क्राइस्टचर्च में भारतीय क्रिकेट टीम ने एक नया इतिहास रचते हुए अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज पूरा किया और एक नया रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया। 22 अक्टूबर को हेगले ओवल ग्राउंड पर खेले गए मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने चार विकेट खोकर 225 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में मैदान पर उतरी भारतीय टीम ने संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर और नमन धीर की बेहतरीन पारियों के दम पर छह विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया और मैच अपने नाम कर लिया। इस पांच मैचों की टी-20 सीरीज का अगला और दूसरा मुकाबला 24 अक्टूबर को इसी मैदान पर खेला जाना है।
संजू सैमसन और नमन धीर की शानदार पारियों से मिली जीत
न्यूजीलैंड की ओर से मिले 226 रन के बेहद चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए संजू सैमसन ने भारतीय पारी को तेज और आक्रामक शुरुआत दी। उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर सिर्फ 5.5 ओवर में ही 93 रन की ताबड़तोड़ साझेदारी कर डाली। अभिषेक शर्मा ने 12 गेंदों का सामना करते हुए 29 रन बनाए। वहीं, संजू सैमसन ने 203.03 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए महज 33 गेंदों में 67 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें आठ शानदार चौके और चार गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। इसके अलावा मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर ने 42 रन का योगदान दिया और नमन धीर ने 42 रनों की नाबाद पारी खेलकर टीम को ऐतिहासिक जीत तक पहुंचा दिया।
ग्लेन फिलिप्स की तूफानी पारी भी नहीं बचा सकी मेजबान टीम को
इससे पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने फिन एलेन और ग्लेन फिलिप्स के आक्रामक खेल के बूते भारत के खिलाफ टी-20 में अपने सबसे बड़े स्कोर की बराबरी कर ली। यह घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड का अब तक का सर्वोच्च स्कोर भी साबित हुआ। सलामी बल्लेबाज फिन एलेन ने 24 गेंदों में 45 रन बनाए, जबकि मध्यक्रम में उतरे ग्लेन फिलिप्स ने 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन की तूफानी पारी खेली। उनका साथ देते हुए बेवन जैकब्स ने भी महज 16 गेंदों पर 31 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिससे न्यूजीलैंड का स्कोर 200 रन के पार पहुंच गया। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में अक्षर पटेल सबसे महंगे साबित हुए, जिन्होंने अपने कोटे के चार ओवरों में 51 रन खर्च किए। कीवी बल्लेबाजों ने पारी के आखिरी पांच ओवरों में 67 रन बटोरे और भारतीय गेंदबाजी की कमजोरियों को उजागर कर दिया।
भुवनेश्वर कुमार के कमबैक मैच में लुटे रन
लगभग चार साल के लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे भुवनेश्वर कुमार के लिए यह मुकाबला गेंदबाजी के लिहाज से अच्छा नहीं रहा। उन्होंने अपने स्पेल की शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन अगले ओवर में टिम सिफर्ट ने उन पर कड़ा प्रहार किया। टिम सिफर्ट ने 17 गेंदों में 24 रन बनाते हुए भुवी के एक ओवर में दो चौके और लॉन्ग-ऑन के ऊपर से एक छक्का जड़ दिया, जिससे उस ओवर में कुल 17 रन बने। भुवनेश्वर कुमार भारतीय टीम को कोई शुरुआती या बड़ी सफलता नहीं दिला सके। उनके तीसरे ओवर में 14 रन बने और पारी का आखिरी यानी 20वां ओवर भी उन्हें ही सौंपा गया, जिसमें उन्होंने फिर 14 रन खर्च किए। इस तरह भुवनेश्वर ने अपने चार ओवरों के स्पेल में बिना कोई विकेट चटकाए कुल 49 रन लुटाए।


















