महिला क्रिकेट के इतिहास में भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है जिसकी गूंज लंबे समय तक सुनाई देगी। विमेंस एशिया कप के निर्णायक खिताबी भिड़ंत में श्रीलंका के गेंदबाजों के सामने भारतीय ओपनर्स ने विस्फोटक तेवर दिखाते हुए रनों की झड़ी लगा दी। पहले विकेट के लिए दोनों बल्लेबाजों के बीच 129 रनों का बेमिसाल तालमेल देखने को मिला। विमेंस टी20 इंटरनेशनल में किसी भी टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में पहले विकेट की यह अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी दर्ज हो चुकी है। इस आक्रामक शुरुआत ने न सिर्फ विरोधी खेमे की रणनीतियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया, बल्कि भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में भी खड़ा कर दिया।
वेस्टइंडीज के दस बरस पुराने कीर्तिमान का हुआ अंत
इस धाकड़ प्रदर्शन के साथ ही भारतीय सलामी जोड़ी ने वेस्टइंडीज की हेली मैथ्यूज और स्टेफनी टेलर के नाम दर्ज ऐतिहासिक उपलब्धि को पीछे छोड़ दिया। साल 2016 के दौरान कोलकाता के मशहूर ईडन गार्डन्स में आयोजित टी20 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के सामने मैथ्यूज और टेलर की जोड़ी ने 120 रनों की अविस्मरणीय ओपनिंग साझेदारी की थी। करीब एक दशक तक यह आंकड़ा महिला टी20 खिताबी मुकाबलों का सर्वोच्च ओपनिंग रिकॉर्ड बना रहा। रविवार के दिन मैदान पर उतरी भारतीय जोड़ी ने उस दस साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे धकेलते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिखाया।
मैदान पर शेफाली का विस्फोटक अंदाज और मंधाना की नजाकत
मुकाबले के पहले ही ओवर से भारतीय रणनीति बिल्कुल आक्रामक और स्पष्ट नजर आ रही थी। एक छोर से शेफाली वर्मा बिना किसी दबाव के अपनी ताकतवर बाउंड्रीज बटोर रही थीं, तो दूसरी ओर स्मृति मंधाना ने नजाकत, सटीक टाइमिंग और परिपक्वता का मुजाहिरा पेश किया। दोनों खिलाड़ियों ने 12.5 ओवर तक श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल कर रखा। शेफाली ने खासतौर पर विपक्षी कप्तान चमारी अटापट्टू के शुरुआती ओवर पर कड़ा प्रहार किया। उस ओवर में शेफाली के बल्ले से निकले दो गगनचुंबी छक्कों और एक चौके ने स्टेडियम का रोमांच चरम पर पहुंचा दिया।
सलामी बल्लेबाजों के इस आक्रामक रुख की बदौलत भारत ने पावरप्ले के शुरुआती 6 ओवरों के भीतर बिना किसी नुकसान के 57 रन जोड़ लिए थे। फील्ड की पाबंदियां हटने के बाद भी दोनों छोर से रन गति कम नहीं हुई और टीम का कुल योग देखते ही देखते 90 रन की सीमा पार कर गया। शेफाली ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 24 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। जब शेफाली चौतरफा प्रहार कर रही थीं, तब मंधाना ने समझदारी से सिंगल और डबल निकालते हुए स्ट्राइक रोटेट की। मंधाना ने अपनी शुरुआती 22 गेंदों पर 23 रन जुटाकर छोर संभाले रखा और शेफाली को खुलकर बड़े शॉट्स खेलने की आजादी दी।
गियर बदलकर मंधाना ने भी दिखाया बल्ला
अर्धशतक पूरा होते ही जब शेफाली का तूफान कुछ संभला, तब मंधाना ने अपने खेलने का अंदाज पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने अपनी पारंपरिक क्लास और स्ट्रोक प्ले का शानदार प्रदर्शन किया। नीलाक्षी डी सिल्वा के खिलाफ मंधाना का खेला गया स्वीप शॉट सीधे छह रनों के लिए सीमा रेखा पार गया। इसके बाद चमुदी प्रबोधा की गेंद को उन्होंने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से बाउंड्री के पार भेज दिया। कवर क्षेत्र के ऊपर से उनका लगाया गया इनसाइड-आउट ड्राइव देखने लायक था। रनों की रफ्तार को तेज करते हुए मंधाना ने भी महज 35 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया।
अहम मोड़ पर साझेदारी टूटी और रन आउट का झटका
श्रीलंकाई खेमे के लिए सिरदर्द बन चुकी इस 129 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी पर ब्रेक तब लगा, जब शेफाली वर्मा 31 गेंदों में 68 रनों की तूफानी पारी खेलकर पवेलियन लौट गईं। प्रबोधा की गेंद पर उन्होंने एक और बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन गेंद 30 गज के दायरे में मुस्तैद चमारी अटापट्टू के सुरक्षित हाथों में समा गई। इसके कुछ ही समय बाद भारतीय पारी को स्मृति मंधाना के रूप में दूसरा बड़ा झटका लगा। कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ क्रीज पर रन लेने के तालमेल में हुई चूक के कारण मंधाना रन आउट हो गईं। इस पूरे टूर्नामेंट में यह तीसरा अवसर था जब मंधाना रन आउट होकर पवेलियन लौटीं।
डेथ ओवरों में श्रीलंका की गेंदबाजी वापसी और भारत का विशाल स्कोर
जब दोनों सलामी बल्लेबाज पवेलियन लौटीं, उस समय भारतीय टीम का स्कोरबोर्ड 15 ओवरों में 2 विकेट खोकर 140 रन दर्शा रहा था। हालांकि मैच के अंतिम 5 ओवरों में श्रीलंकाई गेंदबाजों ने अपनी दिशा और लंबाई पर बेहतर नियंत्रण हासिल किया और भारतीय रन गति पर लगाम लगाने में कामयाबी पाई। मध्यक्रम में ऋचा घोष ने 13 गेंदों का सामना करते हुए 17 रन जोड़े, लेकिन अंतिम ओवरों में रनों का प्रवाह धीमा रहा। भारत आखिरी की 30 गेंदों में सिर्फ 43 रन ही बटोर सका। इसके बावजूद, शुरुआती ओवरों में मंधाना और शेफाली द्वारा रखी गई मजबूत नींव के दम पर भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट पर 183 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने में सफल रही। इस रिकॉर्ड साझेदारी ने मैच में भारत का पलड़ा पूरी तरह भारी कर दिया।



















