इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में टीम इंडिया को कार्डिफ के सोफिया ग्राउंड में 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम पूरी पारी में सिर्फ 233 रन ही जोड़ पाई, और जवाब में इंग्लैंड ने जो रूट की नाबाद 99 रनों की पारी की बदौलत 44.1 ओवर में ही 235 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल टीम के प्रदर्शन से खासे निराश नजर आए और उन्होंने बल्लेबाजी क्रम से लेकर टीम की रणनीति तक हर पहलू पर खुलकर अपनी बात रखी।
गिल ने मैच के बाद कहा कि नतीजा टीम के लिए काफी निराशाजनक रहा। उनके मुताबिक 25 ओवर के बाद ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया 300 या 310 रन तक पहुंच सकती है, क्योंकि उस वक्त टीम मजबूत स्थिति में थी। लेकिन बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से पूरी पारी की लय बिगड़ गई और आखिरकार टीम तय अनुमान से काफी पीछे रह गई। गिल ने माना कि यही मध्य ओवरों की गड़बड़ी हार की सबसे बड़ी वजह बनी और इसी का खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा।
निचले क्रम की बल्लेबाजी से गिल नाखुश
कप्तान गिल सबसे ज्यादा निराश टीम के निचले क्रम की बल्लेबाजी से दिखे। उन्होंने कहा कि टीम के पुछल्ले बल्लेबाज बहुत मजबूत नहीं हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि निचला-मध्य क्रम इस मौके पर कुछ बेहतर करेगा। गिल के मुताबिक टीम को जो शुरुआत मिली थी, उसका पूरा फायदा नहीं उठाया जा सका। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि आगे जब टीम दोबारा ऐसी स्थिति में पहुंचेगी, तो निचले क्रम के बल्लेबाज छोटी-छोटी साझेदारियां बनाकर पारी को आगे ले जाने की कोशिश करेंगे, ताकि टीम बड़े स्कोर तक पहुंच सके।
वॉशिंगटन सुंदर की चोट ने बदली रणनीति
मैच के दौरान टीम इंडिया को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब बल्लेबाजी करते हुए वॉशिंगटन सुंदर चोटिल हो गए। इस चोट के चलते वह गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं रहे। गिल ने बताया कि वॉशिंगटन बल्लेबाजी के दौरान मिड ऑफ की तरफ रन लेते वक्त चोटिल हुए थे, और शायद इसी वजह से टीम पर दबाव भी बढ़ गया। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन टीम के अहम खिलाड़ियों में से एक हैं, इसलिए उनकी गैरमौजूदगी में पूरी पारी के दौरान मुख्य गेंदबाजों पर ही गेंदबाजी का जिम्मा रहा। हालांकि गिल का मानना है कि इससे बहुत बड़ा फर्क नहीं पड़ा, क्योंकि उस दिन तेज गेंदबाजों को पहले से ही मदद मिल रही थी। लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि जब टीम इस तरह के किसी अहम खिलाड़ी को खो देती है, तो मैच के बीच में ही रणनीति में बदलाव करना जरूरी हो जाता है।
जो रूट की तारीफ में गिल ने कही ये बात
इंग्लैंड को जीत दिलाने वाले जो रूट की शुभमन गिल ने भी जमकर सराहना की। गिल ने कहा कि जो रूट एक शानदार खिलाड़ी हैं और टीम इंडिया को शुरू से ही अंदाजा था कि 240 रन के आसपास का लक्ष्य बचाव के लिहाज से मुश्किल साबित हो सकता है। उनके मुताबिक अगर भारतीय टीम 300 रन के आसपास का स्कोर बना पाती, जहां रन रेट करीब 5.5 या 6 का होता, तो शायद इंग्लैंड के बल्लेबाजों से कोई गलत शॉट निकलवाया जा सकता था। लेकिन 4.5 से 5 रन प्रति ओवर की धीमी रफ्तार में किसी अनुभवी बल्लेबाज से गलती कराना आसान नहीं होता। गिल ने कहा कि जो रूट इस तरह के लक्ष्यों का पीछा करने में माहिर खिलाड़ी हैं, और टीम इंडिया उनसे कोई गलत शॉट खिलवाने में नाकाम रही, जिसका नतीजा हार के रूप में सामने आया।



















