नागोया में खेले गए एशियन गेम्स महिला क्रिकेट के खिताबी मुकाबले में भारतीय महिला टीम ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में मैदान पर उतरी भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 117 रन से हराकर लगातार दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले भारत ने 2023 में इंचियोन एशियन गेम्स के दौरान गोल्ड मेडल जीता था। इस खिताबी जीत के साथ ही भारत ने महाद्वीपीय स्तर पर अपना दबदबा एक बार फिर साबित कर दिया है।
स्वर्ण पदक मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 216 रन का विशाल स्कोर बनाया, जो एशियाई खेलों में महिला क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा टोटल बन गया। इसके जवाब में 217 रन के रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम दबाव के आगे बिखर गई और पूरी टीम 69 रन पर ढेर हो गई। श्रीलंका के लिए सलामी बल्लेबाज और कप्तान चामरी अटापट्टू ने सर्वाधिक 29 रन बनाए, जबकि कविशा दिल्हारी 11 रन का ही योगदान दे सकीं।
मंधाना और शेफाली की 99 रन की धमाकेदार साझेदारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली भारतीय टीम को दोनों सलामी बल्लेबाजों ने बेहद आक्रामक शुरुआत दिलाई। एशिया कप से ही बेहतरीन फॉर्म में चल रहीं स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पावरप्ले के छह ओवरों का भरपूर लाभ उठाया और स्कोरबोर्ड पर बिना किसी नुकसान के 59 रन जोड़ दिए। दोनों ओपनरों ने श्रीलंकाई गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह दबाव में रखते हुए महज 60 गेंदों पर 99 रन की साझेदारी पूरी की।
श्रीलंका की गेंदबाजी पूरी पारी के दौरान साधारण नजर आई और फील्डर्स भी भारतीय बल्लेबाजों के शॉट्स रोकने में लाचार दिखे। शेफाली और स्मृति ने विरोधी स्पिनरों की गेंदों पर जमकर प्रहार किए। पारी के तीसरे ओवर में स्मृति ने बाएं हाथ की स्पिनर सुगंधिका कुमारी के खिलाफ लगातार गेंदों पर दो दर्शनीय छक्के लगाए। पहला छक्का बैकफुट पर जाकर मैदान के ऊपर से जड़ा गया, जबकि अगली गेंद पर स्लॉग स्वीप खेलते हुए उन्होंने गेंद को दर्शकों के बीच पहुंचा दिया।
स्मृति के सात छक्के और पावरप्ले में तूफानी रन प्रवाह
शुरुआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों का आक्रामक रुख लगातार बढ़ता गया। तेज गेंदबाज मिताली अयोध्या के ओवर में स्मृति ने एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से एक और शानदार छक्का लगाया, जो उनकी पारी का तीसरा सिक्स था। इसके बाद श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू पांचवां ओवर करने के लिए खुद गेंदबाजी आक्रमण पर आईं।
कप्तान चामरी अटापट्टू का यह ओवर बेहद महंगा रहा और इसमें कुल 19 रन बने, जिसमें तीन बड़े छक्के शामिल थे। इनमें से दो छक्के शेफाली वर्मा के बल्ले से निकले, जब उन्होंने पहले एक शॉर्ट पिच गेंद को पुल किया और अगली ही गेंद पर मिडऑफ के ऊपर से गेंद सीमा रेखा के पार पहुंचा दी। तीन गेंद बाद स्मृति मंधाना ने श्रीलंकाई कप्तान की ऑफ स्पिन गेंद पर सीधा छक्का जड़ दिया। स्मृति ने अपनी इस पारी में कुल सात छक्के उड़ाए और महज 45 गेंदों में 79 रन बनाए।
हरमनप्रीत का संघर्ष और ऋचा घोष का फिनिशिंग टच
एक और अर्धशतक की ओर बढ़ रहीं शेफाली वर्मा 29 गेंदों में 48 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने बाएं हाथ की स्पिनर चामुडी प्रबोदा की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलने का प्रयास किया, लेकिन बल्ले पर गेंद ठीक से नहीं आई और वह कैच थमा बैठीं। इसके बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने खुद कप्तान हरमनप्रीत कौर उतरीं।
भारतीय टीम के लिए नंबर तीन का स्थान पिछले कुछ समय से चिंता का विषय रहा है। एशिया कप के बाद से रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर 17 गेंदों पर 19 रन ही बना सकीं और 15वें ओवर में लॉन्ग ऑफ पर कैच आउट होकर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद स्मृति मंधाना अपने शतक के करीब पहुंच रही थीं, लेकिन सुगंधिका कुमारी की गेंद पर एक और स्लॉग स्वीप मारने के चक्कर में डीप में कैच दे बैठीं। अंत के ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने मोर्चा संभाला और 22 गेंदों पर नाबाद 49 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम के स्कोर को 200 के पार पहुंचा दिया।



















