भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता पद की दौड़ अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह पद रिक्त चल रहा है और इस जिम्मेदारी को प्रज्ञान ओझा अंतरिम तौर पर निभा रहे हैं। साक्षात्कार की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब प्रज्ञान ओझा के इस पद पर स्थायी रूप से कार्यभार संभालने की संभावना काफी मजबूत नजर आ रही है। इसके साथ ही चयन समिति में रिक्त पड़े पांचवें स्थान को भरने के लिए भी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की क्रिकेट सलाहकार समिति जल्द ही अंतिम मुहर लगाने वाली है।
इस पद के लिए मुंबई के दो पूर्व खिलाड़ियों रमेश पोवार और सलिल अंकोला के नामों पर प्रमुखता से विचार चल रहा है। चयन समिति के इन साक्षात्कारों के दौरान क्रिकेट सलाहकार समिति के सदस्यों ने उम्मीदवारों के सामने कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां रखीं। पैनल ने उम्मीदवारों से सीधे तौर पर यह जानना चाहा कि वनडे फॉर्मेट में रोहित शर्मा का भविष्य किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इसके अलावा, हालिया समय में शानदार प्रदर्शन के बावजूद वैभव सूर्यवंशी को अंतिम ग्यारह में लगातार मौके न मिलने के कारणों पर भी सवाल दागे गए।
चयन प्रक्रिया के दौरान पैनल ने आधुनिक क्रिकेट की कई व्यावहारिक मुश्किलों पर भी चर्चा की। उम्मीदवारों के सामने एक काल्पनिक परिदृश्य रखा गया जिसमें यह पूछा गया कि यदि किसी चोट के कारण शुभमन गिल टीम से बाहर हो जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में बैक-अप कप्तान के रूप में किस खिलाड़ी को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। पैनल यह समझना चाहता था कि भावी चयनकर्ता दबाव के पलों में किस प्रकार के रणनीतिक निर्णय लेने की क्षमता रखते हैं।
रोहित शर्मा के एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भविष्य को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चाएं तेज हैं। यह सवाल भी बना हुआ है कि क्या वह आगामी वनडे विश्व कप 2027 का हिस्सा बन पाएंगे या नहीं। पूर्व चयन प्रमुख अजीत अगरकर के साथ फैसलों को लेकर बनी असहज स्थिति के बाद से यह पद विशेष रूप से सुर्खियों में रहा है। यही वजह है कि साक्षात्कार ले रहे पैनल ने हर उम्मीदवार से रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट राय मांगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नया चयनकर्ता बोर्ड की दीर्घकालिक योजनाओं के साथ पूरी तरह तालमेल बिठा सके।





















