दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे मैच के पहले दिन रोमांचक क्रिकेट देखने को मिला। ईस्ट जोन की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो उनके गेंदबाजों ने शुरुआत से ही सही साबित कर दिखाया। ईस्ट जोन के तेज गेंदबाजों ने पिच की परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और पूरी टीम को पहली पारी में 266 रनों के स्कोर पर समेट दिया।
शीर्ष क्रम की नाकामी और शुरुआती झटके
पारी की शुरुआत करने उतरे सेंट्रल जोन के बल्लेबाज पिच पर टिकने के लिए संघर्ष करते नजर आए। सलामी बल्लेबाज अमन मोखाड़े केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि उनका साथ देने आए कुणाल चंदेला भी मात्र 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। टीम के कप्तान रजत पाटीदार से एक बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन वह भी केवल 12 रन के निजी स्कोर पर अपना विकेट गंवा बैठे। दूसरे छोर पर विकेटकीपर-सलामी बल्लेबाज आर्यन जुयाल ने संयम का परिचय देते हुए 46 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन उनके आउट होने के बाद पारी लड़खड़ा गई। स्कोरबोर्ड पर अभी 125 रन ही जुड़े थे और 45 ओवर पूरे होने से पहले ही सेंट्रल जोन की आधी टीम पवेलियन वापस लौट चुकी थी, जिससे ईस्ट जोन के गेंदबाजों का पलड़ा पूरी तरह भारी नजर आने लगा।
रिंकू सिंह की संकटमोचक पारी और मध्यक्रम का साथ
मुश्किल समय में टीम की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी रिंकू सिंह ने उठाई और वह एक बार फिर संकटमोचक साबित हुए। क्रीज पर उतरते ही उन्होंने एक तरफ जहां लगातार गिरते विकेटों के सिलसिले पर रोक लगाई, वहीं दूसरी तरफ स्कोरबोर्ड को भी गतिशीलता प्रदान की। रिंकू ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 88 गेंदों का सामना किया और 8 चौकों की मदद से 60 रनों की बेहद महत्वपूर्ण पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 68.18 का रहा, जिसमें उनके संयम और बेहतरीन शॉट चयन का संतुलन साफ दिखाई दे रहा था। मध्यक्रम में रिंकू को हर्ष दुबे का अच्छा साथ मिला और दोनों ने छठे विकेट के लिए 85 गेंदों पर 55 रनों की साझीदारी करते हुए टीम के स्कोर को 180 रन के पार पहुंचाया। हर्ष दुबे ने 27 रनों का योगदान दिया, हालांकि 60वें ओवर में ऑफ स्पिनर एमडी कौनैन कुरैशी ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर इस उपयोगी साझेदारी को तोड़ दिया।
निचले क्रम का संघर्ष और टीम का स्कोर
हर्ष दुबे के आउट होने के बाद रिंकू सिंह ने सारांश जैन के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए 29 रन जोड़े, जिसमें सारांश ने 13 रनों का योगदान दिया। रिंकू के आउट होने के बाद भी निचले क्रम के बल्लेबाजों ने हार नहीं मानी और टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया। आर्यन पांडे ने 22 रनों की पारी खेली, जबकि पारी के अंत में यश ठाकुर ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए 26 गेंदों पर 30 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। इन छोटी लेकिन अहम साझेदारियों की बदौलत सेंट्रल जोन की टीम अपनी पहली पारी में 80.1 ओवर खेलते हुए 266 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।
ईस्ट जोन की गेंदबाजी का दबदबा
ईस्ट जोन की गेंदबाजी तिकड़ी ने पूरे सत्र के दौरान अपनी पकड़ बनाए रखी और विरोधी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। गेंदबाजी की शुरुआत करने वाली तिकड़ी में मुकेश कुमार, अभिजीत सरकार और मोहम्मद शमी शामिल थे, जिन्होंने कंडीशंस का पूरा लाभ उठाया। मुकेश कुमार ने अपनी सटीक लाइन-लेन्थ का मुज़ाहिरा करते हुए 56 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। वहीं, अभिजीत सरकार ने भी शानदार गेंदबाजी स्पेल फेंकते हुए 38 रन खर्च करके 3 सफलताएं हासिल कीं। इसके अलावा मोहम्मद शमी ने भी गेंदबाजी में योगदान देते हुए 2 विकेट अपने खाते में जोड़े, जिससे ईस्ट जोन ने विपक्षी टीम को 266 रनों पर समेटने में सफलता हासिल की।


















