ी क्षेत्र में 125 करोड़ रुपये की लागत से 7.1 किलोमीटर सड़क सुधार और 9.3 किलोमीटर ड्रेनेज नेटवर्क तैयार करने की योजना बनाई है, जिससे लाखों निवासियों को जलभराव और खराब रास्तों से राहत मिलेगी।

उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में वर्षों से बदहाल रास्तों और सीवर तथा बारिश के पानी के जमाव से जूझ रहे स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी योजना सामने आई है। इस क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए 125 करोड़ रुपये के व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई है। इस नई परियोजना के अमल में आने से बुराड़ी के करीब 15 लाख स्थायी बाशिंदों के साथ आसपास के इलाकों से गुजरने वाले लाखों दैनिक यात्रियों को रोजमर्रा की आवाजाही में सीधा लाभ पहुंचेगा।

लंबे समय से बनी बदहाली और भारी जलभराव से मिलेगा छुटकारा

बुराड़ी क्षेत्र में काफी समय से खस्ताहाल सड़कें, गड्ढे और निकासी तंत्र का अभाव स्थानीय जनता की मुख्य समस्या बने हुए थे। बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी भर जाने से हालात इतने बदतर हो जाते थे कि इस इलाके की तुलना पाकिस्तान के सबसे गंदे शहरों में गिने जाने वाले रावलपिंडी तक से की जाने लगी थी। जलभराव के चलते यातायात ठप होना, गाड़ियों का खराब होना और पैदल चलने वालों के लिए रास्ते बंद होना आम बात हो गई थी। कनेक्टिविटी की भारी दिक्कतों ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर रखा था। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग ने एक साथ सड़क और स्टॉर्म-वॉटर ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने का समन्वित खाका खींचा है।

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तीन हिस्सों में बंटेगी 7.1 किमी सड़क, आरसीसी और बिटुमिनस का होगा इस्तेमाल

पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने हाल ही में बुराड़ी रोड तथा आसपास के ड्रेनेज कार्यों का मौका मुआयना किया था, जिसके बाद पूरे कॉरिडोर के कायाकल्प की योजना को हरी झंडी दी गई। मास्टर प्लान के तहत 7.1 किलोमीटर लंबी बुराड़ी रोड को तीन अलग-अलग हिस्सों में विभाजित करके सुधारा जाएगा।

योजना के अनुसार, पहला हिस्सा आउटर रिंग रोड से शुरू होकर बाबा कॉलोनी तक जाएगा, जिसे बिटुमिनस सड़क के रूप में मजबूती दी जाएगी। इसके आगे बाबा कॉलोनी से लेकर नाथुपुरा तक 3.9 किलोमीटर का स्ट्रेच तैयार होगा। इस हिस्से को अत्यधिक टिकाऊ बनाने के लिए आरसीसी सड़क के रूप में बनाया जाएगा, जिस पर करीब 39 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। तीसरे चरण में नाथुपुरा से हिरंकी तक का बचा हुआ हिस्सा फिर से बिटुमिनस तकनीक से सुधारा जाएगा, जिसकी लागत लगभग 9 करोड़ रुपये आंकी गई है। पूरे 7.1 किलोमीटर के मार्ग पर वाहनों की सुगम और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बीच में सेंट्रल वर्ज का निर्माण भी किया जाएगा।

75 करोड़ से बनेगा 9.3 किलोमीटर लंबा जल निकासी नेटवर्क

सड़क निर्माण के साथ-साथ इस इलाके की सबसे बड़ी जड़ यानी जलभराव को खत्म करने पर भी बड़ा बजट लगाया जा रहा है। कुल परियोजना में से 75 करोड़ रुपये केवल 9.3 किलोमीटर लंबे विस्तृत ड्रेनेज नेटवर्क के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत अमृत विहार से लेकर बंगाली कॉलोनी तक सड़क के दोनों तरफ पक्के नाले बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, स्वरुप नगर मोड़ से लेकर बुराड़ी क्रीक तक भी ड्रेनेज सुधार का जरूरी काम पूरा किया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक, ड्रेनेज से जुड़े कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पहले ही मुकम्मल हो चुकी है, जबकि सड़क निर्माण से संबंधित टेंडर आगामी 10 दिनों के भीतर जारी किए जाने की उम्मीद है। दोनों काम एक साथ चलने से बार-बार सड़क खोदने की नौबत नहीं आएगी।

गुणवत्ता नियंत्रण, समन्वय और धूल से बचाव के कड़े निर्देश

लोक निर्माण विभाग के मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि निर्माण कार्य के दौरान सख्त गुणवत्ता नियंत्रण बरता जाए। संबंधित विभागों को आपस में पूरा तालमेल बनाए रखने को कहा गया है, ताकि काम में कोई अड़चन न आए और स्थानीय निवासियों को बार-बार असुविधा न झेलनी पड़े।

