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पांच साल में तीन गुना से अधिक बढ़ा पुरानी गाड़ियों का लोन बाजार, ₹1.3 लाख करोड़ तक पहुंचा आंकड़ाऑटो
21 अग॰ 2026, 11:41 am (1 घंटे पहले)· 3

पांच साल में तीन गुना से अधिक बढ़ा पुरानी गाड़ियों का लोन बाजार, ₹1.3 लाख करोड़ तक पहुंचा आंकड़ा

भारत में यूज्ड कार फाइनेंस का बाजार पिछले पांच वर्षों में 26.2 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़कर ₹1.3 लाख करोड़ पर पहुंच गया है, जो नई गाड़ियों के लोन की तुलना में काफी तेज है।

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों का रुझान तेजी से बदल रहा है। पिछले पांच सालों के आंकड़ों से साफ पता चलता है कि देश में सेकेंड-हैंड गाड़ियों की खरीद के लिए बैंक और वित्तीय संस्थानों से लोन लेने की प्रवृत्ति अभूतपूर्व गति से बढ़ी है। संस्थागत क्रेडिट की सुगम उपलब्धता और उपभोक्ताओं में बढ़ती जागरूकता ने यूज्ड कार फाइनेंस क्षेत्र को एक मजबूत आधार प्रदान किया है, जिसके चलते यह सेगमेंट कुल ऑटो लोन वृद्धि की दर को पछाड़ते हुए नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

सेकेंड-हैंड गाड़ियों के लोन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

क्रेडिट सूचना कंपनी क्रिफ हाई मार्क की ताजा रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि यूज्ड कार फाइनेंसिंग की रफ्तार नई कारों के लोन के मुकाबले कहीं अधिक तेज रही है। आंकड़ों के मुताबिक, जून 2021 में यूज्ड कार लोन का कुल बाजार लगभग ₹40,000 करोड़ के स्तर पर था, जो जून 2026 तक बढ़कर ₹1.3 लाख करोड़ के आंकड़े पर पहुंच गया है। इस पांच साल की अवधि के दौरान यूज्ड कार फाइनेंस की सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) 26.2 प्रतिशत दर्ज की गई। इसकी तुलना में नई और पुरानी गाड़ियों को मिलाकर कुल ऑटो लोन सेगमेंट की CAGR केवल 17.6 प्रतिशत रही, जो ₹4.4 लाख करोड़ से बढ़कर ₹9.9 लाख करोड़ तक पहुंचा है।

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औपचारिक बैंकिंग और NBFC की ओर बढ़ा भरोसा

इस सेगमेंट में आई तेजी का मुख्य कारण ग्राहकों का अनौपचारिक साधनों को छोड़कर औपचारिक बैंकिंग प्रणाली को अपनाना है। पहले लोग सेकेंड-हैंड कार खरीदने के लिए नकद भुगतान या असंगठित स्रोतों पर निर्भर रहते थे। अब बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) द्वारा आकर्षक और पारदर्शी लोन योजनाएं पेश करने से खरीदारों का विश्वास मजबूत हुआ है। बाजार में बिक्री के अनुपात पर नजर डालें तो अब हर 1 नई कार की बिक्री के मुकाबले लगभग 1.4 यूज्ड कारें बेची जा रही हैं। वॉल्यूम के लिहाज से भारत में यूज्ड कारों की सालाना बिक्री करीब 60 लाख यूनिट तक पहुंच चुकी है, जबकि नई पैसेंजर गाड़ियों की सालाना बिक्री 42 लाख से 45 लाख यूनिट के आसपास सीमित है।

पोर्टफोलियो प्रदर्शन और लोन चुकाने की स्थिति

लोन चुकाने के रिकॉर्ड और संपत्ति की गुणवत्ता के मामले में रिपोर्ट कई महत्वपूर्ण पहलू उजागर करती है। यूज्ड कार लोन पोर्टफोलियो में 31 से 90 दिन के बीच बकाया लोन (डेलिनक्वेन्सी) का स्तर 3.1 प्रतिशत है, जो कुल ऑटो लोन के 2.1 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है। इसी तरह 91 से 180 दिन के बकाया मामले में यूज्ड कार लोन का अनुपात 1.0 प्रतिशत रहा, जबकि ऑटो लोन में यह आंकड़ा 0.6 प्रतिशत है। इसके बावजूद फाइनेंसिंग कंपनियां इस सेगमेंट में सक्रिय रूप से लोन बांट रही हैं। कर्जदारों की प्रोफाइल देखें तो दो से अधिक लोन रखने वाले ग्राहकों का अनुपात दोनों श्रेणियों में लगभग एक समान है। हालांकि, यूज्ड कार लोन लेने वाले 9.2 प्रतिशत ग्राहकों के पास पर्सनल लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन या क्रेडिट कार्ड जैसे अनसिक्योर्ड लोन भी हैं, जबकि कुल ऑटो लोन लेने वालों में यह अनुपात केवल 6.4 प्रतिशत है।

कमर्शियल व्हीकल लोन और बाजार का संतुलित रुख

पैसेंजर वाहनों के अलावा कमर्शियल व्हीकल फाइनेंस सेगमेंट में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पांच वर्षों में कमर्शियल व्हीकल लोन 20.1 प्रतिशत की CAGR के साथ ₹3 लाख करोड़ से बढ़कर ₹7.4 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। कुल मिलाकर, व्हील्स फाइनेंस क्षेत्र में एसेट क्वालिटी अब स्थिर हो रही है। यह पूरा रुझान इस बात का प्रतीक है कि भारत का ऑटो फाइनेंस सेक्टर पहले से कहीं ज्यादा परिपक्व, संतुलित और ग्राहक-केंद्रित बनता जा रहा है।

सवाल-जवाब

पिछले पांच वर्षों में यूज्ड कार फाइनेंस का बाजार कितना बढ़ा है?
क्रिफ हाई मार्क की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2021 में ₹40,000 करोड़ के मुकाबले जून 2026 तक यूज्ड कार फाइनेंस बढ़कर ₹1.3 लाख करोड़ पहुंच गया, जिसकी CAGR 26.2% रही।
नई कारों की तुलना में पुरानी कारों की बिक्री का क्या अनुपात है?
भारतीय बाजार में हर 1 नई कार की बिक्री के मुकाबले लगभग 1.4 पुरानी कारें बेची जा रही हैं।
देश में हर साल कितनी यूज्ड कारें बिकती हैं?
भारत में पुरानी कारों की सालाना बिक्री का आंकड़ा लगभग 60 लाख यूनिट तक पहुंच गया है, जबकि नई पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री 42 से 45 लाख यूनिट के करीब है।
यूज्ड कार लोन पोर्टफोलियो में 31 से 90 दिन के बकाए की दर क्या है?
यूज्ड कार पोर्टफोलियो में 31 से 90 दिन का बकाया लोन 3.1% है, जबकि ओवरऑल ऑटो लोन में यह आंकड़ा 2.1% है।
कमर्शियल व्हीकल फाइनेंस का प्रदर्शन कैसा रहा?
कमर्शियल व्हीकल फाइनेंस 20.1% की CAGR के साथ ₹3 लाख करोड़ से बढ़कर ₹7.4 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
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