किसी भी क्रिकेटर के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना किसी सपने के सच होने जैसा होता है। हालांकि श्रीलंका के पसिंदू सोरियाबंदारा ने अपने पदार्पण को लेकर जैसी कल्पना की होगी, हकीकत उससे बिल्कुल अलग साबित हुई। मुकाबला शुरू होने के वक्त वे श्रीलंका की मूल प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे, लेकिन अचानक एक नाटकीय घटनाक्रम के बीच उन्हें मैदान पर उतरना पड़ गया। उन्होंने लंबे समय तक क्षेत्ररक्षण किया, लेकिन जब बल्लेबाजी की बारी आई तो वे पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए।
दिनेश चंदीमल के चोटिल होने पर मिला कनकशन विकल्प
भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मुकाबले के दौरान यह अनोखी घटना देखने को मिली। जब श्रीलंकाई टीम मैदान पर उतरी थी, तब दिनेश चंदीमल उस ग्यारह सदस्यीय दल में शामिल थे। मुकाबला के दौरान जब भारतीय टीम बल्लेबाजी कर रही थी, तब बाउंड्री पर एक गेंद को रोकने के प्रयास में दिनेश चंदीमल का कंधा बुरी तरह चोटिल हो गया और उनके सिर पर भी चोट लग गई। उन्हें तुरंत चिकित्सीय जांच और स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि वे मुकाबले में आगे हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इसके बाद नियमों के तहत अंपायर और मैच रेफरी से बातचीत कर पसिंदू सोरियाबंदारा को कनकशन विकल्प के रूप में टीम में शामिल किया गया। भारतीय पारी के दौरान उन्होंने मैदान पर काफी समय बिताया और फील्डिंग का जिम्मा संभाला, जिसके तुरंत बाद श्रीलंका की दूसरी पारी का आगाज हुआ।
मानव सुतार की गेंद पर शून्य पर आउट हुए पसिंदू सोरियाबंदारा
इस मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रनों का विशाल लक्ष्य रखा है। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उसका पहला विकेट जल्दी गिर गया। निसान मधुष्का केवल छह रन बनाकर मोहम्मद सिराज की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद बल्लेबाजी क्रम में तीसरे नंबर पर पसिंदू सोरियाबंदारा क्रीज पर आए। उनका मुकाबला करने के लिए भारत की तरफ से मानव सुतार गेंदबाजी कर रहे थे। पसिंदू सोरियाबंदारा मानव सुतार की पहली ही गेंद पर गच्चा खा गए और अपना विकेट गंवा बैठे, जिससे वे अपने डेब्यू मैच में ही गोल्डन डक का शिकार हो गए।
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद नहीं चला बल्ला
पसिंदू सोरियाबंदारा का जन्म 19 अक्टूबर 1999 को कोलंबो में हुआ था और वर्तमान में उनकी उम्र 26 साल है। यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था, हालांकि इससे पहले वे घरेलू स्तर पर प्रथम श्रेणी, लिस्ट ए और टी20 मुकाबले खेल चुके हैं। घरेलू सर्किट में उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है और उनके नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 14 शतक दर्ज हैं। इसी मजबूत घरेलू रिकॉर्ड के आधार पर उन्हें भारत के खिलाफ इस सीरीज के लिए चुना गया था। हालांकि बीच मैच में मिली इस आकस्मिक एंट्री का वे फायदा उठाने में पूरी तरह असफल रहे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उन्हें अगले मैच में अपनी काबिलियत साबित करने का एक और मौका मिलता है या नहीं, क्योंकि दिनेश चंदीमल के इतनी जल्दी पूरी तरह फिट होने की संभावना काफी कम नजर आ रही है।


