सड़क और नाले की खुदाई के दौरान उड़ने वाली धूल से यात्रियों तथा आसपास रहने वाले लोगों को सांस की परेशानी न हो, इसके लिए प्रभावित इलाकों में नियमित अंतराल पर पानी का छिड़काव अनिवार्य किया गया है। पूरी योजना का उद्देश्य बुराड़ी को एक मजबूत और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करना है।

सवाल-जवाब

बुराड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का कुल बजट कितना है?
इस व्यापक अपग्रेड प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत करीब 125 करोड़ रुपये रखी गई है।
इस योजना के तहत कितनी लंबी सड़क और ड्रेनेज बनाई जाएगी?
इसके तहत 7.1 किलोमीटर लंबी सड़क का जीर्णोद्धार और 9.3 किलोमीटर लंबा ड्रेनेज नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
सड़क निर्माण को किन तीन चरणों में बांटा गया है?
आउटर रिंग रोड से बाबा कॉलोनी बिटुमिनस सड़क बनेगी, बाबा कॉलोनी से नाथुपुरा तक 39 करोड़ की आरसीसी सड़क बनेगी, और नाथुपुरा से हिरंकी तक 9 करोड़ की बिटुमिनस सड़क तैयार होगी।
ड्रेनेज नेटवर्क पर कितना खर्च होगा और नाले कहां बनेंगे?
ड्रेनेज पर 75 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसके तहत अमृत विहार से बंगाली कॉलोनी तक दोनों तरफ और स्वरुप नगर मोड़ से बुराड़ी क्रीक तक नाले बनेंगे।
परियोजना की टेंडर प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति क्या है?
ड्रेनेज कार्यों के टेंडर पूरे हो चुके हैं, जबकि सड़क निर्माण के टेंडर 10 दिनों में जारी होने की उम्मीद है।
निर्माण के दौरान उड़ने वाली धूल से राहत के लिए क्या उपाय किए जाएंगे?
धूल नियंत्रण के लिए निर्माण से प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाएगा।
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टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·6 मिनट पहले

बुराड़ी के इस 125 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट का राजनीतिक और प्रशासनिक असर दूरगामी होगा। 15 लाख की आबादी वाले इस तेजी से बढ़ते अनियोजित क्षेत्र में जल निकासी और सड़कों का कायाकल्प आगामी स्थानीय चुनावों से पहले सत्ताधारी दल के लिए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है। हालांकि, इस तरह के बड़े सिविल प्रोजेक्ट्स की सफलता पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि पीडब्ल्यूडी तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता से समझौता किए बिना इसका क्रियान्वयन पूरा कर पाता है या नहीं।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·5 मिनट पहले

बुराड़ी के इस विशाल बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट का सीधा असर स्थानीय जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा। पंद्रह लाख की घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में वर्षों से गंभीर जलभराव और खुले सीवर के कारण मच्छरों का प्रकोप, जलजनित बीमारियां और श्वसन संबंधी समस्याएं आम थीं। सड़क और ड्रेनेज नेटवर्क के सुधरने से न सिर्फ संक्रामक रोगों के जोखिम में कमी आएगी, बल्कि निवासियों के मानसिक स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी सकारात्मक सुधार दर्ज होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·27 मिनट पहले

बुराड़ी के इस 125 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट से 15 लाख लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन असली चुनौती समय पर काम पूरा करना और निर्माण गुणवत्ता बनाए रखना होगी। 7.1 किलोमीटर के इस कॉरिडोर पर जल निकासी के लिए 75 करोड़ का बजट यह साबित करता है कि मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से निपटना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यदि यह मास्टर प्लान बिना किसी प्रशासनिक देरी के ज़मीन पर उतरा, तो यह बाहरी दिल्ली के अन्य अनियोजित क्षेत्रों के लिए एक मॉडल बन सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·27 मिनट पहले

यह परियोजना स्वागत योग्य है, परंतु एक आपराधिक मामले और जाँच रिपोर्टों के विशेषज्ञ के रूप में मेरा मानना है कि सार्वजनिक धन के ऐसे बड़े आवंटनों में वित्तीय भ्रष्टाचार और टेंडर में मिलीभगत का खतरा हमेशा बना रहता है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा पर केवल कागजी निरीक्षण से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसके लिए एक स्वतंत्र थर्ड-पार्टी ऑडिट अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि 125 करोड़ रुपये के इस फंड का दुरुपयोग न हो सके।

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