इंग्लैंड के बहुप्रतिभाशाली ऑलराउंडर डैनी लैम्ब ने महज 30 साल की उम्र में पेशेवर क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का बड़ा फैसला किया है। गंभीर शारीरिक समस्याओं के चलते इस युवा खिलाड़ी को समय से पहले ही अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कहना पड़ा। गर्दन में हुई गंभीर इंजरी और स्पाइनल कॉर्ड को पहुंचे नुकसान के कारण डैनी लैम्ब को यह फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ा है। एक दशक से भी लंबे घरेलू क्रिकेट करियर में शानदार प्रदर्शन करने वाले इस ऑलराउंडर के संन्यास की खबर ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है।
गर्दन की सर्जरी के बाद भी ठीक नहीं हो सकी इंजरी
डैनी लैम्ब की स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआत चालू सीजन की शुरुआत में हुई थी, जब उन्हें गर्दन में डिस्क हर्निएशन की गंभीर शिकायत हुई। इस डिस्क हर्निएशन का असर उनकी स्पाइनल कॉर्ड पर भी पड़ा, जिससे रीढ़ की हड्डी के तंत्रिका तंत्र को भारी नुकसान पहुंचा। अपनी चोट को ठीक करने और खेल में वापसी की उम्मीद से लैम्ब ने सर्जरी कराने का विकल्प चुना। हालांकि, जटिल ऑपरेशन और चिकित्सा देखभाल के बावजूद उनकी गर्दन की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आ सका और इंजरी पूरी तरह ठीक नहीं हो सकी। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति का गहन अध्ययन करने के बाद सलाह दी कि भविष्य में खेलना उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों की इस स्पष्ट राय के बाद लैम्ब ने संन्यास का ऐलान कर दिया।
लैम्ब ने स्वास्थ्य को दी प्राथमिकता और जताया आभार
चोट के कारण खेल से दूर होना किसी भी एथलीट के लिए एक भावुक और कठिन क्षण होता है। डैनी लैम्ब ने स्वीकार किया कि इंजरी की वजह से अपने करियर को इस तरह समाप्त करना अत्यंत कठिन निर्णय था। हालांकि, उन्होंने माना कि अपने लंबे समय के स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा के लिए खेल को छोड़ना ही सबसे व्यावहारिक रास्ता था।
अपने संन्यास पर बात करते हुए लैम्ब ने कहा कि डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि लंबे समय के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह बिल्कुल सही फैसला है। अपने करियर के दौरान लैम्ब ने घरेलू क्रिकेट में दो प्रमुख काउंटी टीमों, ससेक्स और लंकाशायर का प्रतिनिधित्व किया। दोनों टीमों के लिए सभी प्रारूपों में खेलने के अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे ससेक्स और लंकाशायर का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलने पर बेहद आभारी हैं। लैम्ब ने यह भी कहा कि मैदान पर उतरकर उन्होंने हमेशा टीम की जीत में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का प्रयास किया है।
एक दशक लंबा करियर: तीनों प्रारूपों के आंकड़े
डैनी लैम्ब ने एक दशक से भी अधिक लंबे अपने पेशेवर करियर में गेंद और बल्ले दोनों से ही बेहतरीन प्रदर्शन कर अपनी उपयोगिता साबित की। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने 38 मुकाबले खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने बल्ले से 1232 रन बनाए और अपनी किफायती व धारदार गेंदबाजी के दम पर 68 विकेट हासिल करने में कामयाबी पाई।
सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी डैनी लैम्ब का प्रदर्शन बेहद प्रभावी रहा। लिस्ट-ए क्रिकेट के 34 मुकाबलों में खेलते हुए लैम्ब ने 45 विकेट अपने नाम किए और 592 रन भी बनाए। इसके अलावा फटाफट क्रिकेट यानी टी20 फॉर्मेट में भी उनका जलवा कायम रहा, जहां उन्होंने 61 मुकाबलों में हिस्सा लेते हुए 61 विकेट चटकाए और 578 रन बनाए। अपने संपूर्ण पेशेवर करियर में डैनी लैम्ब ने कुल मिलाकर 2000 से अधिक रन (कुल 2402 रन) बनाए और 150 से अधिक विकेट (कुल 174 विकेट) हासिल किए। उनका यह बहुमूल्य योगदान ससेक्स और लंकाशायर काउंटी टीमों के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।



















