इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर खेले जा रहे टेस्ट मैच में पाकिस्तानी टीम की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। दूसरी पारी में विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेहमान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और इंग्लिश गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही पूरी बल्लेबाजी क्रम को झकझोर कर रख दिया। पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम एक बार फिर क्रीज पर टिकने में पूरी तरह असफल रहे और जोफ्रा आर्चर की एक तेज गति वाली बाउंसर पर गच्चा खा बैठे। इस विकेट के पतन के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया है और उनके इस अजीब तरह से आउट होने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
जोफ्रा आर्चर की घातक बाउंसर पर फंसे बाबर आजम
पाकिस्तान की पारी का आठवां ओवर चल रहा था जब जोफ्रा आर्चर ने अपनी गति का कमाल दिखाते हुए एक बेहद तेज और शॉर्ट लेंथ गेंद फेंकी। यह गेंद उम्मीद से ज्यादा उछली और सीधे बल्लेबाज के शरीर की ओर तेजी से बढ़ी। इस खतरनाक शॉर्ट पिच गेंद की गति को समझने में बाबर पूरी तरह नाकाम रहे और वह यह तय नहीं कर पाए कि शॉट खेलें या खुद को बचाएं। असमंजस की स्थिति में उनके बल्ले का ऊपरी किनारा लगा और गेंद उनके ग्लव्स या हैंडल के पास से होते हुए हेलमेट के ऊपरी हिस्से से टकराई। इसके बाद गेंद हवा में लहराते हुए स्लिप की दिशा में चली गई जहाँ फील्डरों ने कोई गलती नहीं की।
चौथे स्लिप के पीछे मुस्तैद जॉर्डन कॉक्स ने तेजी से आगे बढ़ते हुए इस आसान कैच को सुरक्षित तरीके से अपने हाथों में लपका। इस तरह बाबर आजम की संघर्षपूर्ण पारी मात्र 6 रनों के निजी स्कोर पर ही समाप्त हो गई। क्रीज पर टिकने के लिए उन्होंने कुल 8 गेंदों का सामना किया लेकिन उनकी तकनीक इस तेज तर्रार प्रहार के सामने पूरी तरह लाचार नजर आई। इससे पहले मैच की पहली पारी में भी उनका बल्ला शांत रहा था और वह केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए थे। टेस्ट क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में उनके प्रदर्शन का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है, और आंकड़े बताते हैं कि उन्होंने लाल गेंद के इस फॉर्मेट में अपना आखिरी शतक साल 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ जड़ा था। इस तरह उन्हें टेस्ट क्रिकेट में शतक बनाए हुए लगभग 4 साल का लंबा समय बीत चुका है।
शुरुआती झटकों से उबार नहीं पाई पाकिस्तानी पारी
दूसरी पारी में पाकिस्तानी बल्लेबाजों का टिक पाना बेहद मुश्किल साबित हुआ और पारी की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। इंग्लिश तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए शुरुआत में ही दो महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाईं, जिसके बाद जोफ्रा आर्चर ने अपने स्पेल से कहर बरपाना जारी रखा। पारी के महज 7.1 ओवरों के खेल में ही पाकिस्तान की आधी से ज्यादा शुरुआती ताकत पवेलियन लौट चुकी थी और बोर्ड पर केवल 14 रन ही जुड़ पाए थे। ओपनर अजान अवैस मात्र 6 रन बनाकर ओली रॉबिन्सन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू करार दिए गए।
उनके ठीक बाद क्रीज पर आए अब्दुल्ला शफीक भी अपनी नाकामी का सिलसिला जारी रखते हुए बिना कोई खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। इंग्लिश गेंदबाज रॉबिन्सन ने एक ही ओवर के भीतर दो बड़े विकेट चटकाकर पाकिस्तान की कमर तोड़ दी। मैच की तस्वीर को अगर समग्रता से देखा जाए तो इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में कुल 208 रन बनाकर अपने सभी विकेट गंवाए थे। मेजबान टीम की तरफ से बल्लेबाजी करते हुए डेन लॉरेंस ने जिम्मेदारी संभाली और 70 गेंदों का सामना करते हुए सबसे ज्यादा 54 रनों की बहुमूल्य पारी खेली।
गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद संकट में टीम
इंग्लैंड की दूसरी पारी में डेन लॉरेंस के अलावा साथी बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिए। हैरी ब्रूक ने अपनी टीम के लिए 34 रनों का योगदान दिया जबकि एमिलियो ने 30 से अधिक रन जोड़ते हुए स्कोर को आगे बढ़ाया। कप्तान जो रूट भी 24 रनों के निजी स्कोर पर आउट होकर पवेलियन वापस लौटे। इसके विपरीत पाकिस्तानी गेंदबाजी खेमे की तरफ से मोहम्मद अब्बास ने घातक गेंदबाजी का नजारा पेश किया और कुल 57 रन खर्च करते हुए इंग्लिश बल्लेबाजों के 5 विकेट अपने नाम किए। उनके अलावा तेज गेंदबाजों खुर्रम शहजाद और मोहम्मद अली ने भी दो-दो विकेट झटककर गेंदबाजों के रूप में अपनी भूमिका निभाई।
यदि इस पूरे मुकाबले के परिप्रेक्ष्य पर नजर डाली जाए तो पहली पारी में इंग्लैंड की पूरी टीम 290 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी। इसके जवाब में उतरी पाकिस्तानी टीम अपनी पहली पारी में बुरी तरह लड़खड़ा गई और महज 110 रन के स्कोर पर ही सिमट गई। पहली पारी के आधार पर इंग्लैंड ने 180 रनों की भारी-भरकम और निर्णायक बढ़त हासिल कर ली थी। श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच में भी इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को एक पारी और 103 रनों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी थी।



















