देश के विमानन क्षेत्र की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो ने अपनी उड़ानों से जुड़ी कई सहायक सेवाओं (ऐंसिलरी सर्विसेज) की दरों में गुपचुप तरीके से बढ़ोतरी कर दी है। इस ताजा बदलाव के बाद यात्रियों को तय सीमा से अधिक सामान ले जाने, गोद में नवजात शिशु के साथ सफर करने, अकेले यात्रा करने वाले बच्चों की देखरेख और प्राथमिक सुविधाओं के लिए पहले की तुलना में अधिक जेब ढीली करनी होगी। टिकट बुक करते वक्त या यात्रा के दौरान अतिरिक्त सेवाएं चुनने वाले परिवारों और नियमित यात्रियों पर इस संशोधन का सीधा आर्थिक असर पड़ेगा।
ऐंसिलरी शुल्कों में संशोधन और परिचालन लागत का दबाव
विमानन कंपनी ने इन नई दरों को सितंबर 2026 के मध्य से तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। संशोधन की सूची में माता-पिता की गोद में सफर करने वाले शिशुओं से लेकर एक्स्ट्रा लगेज, प्रायोरिटी चेक-इन और यात्रा प्रमाण पत्र जैसी विविध सेवाएं शामिल हैं। कंपनी ने इन शुल्कों में वृद्धि को लेकर कोई सार्वजनिक घोषणा या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इस बढ़ोतरी को विमान ईंधन की कीमतों, सरकारी करों या उड्डयन नियामक के किसी नए नियम से औपचारिक रूप से नहीं जोड़ा गया है।
कम लागत वाली एयरलाइंस (लो-कॉस्ट कैरियर्स) के कारोबारी मॉडल में मुख्य हवाई किराए (बेस फेयर) को कम और आकर्षक बनाए रखने के लिए समय-समय पर अतिरिक्त सेवाओं के मूल्य बदले जाते हैं। इससे विमानन कंपनियां टिकट खिड़की पर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखते हुए बढ़ती हुई दैनिक परिचालन लागत को संतुलित करने का प्रयास करती हैं। टिकट सर्च करते समय दिखने वाले बेस फेयर के मुकाबले चेकआउट पर आने वाला अंतिम बिल अब कई मामलों में काफी बढ़ सकता है।
शिशु शुल्क में प्रति सेक्टर ₹1,000 की सीधी वृद्धि
दो साल से कम उम्र के बच्चों के साथ सफर करने वाले माता-पिता को अब बड़ा झटका लगा है। घरेलू उड़ानों में प्रति शिशु शुल्क को ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति सेक्टर कर दिया गया है। कंपनी की आधिकारिक शुल्क सूची के मुताबिक यह दर हर एक तरफ की यात्रा के लिए लागू होगी।
नियमों के अनुसार तीन दिन से लेकर दो वर्ष तक की आयु वर्ग वाले बच्चों को 'इन्फेंट' माना जाता है और उन्हें उड़ान के दौरान अलग से सीट आवंटित नहीं की जाती है। वे पूरे सफर में किसी वयस्क सह-यात्री की गोद में ही बैठते हैं। कंपनी का नियम यह भी निर्धारित करता है कि एक वयस्क यात्री अपने साथ केवल एक ही शिशु को ले जा सकता है। इसके अलावा यात्रा के दिन बच्चे की वास्तविक उम्र प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र अथवा वैध पासपोर्ट की मूल प्रति साथ रखना अनिवार्य है। उदाहरण के तौर पर यदि दो वयस्कों के साथ दो शिशु यात्रा कर रहे हैं, तो केवल बच्चों के सफर का अतिरिक्त खर्च ₹6,000 हो जाएगा, जिसमें वयस्कों का सामान्य टिकट और अन्य सेवाएं शामिल नहीं हैं।
अतिरिक्त सामान और अनअकंपन्ड माइनर सेवा पर नया खर्च
हवाई सफर के दौरान मुफ्त बैगेज सीमा से अधिक सामान ले जाना भी अब महंगा हो गया है। एयरलाइन ने अतिरिक्त सामान (एक्सेस बैगेज) का शुल्क ₹700 प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर ₹800 प्रति किलोग्राम निर्धारित कर दिया है। यानी तय सीमा से ऊपर प्रति किलो सामान पर ₹100 का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। हालांकि यात्रियों के पास पहले से प्रीपेड बैगेज बुक करने की सुविधा बनी रहेगी। कंपनी के घरेलू स्लैब में 3 किलोग्राम से लेकर 40 किलोग्राम तक के विकल्प मौजूद हैं, जिनका शुल्क खरीदे गए वजन के आधार पर तय होता है।
अभिभावक के बिना अकेले यात्रा करने वाले बच्चों (अनअकंपन्ड माइनर) की सेवा शुल्क को लेकर भी स्थिति में बदलाव देखा गया है। कंपनी के घरेलू शुल्क चार्ट पर यह सेवा ₹4,999 प्रदर्शित हो रही है, जबकि ताजा अपडेट के मुताबिक यह दर ₹5,999 तक बताई जा रही है। ऐसे में जो भी परिवार नाबालिग बच्चों के लिए यह अकेले यात्रा वाली सर्विस ले रहे हैं, उन्हें अंतिम भुगतान से पहले स्क्रीन पर दिखने वाली कुल राशि की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
टिकट बुक करते समय इन बातों का रखें ध्यान
हवाई टिकट बुक करते समय यात्रियों को अंतिम बजट का आकलन पहले ही कर लेना चाहिए ताकि चेकआउट पर अतिरिक्त वित्तीय भार न पड़े
- शुरुआती सर्च परिणाम केवल बेस फेयर दर्शाते हैं, जबकि अंतिम बिल में सभी सहायक सेवाओं का मूल्य अलग से जुड़ता है।
- दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे के साथ जाने पर प्रति सेक्टर लगने वाले नए शिशु शुल्क को पहले ही बजट में शामिल करें।
- टिकट श्रेणी के साथ मिलने वाले मुफ्त चेक-इन और केबिन बैगेज की सीमा को ध्यान से पढ़ें।
- अतिरिक्त वजन होने की स्थिति में एयरपोर्ट काउंटर के बजाय पहले से प्रीपेड बैगेज स्लैब चुनना अधिक किफायती रहता है।
- विंडो या पसंदीदा सीट आरक्षित करने पर अलग से सीट चयन शुल्क लागू होता है।
- बोर्डिंग या बैगेज डिलीवरी में प्राथमिकता पाने के लिए प्रायोरिटी सर्विस का चार्ज अलग से जोड़ा जाता है।
- सफर पूरा होने के बाद आधिकारिक उपयोग के लिए ट्रैवल सर्टिफिकेट जारी कराने पर भी अतिरिक्त फीस चुकानी होगी।



















