क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर खेले गए मुकाबले के जरिए भुवनेश्वर कुमार ने करीब चार साल बाद भारतीय टी-20 टीम में वापसी की। इससे पहले उन्होंने साल 2020 में ऑकलैंड के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ ही अपना आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। चयनकर्ताओं के इस बड़े फैसले के तहत 37 साल के अनुभवी तेज गेंदबाज को एक बार फिर से राष्ट्रीय जर्सी पहनने का मौका मिला। हालांकि, इस कमबैक मैच में उनकी गेंदबाजी बेहद साधारण रही और उन्होंने अपने चार ओवर के कोटे में 49 रन खर्च कर डाले।
गेंदबाजों के लिए नर्क साबित हुआ क्राइस्टचर्च का मैदान
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर का फैसला पूरी तरह से गलत साबित हुआ। न्यूजीलैंड की टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारत के खिलाफ अपने टी-20 इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर बना डाला। कीवी बल्लेबाजों ने निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 225 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। इस मैच में सिर्फ भुवनेश्वर कुमार ही नहीं, बल्कि भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का हर एक गेंदबाज बुरी तरह संघर्ष करता नजर आया। अक्षर पटेल सबसे खर्चीले गेंदबाज साबित हुए, जिन्होंने अपने चार ओवरों के स्पैल में 51 रन खर्च किए और एक सफलता हासिल की। इसके अलावा अर्शदीप सिंह ने चार ओवर में 45 रन देकर एक विकेट लिया, मयंक यादव ने चार ओवर में 40 रन देकर एक बल्लेबाज को आउट किया, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी ने बिना कोई विकेट लिए 40 रन लुटाए।
भुवनेश्वर कुमार के ओवरों का पूरा हाल
मैच की शुरुआत में भुवनेश्वर कुमार ने अच्छी गेंदबाजी का संकेत दिया था। अपने पहले ओवर में उन्होंने कसी हुई गेंदबाजी की और कीवी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया, जिससे उस ओवर में केवल चार रन बने। हालांकि, अपने दूसरे ओवर में उनकी लय बिगड़ी और उन्होंने एक नो बॉल के साथ दो चौके और एक छक्का खाते हुए कुल 17 रन लुटा दिए। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने उन्हें पारी के बीच के ओवरों में गेंदबाजी सौंपी, जब न्यूजीलैंड की टीम 15 ओवर के खेल के बाद 158 रन पर तीन विकेट खो चुकी थी। क्रीज पर मौजूद बेवन जैकब्स और ग्लेन फिलिप्स की जोड़ी ने एक बार फिर भुवी की गेंदों पर ताबड़तोड़ प्रहार किया और इस ओवर से 14 रन बटोरे। पारी के अंतिम और अपने कोटे के चौथे यानी 20वें ओवर में गेंदबाजी करने आए इस अनुभवी पेसर की एक बार फिर से जमकर धुलाई हुई, जिससे उनका इस मैच का गेंदबाजी विश्लेषण काफी महंगा हो गया।


















