अमेरिकी पुलिस व्यवस्था इस समय गहरे जन-विश्वास के संकट से गुजर रही है। जहां वर्ष 2004 में लगभग 64 प्रतिशत जनता पुलिस पर भरोसा करती थी, वहीं 2022 तक यह आंकड़ा गिरकर 43 प्रतिशत के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस स्थिति में सुधार के लिए अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोधकर्ता और कानून प्रवर्तन विशेषज्ञ पुलिस तंत्र के भीतर मनोवैज्ञानिक और संगठनात्मक बदलावों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। डब्लिन, आयरलैंड में आयोजित 'यूरोपियन कॉन्फ्रेंस ऑन पॉजिटिव साइकोलॉजी' के दौरान अमेरिकी अपराध विज्ञानी तमारा हेरोल्ड, ऑस्ट्रियाई मनोवैज्ञानिक मार्कस एब्नर और जर्मनी की बवेरियन स्टेट पुलिस के कमांडर कर्नल डॉ. बर्न्ड बर्गर ने सकारात्मक नेतृत्व मॉडल के माध्यम से पुलिस बल में सुधार की नई राह पर चर्चा की।
अमेरिकी पुलिसिंग में जन-विश्वास की कमी और सामाजिक विभाजन
प्रसिद्ध शोध संस्थान गैलप के आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि पुलिस के प्रति आम जनता का विश्वास लगातार कम हुआ है। हालांकि यह राष्ट्रीय औसत समस्या की पूरी गंभीरता को नहीं दर्शाता, क्योंकि इसके पीछे नस्लीय, आर्थिक और राजनीतिक आधार पर गहरा विभाजन मौजूद है।
प्यू रिसर्च सेंटर के शोध के अनुसार, लगभग 90 प्रतिशत डेमोक्रेट समर्थक पुलिसिंग व्यवस्था में बड़े बदलावों का समर्थन करते हैं, जबकि केवल 14 प्रतिशत रिपब्लिकन ऐसा मानते हैं। इसके अतिरिक्त, दो-तिहाई अमेरिकी नागरिकों का मानना है कि पुलिस अश्वेत लोगों के साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं करती। अर्बन इंस्टीट्यूट के अध्ययन दर्शाते हैं कि शिक्षा और आय का स्तर जितना कम होता है, पुलिस पर जन-विश्वास उतना ही अधिक गिरता है। इस अविश्वास के कारण आम नागरिकों और पुलिस अधिकारियों के बीच हर मुलाकात संदेह के माहौल में शुरू होती है।
अधिकारियों में मानसिक तनाव और आत्महत्या की बढ़ती दर
सार्वजनिक आलोचना और अविश्वास का सीधा असर पुलिस अधिकारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। टेक्सास स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर तमारा हेरोल्ड के अनुसार, अमेरिका में लगभग 80 प्रतिशत पुलिसकर्मी लगातार गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। हर चार में से एक अधिकारी पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD), चिंता (Anxiety) और अवसाद (Depression) का शिकार है।
चिंताजनक बात यह है कि पुलिस अधिकारियों में आत्महत्या की दर सामान्य आबादी की तुलना में 54 प्रतिशत अधिक है। इसके परिणामस्वरूप कई पुलिस विभागों में इस्तीफे बढ़ रहे हैं और नई भर्तियों में भारी कमी आ रही है। तमारा हेरोल्ड का कहना है, "एक स्वस्थ पुलिस बल के बिना, एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना कठिन है।" उन्होंने जोर दिया कि कानून प्रवर्तन की विफलता केवल अधिकारियों की नहीं, बल्कि पूरी सामाजिक संरचना की समस्या बन जाती है।
सकारात्मक नेतृत्व और PERMA-Lead मॉडल का सिद्धांत
पुलिस विभागों में इस निराशाजनक माहौल को बदलने के लिए ऑस्ट्रियाई मनोवैज्ञानिक मार्कस एब्नर ने 'पॉजिटिव लीडरशिप' यानी सकारात्मक नेतृत्व का मॉडल पेश किया है, जिसे PERMA-Lead कहा जाता है। यह मॉडल पांच मुख्य स्तंभों पर आधारित है: सकारात्मक भावनाएं (Positive Emotions), जुड़ाव (Engagement), संबंध (Relationships), अर्थ या उद्देश्य (Meaning), और उपलब्धि (Accomplishment)।
एब्नर के अनुसार, सकारात्मक नेतृत्व के लाभ बहुस्तरीय होते हैं
- व्यक्तिगत स्तर: अधिकारियों और वरिष्ठ कमांडरों दोनों में तनाव और बर्नआउट के लक्षणों में बड़ी कमी आती है।
- टीम स्तर: सहकर्मियों के बीच आपसी सहयोग, विश्वास और कार्यस्थल का वातावरण बेहतर होता है।
- संगठनात्मक स्तर: टीम के सदस्य केवल अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तक सीमित रहने के बजाय पूरे विभाग की सफलता के लिए सामूहिक जवाबदेही महसूस करते हैं। एब्नर ने बताया कि "सकारात्मक नेतृत्व कम तनाव और बर्नआउट के कम लक्षणों से जुड़ा हुआ है।" निजी क्षेत्रों में किए गए अध्ययनों से भी सिद्ध हुआ है कि सकारात्मक नेतृत्व से कर्मचारियों की बीमार छुट्टियां कम होती हैं और प्रदर्शन में सुधार होता है।
