घर की आंतरिक सजावट में तस्वीरों की भूमिका बेहद खास होती है। सही तस्वीरें न केवल कमरे की खूबसूरती में चार चांद लगाती हैं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों के व्यक्तित्व और उनकी पसंद को भी बखूबी बयां करती हैं। चाहे बात ड्रॉइंग रूम की हो या फिर बेडरूम की, तस्वीरों का चयन हमेशा सोच-समझकर किया जाना चाहिए। गलत तस्वीरों का चुनाव कमरे के आकर्षण को फीका कर सकता है, जबकि सही और सटीक चुनाव पूरे माहौल को बेहद आकर्षक और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।
किसी भी कमरे के लिए तस्वीर चुनने से सबसे पहले यह तय करना जरूरी होता है कि वह किस खास जगह के लिए है। ड्रॉइंग रूम में हमेशा ऐसी तस्वीरें लगानी चाहिए जो बाहर से आने वाले मेहमानों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींचें और घर की भव्यता को बढ़ाएं। इसके विपरीत, बेडरूम के लिए हमेशा शांत, सुकून प्रदान करने वाली और सकारात्मक भावनाएं जगाने वाली कलाकृतियां या तस्वीरें ही सबसे ज्यादा उपयुक्त मानी जाती हैं।
तस्वीर के रंगों का मेल कमरे की दीवारों के पेंट, फर्नीचर और पर्दों की रंगत के साथ बैठना चाहिए। यदि कमरे की दीवारें हल्के रंगों से रंगी हैं, तो वहां चमकीले और चटख रंगों वाली तस्वीरें कमरे के आकर्षण को कई गुना बढ़ा सकती हैं। वहीं दूसरी ओर, यदि कमरा पहले से ही काफी रंग-बिरंगा है, तो वहां सादगी से भरी और हल्की तस्वीरें ज्यादा बेहतर और संतुलित लगती हैं। रंगों का यह सही संतुलन ही पूरे इंटीरियर को शानदार लुक देता है.
सही आकार और स्थान का चुनाव
कमरे के आकार और दीवार की चौड़ाई के हिसाब से ही फ्रेम का चयन करना चाहिए। किसी छोटे कमरे में बहुत बड़ी तस्वीर टांग देने से कमरा जरूरत से ज्यादा भरा हुआ और घुटन भरा लग सकता है। वहीं दूसरी ओर, किसी बड़ी दीवार पर बहुत छोटी तस्वीरें लगाने से उनका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है। इसलिए हमेशा दीवार के कुल आकार को ध्यान में रखकर ही तस्वीर चुननी चाहिए। इसके अलावा, तस्वीर को हमेशा आंखों की सीध या ऊंचाई के आसपास लगाना सबसे बेहतरीन और सही तरीका माना जाता है।
ड्रॉइंग रूम की सजावट के लिए प्रकृति के दृश्यों, कलात्मक कृतियों, आधुनिक डिजाइनों या फिर परिवार की खूबसूरत पुरानी यादों से जुड़ी तस्वीरों का चुनाव किया जा सकता है। बेडरूम की बात करें तो वहां शांत झील, ऊंचे पहाड़, सुंदर फूल या फिर मन को शांति देने वाली सकारात्मक भावनाएं दर्शाने वाली तस्वीरें लगानी चाहिए। घर के किसी भी हिस्से में बहुत अधिक नकारात्मकता या डरावने चित्र लगाने से हमेशा बचना चाहिए, क्योंकि इससे मानसिक शांति पर असर पड़ सकता है।
फ्रेमिंग, लाइटिंग और व्यक्तिगत पसंद
तस्वीर जितनी ज्यादा सुंदर होती है, उसका फ्रेम भी उतना ही आकर्षक होना बेहद जरूरी है। लकड़ी, धातु या फिर आज के समय के आधुनिक डिजाइन वाले फ्रेम कमरे की पूरी थीम को ध्यान में रखकर ही चुने जाने चाहिए। एक अच्छा और मजबूत फ्रेम तस्वीर की खूबसूरती को और अधिक बढ़ा देता है। इसके अलावा, कई लोग एक ही दीवार पर इतनी सारी तस्वीरें टांग देते हैं कि कमरा बेहद अव्यवस्थित और अस्त-व्यस्त दिखने लगता है। हमेशा सीमित संख्या में और उचित दूरी पर सजाई गई तस्वीरें ही ज्यादा प्रभावशाली और सुंदर लगती हैं।
इन तस्वीरों पर पर्याप्त मात्रा में रोशनी पड़नी चाहिए ताकि उनकी असली खूबसूरती खुलकर सामने आ सके। अगर संभव हो तो तस्वीर के ऊपर पिक्चर लाइट या फोकस लाइट का इस्तेमाल जरूर करें। हालांकि, इस बात का भी खास ख्याल रखें कि तस्वीरों पर सीधी और तेज धूप न पड़े, वरना उनके रंग समय से पहले ही फीके पड़ सकते हैं। घर आखिरकार आपकी अपनी पहचान होता है, इसलिए तस्वीरों का चयन करते समय अपनी निजी पसंद और भावनाओं को भी पूरा महत्व दें। हमेशा ऐसी ही तस्वीरें चुनें जिन्हें देखकर आपको अपने घर में हमेशा खुशी और आंतरिक सुकून का अहसास हो।























