एशियन गेम्स 2026 में महिला लॉन्ग जंप स्पर्धा का खिताबी मुकाबला आखिरी सेकंड तक बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा। भारत की स्टार एथलीट एन्सी सोजन एडाप्पिल्ली ने प्रतियोगिता के दौरान लंबे समय तक स्वर्ण पदक की रेस में अपनी बढ़त बनाए रखी थी, लेकिन अंतिम और निर्णायक प्रयास में बाजी पूरी तरह पलट गई। चीन की खिलाड़ी हुआंग यिंगयिंग ने शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया। हुआंग ने 6.55 मीटर की अपनी बेहतरीन छलांग के जरिए एन्सी को महज 2 सेंटीमीटर के अंतर से पीछे छोड़ दिया। इसके चलते एन्सी सोजन को 6.53 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा।
आखिरी क्षणों में हाथ से फिसला गोल्ड मेडल
पच्चीस वर्षीय एन्सी ने इस उच्च दबाव वाले मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक और शानदार अंदाज में की थी। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 6.49 मीटर की छलांग लगाकर प्रतियोगिता में बढ़त हासिल कर ली थी। इसके बाद पांचवें राउंड में उन्होंने अपने खेल को और अधिक निखारते हुए 6.53 मीटर का शानदार आंकड़ा छुआ। इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद वह स्वर्ण पदक की सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आईं और अंतिम दौर के शुरू होने तक शीर्ष स्थान पर काबिज थीं। हालांकि, प्रतियोगिता के छठे और अंतिम प्रयास में चीन की हुआंग यिंगयिंग ने पूरा समीकरण बदल दिया। हुआंग ने उस रात का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6.55 मीटर की छलांग लगाई। इस तरह उन्होंने एन्सी के 6.53 मीटर के स्कोर को केवल 2 सेंटीमीटर के अंतर से पछाड़कर बाजी अपने नाम कर ली।
एन्सी अपनी आखिरी छलांग में 6.49 मीटर ही कूद सकीं, जिसके कारण वह अपने पांचवें प्रयास के स्कोर में सुधार नहीं कर पाईं। इसके बावजूद उन्होंने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल अपने नाम करते हुए एक खास उपलब्धि जरूर दर्ज की है।
शाइली सिंह को करना पड़ा चौथे स्थान से संतोष
इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत की एक अन्य खिलाड़ी शाइली सिंह भी पदक की दौड़ में काफी समय तक मजबूती से बनी हुई थीं। उन्होंने शुरुआती दौर में 6.41 मीटर और फिर 6.42 मीटर की छलांग लगाकर लंबे समय तक तीसरा स्थान सुरक्षित रखा था। लेकिन मुकाबले के अंतिम क्षणों में चीन की एक अन्य एथलीट तान मेंगयी ने 6.46 मीटर की छलांग लगाकर बड़ा उलटफेर कर दिया। तान नेगयी ने शाइली को पीछे धकेलते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया, जबकि शाइली सिंह 6.42 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर खिसक गईं। इस प्रकार लॉन्ग जंप के इस कड़े मुकाबले में चीन ने गोल्ड और ब्रॉन्ज दोनों पदकों पर कब्जा जमा लिया, जबकि भारत के हिस्से में सिल्वर मेडल आया। प्रतियोगिता का परिणाम अंतिम छलांगों के बाद नाटकीय रूप से बदल गया, जिससे पोडियम की तस्वीर ही बदल गई।
शाइली सिंह के लिए यह मुकाबला कई मायनों में काफी निराशाजनक भी साबित हुआ। मैदान पर लगातार चल रही तेज हवा और बारिश जैसी प्रतिकूल और मुश्किल परिस्थितियों के कारण उन्हें अपनी लय हासिल करने में परेशानी हुई। उन्होंने कई बार टेक-ऑफ लाइन से पहले ही छलांग लगा दी, जिसका सीधा असर उनके प्रदर्शन और स्कोरिंग पर पड़ा। एक प्रयास के फाउल होने या स्कोरिंग को लेकर उन्होंने तकनीकी अधिकारियों के साथ लंबी बातचीत भी की, लेकिन अंततः फैसला उनके पक्ष में नहीं आया। एन्सी सोजन के इस सिल्वर मेडल के साथ ही 2026 एशियन गेम्स में भारत का व्यक्तिगत स्वर्ण पदक का इंतजार अभी भी बना हुआ है। हालांकि लॉन्ग जंप के मैदान पर इस शानदार प्रदर्शन ने देश की झोली में एक और महत्वपूर्ण मेडल जरूर डाल दिया है।



















