अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जब जीत का दबाव चरम पर होता है, तो कभी-कभी अनुभवी खिलाड़ी भी मैदान पर ऐसी अनूठी हरकत कर बैठते हैं जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होती। ऐसा ही एक चर्चित वाकया साल 2008 में खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के चौथे टेस्ट मैच के दौरान सामने आया था। जब ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर ब्रैड हैडिन ने गेंद को रोकने की जल्दबाजी में अपना दस्ताना उतारकर फेंक दिया, तब अंपायर बिली बोडेन ने नियम के अनुसार भारतीय टीम को उपहार स्वरूप 5 पेनल्टी रन दे दिए थे।
नागपुर टेस्ट मैच में घटी थी यह अजीबोगरीब घटना
यह पूरा मामला नागपुर में खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच में भारत की दूसरी पारी के समय का है। मेजबान भारतीय टीम मुकाबला जीतने के लिए बेहद मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी और ऑस्ट्रेलियाई टीम किसी भी तरह रन गति पर लगाम लगाने के प्रयास कर रही थी। इसी दौरान दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर बल्लेबाजी कर रहे थे। एक गेंद सचिन तेंदुलकर के पैड से टकराने के बाद धीमी गति से फाइन लेग की तरफ लुढ़कने लगी।
हालांकि गेंद की रफ्तार धीमी थी, लेकिन वह विकेटकीपर ब्रैड हैडिन की सीधी पहुंच से थोड़ी दूर जा रही थी। सामान्य तौर पर ऐसी स्थिति में विकेटकीपर तेजी से दौड़कर गेंद को पकड़ने का प्रयास करता है। इसके विपरीत, ब्रैड हैडिन ने दबाव में आकर एक अप्रत्याशित कदम उठाया। उन्होंने झटके से अपने हाथ का कीपिंग ग्लव्स उतारा और उसे सीधे दौड़ती हुई गेंद पर फेंककर मार दिया। दस्ताना गेंद पर जा लगा और गेंद वहीं रुक गई। ब्रैड हैडिन को लगा कि उन्होंने अपनी टीम के लिए कुछ रन बचा लिए हैं, लेकिन उनकी यह खुशी कुछ ही पलों में समाप्त हो गई।
अंपायर बिली बोडेन का तुरंत और कड़ा एक्शन
मैदान पर खड़े न्यूजीलैंड के अंपायर बिली बोडेन बेहद सतर्क थे। उन्होंने जैसे ही देखा कि फील्डर ने अपने शरीर के हिस्से का इस्तेमाल करने के बजाय उतारे हुए दस्ताने से गेंद को रोका है, उन्होंने तुरंत खेल रोक दिया। इसके बाद बिली बोडेन ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग को अपने पास बुलाया और उन्हें क्रिकेट के इस विशेष नियम की जानकारी दी।
अंपायर बिली बोडेन ने अपने प्रसिद्ध अंदाज में कंधे पर हाथ थपथपाकर 5 पेनल्टी रनों का इशारा किया। ये 5 रन तुरंत भारतीय टीम के कुल स्कोर में जोड़ दिए गए। ब्रैड हैडिन का यह प्रयास ऑस्ट्रेलियाई टीम की हताशा को दर्शा रहा था। भारतीय टीम ने बाद में यह मैच 172 रनों से अपने नाम किया और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था।
क्या कहता है मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब का नियम 28.2?
क्रिकेट के नियमों का निर्धारण करने वाली संस्था मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के नियम 28.2 के तहत मैदान पर इस प्रकार से गेंद रोकना अवैध माना जाता है। नियम के अनुसार, मैदान पर मौजूद कोई भी खिलाड़ी, चाहे वह विकेटकीपर ही क्यों न हो, गेंद को रोकने या फेंकने के लिए अपने शरीर के अंगों के अलावा किसी बाहरी वस्तु या उतारे गए कपड़ों (जैसे टोपी या दस्ताने) का उपयोग नहीं कर सकता है।
यदि कोई खिलाड़ी जानबूझकर कपड़े या उपकरण फेंककर गेंद को रोकता है, तो गेंद को तुरंत डेड घोषित कर दिया जाता है। इस स्थिति में अंपायर बिना किसी देरी के बल्लेबाजी कर रही टीम को 5 पेनल्टी रन प्रदान करते हैं। क्रिकेट में अक्सर हेलमेट पर गेंद लगने से 5 पेनल्टी रन मिलते देखे जाते हैं, लेकिन किसी विकेटकीपर द्वारा लाइव मैच में दस्ताना फेंककर गेंद रोकने की यह घटना बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक मानी जाती है।



















