गॉल टेस्ट मुकाबले में भारतीय टीम इस समय जीत की दहलीज पर खड़ी है, लेकिन इस महत्वपूर्ण मोड़ पर केवल विरोधी टीम ही नहीं बल्कि आसमान से बरसने वाली मुसीबत भी चुनौती बन सकती है। मौसम का मिजाज ऐसा है कि यह भारत की विजय की उम्मीदों पर पानी फेरने का पूरा दम रखता है। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने के तुरंत बाद एहतियात बरतते हुए गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम के पूरे मैदान और पिच को वाटरप्रूफ कवर से ढक दिया गया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि चौथे दिन भी मौसम खेल के रोमांच को बीच में रोक सकता है। भारतीय टीम ने पहली पारी में शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 284 रन के कुल योग पर समेट दिया था और इसके आधार पर 178 रन की एक मजबूत और निर्णायक बढ़त अपने नाम कर ली है। हालांकि, श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने जिस दृढ़ता के साथ तीसरे सत्र में वापसी की और संघर्ष दिखाया, उससे यह मुकाबला पूरी तरह से एकतरफा नहीं रह गया है। भारतीय खिलाड़ियों को अब मैदान पर विरोधी टीम के साथ-साथ बादलों की चाल से भी कड़ा मुकाबला करना होगा।
चौथे दिन कैसा रहेगा गॉल का मौसम?
गॉल के स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, चौथे दिन सुबह 10 बजे बारिश होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। मौजूदा पूर्वानुमानों के मुताबिक खेल के लिहाज से यही वह समय है जब बारिश का खतरा अपने चरम पर नजर आ रहा है। दिन की शुरुआत में सुबह 10 बजे वर्षा की संभावना करीब 56 प्रतिशत आंकी गई है, जो धीरे-धीरे दोपहर 1 बजे तक घटकर लगभग 20 प्रतिशत तक आ जाएगी। इसके बाद के समय में आसमान में लगातार घने बादल छाए रहने की पूरी संभावना है। यदि आज के इन मौसमी आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए, तो पूरे दिन का निर्धारित खेल होने की उम्मीद तो की जा सकती है, लेकिन इस दौरान लगभग एक घंटे का खेल बारिश की भेंट चढ़ जाने की पूरी आशंका बनी हुई है। मौसम का यह उतार-चढ़ाव इस बात को तय करेगा कि भारतीय टीम कितनी तेजी से अपने विजय लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ पाती है।
तीसरे दिन श्रीलंका 284 रन पर ढेर
मैच के तीसरे दिन भारतीय गेंदबाजी आक्रमण ने बेहतरीन अनुशासन दिखाते हुए श्रीलंका की पहली पारी को 284 रन पर ही समेट दिया। भारत की तरफ से फिरकी गेंदबाज मानव सुथार ने बेहद किफायती और असरदार गेंदबाजी करते हुए 76 रन के एवज में चार महत्वपूर्ण शिकार किए, जबकि अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने भी 57 रन खर्च करके तीन श्रीलंकाई बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। एक समय जब खेल का मध्यांतर यानी लंच हुआ था, तब श्रीलंका का स्कोर पांच विकेट के नुकसान पर मात्र 99 रन था और हर किसी को यह लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज बहुत जल्द ही मेजबान टीम की पारी का अंत कर देंगे। लेकिन इसके बाद सोनल दिनुशा ने क्रीज पर अद्भुत जुझारूपन का परिचय दिया और अपने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर का पहला शानदार शतक ठोक दिया। उन्होंने सूझबूझ भरी पारी खेलते हुए 168 गेंदों का सामना किया और अपने 100 रन पूरे किए।
सोनल दिनुशा ने टीम के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए एक बेहद मजबूत साझेदारी की। दोनों ने मिलकर 216 गेंदों का सामना करते हुए 146 मूल्यवान रन जोड़े और भारतीय गेंदबाजों को काफी लंबे समय तक सफलता के लिए तरसा दिया। निरोशन डिकवेला ने भी अपनी तरफ से जिम्मेदारी निभाते हुए 115 गेंदों पर 80 रन की शानदार पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर खेल के दूसरे सत्र में 116 रन बटोरे और भारत को एक भी सफलता हाथ नहीं लगने दी। हालांकि, इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने धैर्य बनाए रखते हुए आखिरकार श्रीलंका की पारी को 284 रन पर रोक दिया और पहली पारी के आधार पर 178 रन की बढ़त हासिल कर ली। अब सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि चौथे दिन मौसम का मिजाज कैसा रहता है और भारतीय टीम कितनी तेजी से अपनी जीत की मंजिल तक पहुंचती है।



