जर्मनी का अनुभव और गहन प्रशिक्षण प्रणाली
बवेरियन स्टेट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी बर्न्ड बर्गर ने अपने 20 से अधिक वर्षों के करियर के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि पारंपरिक आलोचनात्मक और आदेशत्मक नेतृत्व शैली अब युवा पीढ़ी के अधिकारियों पर प्रभावी नहीं है। युवा अधिकारी किसी भी आदेश के पीछे के तार्किक कारण (Why) को समझना चाहते हैं। बर्गर का मानना है, "लोग नेतृत्व की वजह से संगठनों से जुड़ते हैं और नेतृत्व के कारण ही वहां टिके रहते हैं।"
जर्मनी और अमेरिका के बीच पुलिस प्रशिक्षण की अवधि में बहुत बड़ा अंतर है
- जर्मन प्रशिक्षण प्रणाली: जर्मनी में एक शुरुआती पुलिस अधिकारी को कम से कम ढाई साल का गहन प्रशिक्षण दिया जाता है। मध्य स्तर के प्रबंधकों को दो साल का अतिरिक्त अध्ययन करना होता है, और वरिष्ठ कमांडरों को दो साल की मास्टर डिग्री पूरी करनी होती है। बर्गर ने स्वयं वरिष्ठ कमान तक पहुंचने से पहले साढ़े छह साल की शिक्षा प्राप्त की।
- अमेरिकी प्रशिक्षण प्रणाली: इसके विपरीत, अमेरिका में कई स्थानों पर अधिकारियों को मात्र चार से छह महीनों के संक्षिप्त अकादमी प्रशिक्षण के बाद ड्यूटी पर तैनात कर दिया जाता है।
जर्मनी ने हाल ही में अपने राष्ट्रीय पुलिस नेतृत्व दिशानिर्देशों को अपडेट किया है, जिसमें अधिकारियों को कार्य का उद्देश्य समझाने पर बल दिया गया है। PERMA-Lead मॉडल इस सरकारी निर्देश को व्यावहारिक रूप से लागू करने का वैज्ञानिक जरिया बनता है।
लोकतांत्रिक पुलिसिंग और उद्देश्य की पुनर्रचना
पुलिस संगठनों में सकारात्मक नेतृत्व लागू करने में सबसे बड़ी बाधा पारंपरिक पदानुक्रमित (Hierarchical) सोच और लालफीताशाही (Bureaucracy) है। वरिष्ठ अधिकारी अक्सर बिना कारण बताए सीधे आदेश देने के आदी होते हैं। बर्गर के अनुसार, केवल 'सुरक्षा प्रदान करना' पुलिस का एकमात्र उद्देश्य नहीं हो सकता, क्योंकि ऐसा उद्देश्य तो तानाशाही व्यवस्थाओं में भी होता है।
लोकतांत्रिक पुलिस व्यवस्था का वास्तविक उद्देश्य कानून के दायरे में रहकर नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी स्वतंत्रता की रक्षा करना है। इसके लिए पारदर्शिता, कानून के समक्ष जवाबदेही, और गलतियों से सीखने की संस्कृति अनिवार्य है। जब अधिकारियों को यह बड़ा उद्देश्य समझ में आता है, तो वे ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को अधिक प्राथमिकता देते हैं।
अस्थायी वित्तीय प्रोत्साहन बनाम स्थायी संस्थागत सुधार
वर्तमान में कई अमेरिकी एजेंसियां अधिकारियों को रोके रखने के लिए साइन-ऑन बोनस और वेतन वृद्धि का सहारा ले रही हैं। तमारा हेरोल्ड ने इन उपायों को केवल एक अस्थायी 'बैंड-एड' करार दिया। उन्होंने कहा कि अंदरूनी रक्तस्राव से पीड़ित व्यक्ति पर मेकअप लगाने से मूल बीमारी ठीक नहीं होती। वित्तीय लाभ से नई भर्तियां तो हो सकती हैं, लेकिन वे उस माहौल को नहीं बदल सकते जिसके कारण अधिकारी नौकरी छोड़ रहे हैं।
हेरोल्ड, जो अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जस्टिस में वरिष्ठ सलाहकार रह चुकी हैं और प्लेस नेटवर्क इन्वेस्टिगेशंस हिंसा न्यूनीकरण रणनीति विकसित कर चुकी हैं, अब प्रथम पंक्ति के पर्यवेक्षकों (First-line supervisors) को प्रशिक्षित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। वे मानती हैं कि किसी भी थाने या एजेंसी का दैनिक संचालन इन्हीं पर्यवेक्षकों के हाथ में होता है।
भावी वैज्ञानिक मूल्यांकन और अनुसंधान की दिशा
टेक्सास स्टेट यूनिवर्सिटी में हेरोल्ड और उनकी टीम एब्नर के PERMA-Lead मॉडल का अमेरिकी पुलिस विभागों में पहली बार व्यापक वैज्ञानिक मूल्यांकन करने जा रही है। इस शोध के तहत यह जांचा जाएगा कि क्या सकारात्मक नेतृत्व प्रशिक्षण से अधिकारियों की बीमारी की छुट्टियों में कमी आती है, क्या नागरिकों की शिकायतें घटती हैं, और क्या जनता की ओर से मिलने वाली प्रशंसाओं में वृद्धि होती है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि केवल असफलता को रोकने के बजाय अच्छे अधिकारियों को और बेहतर बनाने में निवेश करना चाहिए। यदि करदाताओं का पैसा पुलिस प्रशिक्षण में लगाया जा रहा है, तो यह सुनिश्चित करना वैज्ञानिक और नैतिक जिम्मेदारी है कि वह प्रशिक्षण व्यावहारिक और टिकाऊ बदलाव ला सके।



















