उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में वर्षों से बदहाल रास्तों और सीवर तथा बारिश के पानी के जमाव से जूझ रहे स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी योजना सामने आई है। इस क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए 125 करोड़ रुपये के व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई है। इस नई परियोजना के अमल में आने से बुराड़ी के करीब 15 लाख स्थायी बाशिंदों के साथ आसपास के इलाकों से गुजरने वाले लाखों दैनिक यात्रियों को रोजमर्रा की आवाजाही में सीधा लाभ पहुंचेगा।
लंबे समय से बनी बदहाली और भारी जलभराव से मिलेगा छुटकारा
बुराड़ी क्षेत्र में काफी समय से खस्ताहाल सड़कें, गड्ढे और निकासी तंत्र का अभाव स्थानीय जनता की मुख्य समस्या बने हुए थे। बारिश के दिनों में सड़कों पर पानी भर जाने से हालात इतने बदतर हो जाते थे कि इस इलाके की तुलना पाकिस्तान के सबसे गंदे शहरों में गिने जाने वाले रावलपिंडी तक से की जाने लगी थी। जलभराव के चलते यातायात ठप होना, गाड़ियों का खराब होना और पैदल चलने वालों के लिए रास्ते बंद होना आम बात हो गई थी। कनेक्टिविटी की भारी दिक्कतों ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर रखा था। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग ने एक साथ सड़क और स्टॉर्म-वॉटर ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने का समन्वित खाका खींचा है।
तीन हिस्सों में बंटेगी 7.1 किमी सड़क, आरसीसी और बिटुमिनस का होगा इस्तेमाल
पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने हाल ही में बुराड़ी रोड तथा आसपास के ड्रेनेज कार्यों का मौका मुआयना किया था, जिसके बाद पूरे कॉरिडोर के कायाकल्प की योजना को हरी झंडी दी गई। मास्टर प्लान के तहत 7.1 किलोमीटर लंबी बुराड़ी रोड को तीन अलग-अलग हिस्सों में विभाजित करके सुधारा जाएगा।
योजना के अनुसार, पहला हिस्सा आउटर रिंग रोड से शुरू होकर बाबा कॉलोनी तक जाएगा, जिसे बिटुमिनस सड़क के रूप में मजबूती दी जाएगी। इसके आगे बाबा कॉलोनी से लेकर नाथुपुरा तक 3.9 किलोमीटर का स्ट्रेच तैयार होगा। इस हिस्से को अत्यधिक टिकाऊ बनाने के लिए आरसीसी सड़क के रूप में बनाया जाएगा, जिस पर करीब 39 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। तीसरे चरण में नाथुपुरा से हिरंकी तक का बचा हुआ हिस्सा फिर से बिटुमिनस तकनीक से सुधारा जाएगा, जिसकी लागत लगभग 9 करोड़ रुपये आंकी गई है। पूरे 7.1 किलोमीटर के मार्ग पर वाहनों की सुगम और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बीच में सेंट्रल वर्ज का निर्माण भी किया जाएगा।
75 करोड़ से बनेगा 9.3 किलोमीटर लंबा जल निकासी नेटवर्क
सड़क निर्माण के साथ-साथ इस इलाके की सबसे बड़ी जड़ यानी जलभराव को खत्म करने पर भी बड़ा बजट लगाया जा रहा है। कुल परियोजना में से 75 करोड़ रुपये केवल 9.3 किलोमीटर लंबे विस्तृत ड्रेनेज नेटवर्क के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत अमृत विहार से लेकर बंगाली कॉलोनी तक सड़क के दोनों तरफ पक्के नाले बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, स्वरुप नगर मोड़ से लेकर बुराड़ी क्रीक तक भी ड्रेनेज सुधार का जरूरी काम पूरा किया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, ड्रेनेज से जुड़े कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पहले ही मुकम्मल हो चुकी है, जबकि सड़क निर्माण से संबंधित टेंडर आगामी 10 दिनों के भीतर जारी किए जाने की उम्मीद है। दोनों काम एक साथ चलने से बार-बार सड़क खोदने की नौबत नहीं आएगी।
गुणवत्ता नियंत्रण, समन्वय और धूल से बचाव के कड़े निर्देश
लोक निर्माण विभाग के मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि निर्माण कार्य के दौरान सख्त गुणवत्ता नियंत्रण बरता जाए। संबंधित विभागों को आपस में पूरा तालमेल बनाए रखने को कहा गया है, ताकि काम में कोई अड़चन न आए और स्थानीय निवासियों को बार-बार असुविधा न झेलनी पड़े।
सड़क और नाले की खुदाई के दौरान उड़ने वाली धूल से यात्रियों तथा आसपास रहने वाले लोगों को सांस की परेशानी न हो, इसके लिए प्रभावित इलाकों में नियमित अंतराल पर पानी का छिड़काव अनिवार्य किया गया है। पूरी योजना का उद्देश्य बुराड़ी को एक मजबूत और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करना है।























