बांग्लादेश के हाथों डार्विन में मिले ऐतिहासिक झटके के बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम 22 अगस्त से मैके में शुरू हो रहे दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच में संशोधित रणनीति के साथ मैदान में उतरने की योजना बना रही है। पहले मुकाबले में मिली अप्रत्याशित हार से सबक लेते हुए टीम प्रबंधन ने अपनी प्लेइंग XI में कुछ कड़े फैसले लेने का मन बनाया है। कप्तान पैट कमिंस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि बल्लेबाजी क्रम की शुरुआत में बदलाव तय है, जहां जैक वेदराल्ड की जगह मैट रेनशॉ को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, गेंदबाजी संयोजन को लेकर भी मैके की पिच के आधार पर बड़ा कदम उठाया जा सकता है, जिसमें दिग्गज ऑफ स्पिनर नाथन लियोन के स्थान पर अतिरिक्त तेज गेंदबाज को शामिल करने की संभावना शामिल है।
ओपनिंग जोड़ी में बदलाव और मैट रेनशॉ का टेस्ट कमबैक
डार्विन टेस्ट में असंतोषजनक शुरुआत के बाद सलामी बल्लेबाज जैक वेदराल्ड को टीम से बाहर का रास्ता देखना पड़ा है। उनकी जगह ट्रैविस हेड के साथ पारी की शुरुआत करने के लिए बाएं हाथ के बल्लेबाज मैट रेनशॉ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रेनशॉ लगभग तीन वर्षों के लंबे अंतराल के बाद देश के लिए सफेद जर्सी में वापसी कर रहे हैं। उन्होंने अपना पिछला टेस्ट मुकाबला वर्ष 2023 में दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारत के विरुद्ध खेला था। हाल के समय में घरेलू क्रिकेट की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता शेफील्ड शील्ड के दौरान रेनशॉ ने शानदार फॉर्म का परिचय दिया था, जिसके साथ ही उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था।
मैट रेनशॉ के अंतरराष्ट्रीय करियर पर नजर डालें तो उन्होंने अब तक खेले 14 टेस्ट मैचों की 24 पारियों में 29.31 के बल्लेबाजी औसत से कुल 645 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और तीन अर्धशतक निकले हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 184 रन रहा है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि रेनशॉ का यह हालिया फॉर्म मैके की परिस्थितियों में टीम को एक मजबूत और टिकाऊ शुरुआत दिलाने में मददगार साबित होगा, जिसकी कमी पहले मुकाबले में स्पष्ट रूप से महसूस की गई थी।
चार तेज गेंदबाजों का आक्रमण और नाथन लियोन पर संशय
मैके की पिच के मिजाज को देखते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन चार विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के साथ मैदान में उतरने के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। यदि टीम इस रणनीति को अपनाती है, तो अनुभवी ऑफ स्पिनर नाथन लियोन को अंतिम एकादश से बाहर होना पड़ेगा और उनकी जगह तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड को शामिल किया जाएगा। कप्तान पैट कमिंस ने प्रेस वार्ता में बताया कि चूंकि ऑस्ट्रेलियाई टीम इस मैदान की पिच पर पहली बार कोई अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मुकाबला खेलने जा रही है, इसलिए अंतिम एकादश का चयन करने से पहले पिच का अंतिम जायजा लेने के लिए एक अतिरिक्त दिन का समय लिया जा रहा है।
नाथन लियोन के प्रदर्शन की बात करें तो डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में वे काफी महंगे साबित हुए थे, जहां उन्होंने 102 रन देकर केवल 1 सफलता हासिल की थी। पिछले वर्ष दिसंबर में एशेज श्रृंखला के दौरान हैमस्ट्रिंग में लगी गंभीर चोट से उबरने के बाद लियोन का यह पहला अंतरराष्ट्रीय मैच था। बांग्लादेश के बल्लेबाजों ने लियोन की गेंदों का बहुत ही सहजता और आक्रामक रवैये के साथ सामना किया, जिससे उनके प्रभाव पर सवाल उठे। यदि पूर्ण रूप से फिट होने के बावजूद लियोन को इस मैच में बाहर बैठाया जाता है, तो वर्ष 2012 में वाका (WACA) मैदान पर भारत के खिलाफ खेले गए मुकाबले के बाद यह पहला अवसर होगा जब वे बिना किसी चोट के टेस्ट XI का हिस्सा नहीं होंगे।
पिच की परिस्थितियां और चयन पर पैट कमिंस का तर्क
टीम के चयन और गेंदबाजी आक्रमण की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कप्तान पैट कमिंस ने स्पष्ट किया कि हर फैसला पूरी तरह से मैच के दौरान रहने वाले मौसम और पिच के व्यवहार पर निर्भर करता है। उन्होंने समझाया कि यदि परिस्थितियां यह संकेत देती हैं कि शुरुआती दो पारियों में तेज गेंदबाज विपक्षी टीम के सभी 10 विकेट जल्दी चटका सकते हैं और मैच की चौथी पारी में भी पिच के टूटने या स्पिनरों को मदद मिलने की गुंजाइश न के बराबर है, तो ऐसी स्थिति में अतिरिक्त तेज गेंदबाज के साथ जाना ही तार्किक निर्णय होता है। ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन इन्हीं सभी पहलुओं का विस्तृत आकलन करने के बाद ही अपनी अंतिम 11 खिलाड़ियों की सूची जारी करेगा।



















