अमेरिकी बाजार में आई हालिया बिकवाली के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर दिग्गज रिटेल कंपनी वॉलमार्ट के कमजोर बिक्री आंकड़ों से अमेरिकी उपभोक्ताओं की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं, वहीं दूसरी ओर एशियाई बाजारों में तकनीकी कंपनियों की बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड बाजार में सरकारी हस्तक्षेप ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों की ऊंची स्थिति, ऊर्जा कीमतों के दबाव और सरकारी बॉन्ड प्रतिफल (यिल्ड) में आई तेजी के बीच निवेशक अब आगामी विनिर्माण आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों के रुख पर नजर बनाए हुए हैं।
रिटेल क्षेत्र का दबाव और कंज्यूमर सेंटिमेंट पर असर
अमेरिकी रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट के शेयरों में 9.15% की भारी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने वर्ष 2020 के बाद से अपनी सबसे धीमी अमेरिकी बिक्री वृद्धि दर्ज की, जो वार्षिक आधार पर केवल +2.6% रही। इस निराशाजनक प्रदर्शन ने अमेरिकी उपभोक्ताओं की क्रय क्षमता और समग्र आर्थिक सेहत पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि उच्च ऊर्जा लागत, लगातार बढ़ती ब्याज दरें और घटती व्यक्तिगत बचत दर के संयोजन ने आम उपभोक्ताओं के बजट को बुरी तरह प्रभावित किया है। यही वजह है कि रिटेल सेक्टर के प्रदर्शन का असर पूरे बाजार की धारणा पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
यूरोपीय और एशियाई इक्विटी बाजारों का प्रदर्शन
यूरोपीय शेयर बाजारों में दिन के दौरान सुस्ती और गिरावट का रुख हावी रहा। यूरोप का प्रमुख स्टॉक्स 600 इंडेक्स -0.12% टूट गया, जबकि जर्मनी का DAX -0.42% और फ्रांस का CAC 40 -0.57% की गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, ब्रिटेन के FTSE 100 इंडेक्स ने विपरीत दिशा में जाते हुए +0.04% की मामूली बढ़त हासिल की।
इसके विपरीत, रातों-रात अमेरिकी बाजारों में माहौल थोड़ा सुधरा। S&P 500 इंडेक्स +0.06% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि तकनीकी शेयरों की मजबूती के बल पर NASDAQ में +0.20% की तेजी आई। एशियाई बाजारों की बात करें तो वहां मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निकेई इंडेक्स -0.30% गिरकर पिछड़ गया। दूसरी तरफ, हॉन्ग कॉन्ग के हैंग सेंग में +0.72% और चीन के CSI 300 में +0.52% की तेजी दर्ज की गई।
दक्षिण कोरिया के KOSPI इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन तेजी जारी रही और यह +0.89% चढ़कर बंद हुआ। इससे एक दिन पहले इस इंडेक्स में +5.89% का जोरदार उछाल आया था। बाजार को सबसे बड़ा सहारा सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों से मिला, जिनमें +2.10% की बढ़त दर्ज की गई। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा 110 ट्रिलियन वॉन (लगभग 79 अरब डॉलर) तक के लाभांश वितरण और शेयर बायबैक पैकेज की घोषणा करने की योजनाओं के सामने आने के बाद निवेशकों में भारी उत्साह देखा गया।
विदेशी मुद्रा बाजार में करेंसी मूवमेंट
करंसी मार्केट में अमेरिकी डॉलर (USD) में निरंतर कमजोरी का रुझान बना हुआ है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान GBP/USD की जोड़ी सकारात्मक दायरे में 1.3650 के आसपास कारोबार करती दिखी। हालांकि ब्रिटेन से आए रिटेल सेल्स के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे थे, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के बॉन्ड की खरीदारी बढ़ाने के फैसले के बाद डॉलर में आई कमजोरी ने स्टर्लिंग को सहारा दिया।
दूसरी ओर, EUR/USD की जोड़ी अपने साप्ताहिक लाभ को संभालते हुए 1.1700 के स्तर पर समेकित (कंसोलिडेट) होती नजर आई। विदेशी मुद्रा व्यापारी अब जर्मनी, संपूर्ण यूरोजोन और अमेरिका से जारी होने वाले अगस्त महीने के प्रारंभिक क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। जब तक ये आंकड़े सामने नहीं आते, तब तक अमेरिकी डॉलर की कमजोरी यूरो को निचले स्तरों पर टिके रहने में मदद कर रही है।
कमोडिटी और गोल्ड मार्केट की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है। सोना जून की शुरुआत के बाद से अपने उच्चतम स्तर के करीब मामूली बढ़त बनाए हुए है और यूरोपीय सत्र की शुरुआत में $4,550 प्रति औंस से ठीक ऊपर कारोबार कर रहा है। तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से यह पीली धातु अपने 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट गति को बरकरार रखे हुए है। हाल ही में जारी अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों में मूल्य दबाव ठंडा होने के संकेत मिलने के बाद व्यापारियों ने फेडरल रिजर्व द्वारा तत्काल ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों को कम कर दिया है, जिससे सोने को मजबूती मिल रही है।
सरकारी बॉन्ड प्रतिफल और अमेरिकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी योजना
वित्तीय बाजारों में सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम सरकारी बॉन्ड बाजार में देखा जा रहा है। अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और जापान में लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड प्रतिफल (यिल्ड) में तेज उछाल आया है, और कई बेंचमार्क प्रतिफल एक दशक से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं।
बॉन्ड बाजार की अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपनी निर्धारित समय-सारणी से अलग हटकर एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। बुधवार को ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) के अनुसार दोपहर 12:32 बजे ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की कि वह 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष वाले बॉन्ड क्षेत्रों में अपनी तरलता सहायता बायबैक अभियानों का आकार कम से कम दोगुना करेगा। इसके तहत प्रत्येक ऑपरेशन की अधिकतम सीमा को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होगी और 4 नवंबर तक जारी रहेगी। इस कदम का उद्देश्य द्वितीयक बॉन्ड बाजार में पर्याप्त तरलता बनाए रखना और बॉन्ड प्रतिफल में अनियंत्रित बढ़ोतरी को रोकना है।



















