क्रिकेट के मैदान पर कप्तानी के फैसले कई बार मैच का रुख पूरी तरह से बदल देते हैं और न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मुकाबले में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस मुकाबले के दौरान अपने एक खास फैसले से सभी को चौंका दिया, जिसके चलते उन्हें सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए मेहमान टीम न्यूजीलैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में 225 रन का बेहद विशाल स्कोर खड़ा कर दिया था, जिसे हासिल करने के लिए भारतीय टीम को एक मजबूत और सधी हुई शुरुआत की सख्त जरूरत थी।
विस्फोटक शुरुआत और पहली साझेदारी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए ओपनिंग करने उतरे संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। इन दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के चारों तरफ बेहतरीन शॉट लगाते हुए विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और पहले विकेट के लिए महज कुछ ही ओवरों में 93 रनों की शानदार पार्टनरशिप कर डाली। इस धमाकेदार शुरुआत के दौरान अभिषेक शर्मा ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी का नजारा पेश किया, लेकिन वह अपनी पारी को ज्यादा लंबा नहीं खींच सके और 12 गेंदों का सामना करते हुए 29 रन बनाकर आउट हो गए।
बैंटिंग क्रम में हुआ चौंकाने वाला बदलाव
अभिषेक शर्मा के आउट होने के बाद क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को पूरी उम्मीद थी कि क्रीज पर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए ईशान किशन आएंगे, क्योंकि उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई पिछली टी20 सीरीज में भी इसी क्रम पर बेहतरीन प्रदर्शन किया था। लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर ने यहां एक हैरान करने वाला फैसला लेते हुए ईशान किशन की बजाय तिलक वर्मा को मैदान पर उतार दिया। हालांकि, कप्तान का यह दांव पूरी तरह से उल्टा पड़ गया, क्योंकि तिलक वर्मा इस नए स्थान पर असहज नजर आए और खुलकर रन नहीं बना सके।
तिलक वर्मा के क्रीज पर आने के बाद दूसरे छोर पर तेज गति से रन बना रहे संजू सैमसन पर अनावश्यक दबाव बढ़ने लगा, क्योंकि नए बल्लेबाज के लगातार डॉट गेंद खेलने से रन गति पर ब्रेक लग गया था। रन रेट को बनाए रखने के लिए दबाव में आकर संजू सैमसन ने बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया और वह 67 रनों की शानदार पारी खेलकर आउट हो गए। संजू के इस तरह आउट होने से भारतीय टीम अचानक एक बड़े संकट में फंस गई और मैच का समीकरण बदल गया।
मध्य क्रम का ढहना और कप्तान की पारी
संजू सैमसन के पवेलियन लौटते ही न्यूजीलैंड की टीम को मुकाबले में वापसी करने का सुनहरा मौका मिल गया और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया। अगले ही ओवर में गेंदबाजी करने आए कीवी गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखते हुए तिलक वर्मा को भी चलता कर दिया, जो 11 गेंदों का सामना करने के बाद महज 6 रन ही बना सके। तिलक के आउट होते ही कप्तान श्रेयस अय्यर द्वारा लिया गया प्रयोग पूरी तरह से फेल साबित हो चुका था और टीम की मुश्किलें काफी बढ़ गई थीं।
तिलक वर्मा के विकेट के बाद भारतीय पारी संभलने की कोशिश ही कर रही थी कि ईशान किशन भी बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठे। ईशान किशन मात्र 3 गेंदों का सामना करके केवल 1 रन बनाकर आउट हो गए, जिससे टीम की स्थिति और ज्यादा खराब हो गई। अब पारी को संभालने और स्कोर को लक्ष्य तक पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी कप्तान श्रेयस अय्यर के कंधों पर आ चुकी थी।
मुश्किल परिस्थिति से जीत तक का सफर
ईशान किशन के आउट होने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर के पास केवल एक ही विकल्प बचा था कि वह क्रीज पर टिककर जिम्मेदारी के साथ रन बनाएं और उन्होंने बिल्कुल वैसा ही किया। श्रेयस ने सूझबूझ दिखाते हुए 42 रनों की बेहद निर्णायक पारी खेली और पारी को संभाला। इसके अलावा नमन धीर ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए इतने ही रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया और इन दोनों की पारियों की बदौलत टीम इंडिया ने 2 गेंद बाकी रहते हुए मुकाबले में रोमांचक जीत दर्ज कर ली।


















