भारतीय नागरिकों के लिए ऑस्ट्रेलिया की यात्रा करना अब थोड़ा और अलग प्रक्रिया से गुजरने वाला है क्योंकि देश की सरकार ने वीजा आवेदनों से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। इस फेरबदल के तहत भारत से वीजा के लिए आवेदन करने वालों की बायोमेट्रिक जानकारी जुटाने के दायरे को काफी बढ़ा दिया गया है। जो लोग आवेदन करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
कौन से आवेदन होंगे प्रभावित
नयी व्यवस्था के मुताबिक 26 अक्टूबर या उसके बाद जितने भी वीजा आवेदन जमा किए जाएंगे, वे सभी इस संशोधित नियम के दायरे में आएंगे। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की पहचान को पुख्ता तौर पर सत्यापित करना है। हालांकि यह अनिवार्य रूप से हर एक आवेदक पर लागू होगा या नहीं, यह पूरी तरह से संबंधित मामले और आवेदक की व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
ईमेल के जरिए दी जाएगी जानकारी
संबंधित अधिकारियों की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि किस आवेदक को अपनी बायोमेट्रिक जानकारी देनी होगी और किसे नहीं, इसकी सूचना सीधे ईमेल के माध्यम से दी जाएगी। इसलिए जितने भी लोग वीजा के लिए अपनी अर्जी दे रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे लगातार अपने ईमेल और आवेदन से जुड़े तमाम संदेशों की निगरानी करते रहें ताकि कोई भी जरूरी निर्देश छूट न जाए। यदि किसी को बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा जाता है, तो उसे तय समय सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
भारत में बनाए गए हैं केंद्र
आवश्यकता पड़ने पर आवेदकों को अपनी उंगलियों के निशान और चेहरे की तस्वीर दर्ज कराने के लिए भारत के भीतर बनाए गए केंद्रों का रुख करना पड़ सकता है। पूरे देश में ऐसे कुल 16 ऑस्ट्रेलियाई बायोमेट्रिक कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं जहां यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इन सभी केंद्रों का संचालन वीएफएस ग्लोबल की ओर से किया जाता है। केंद्र पर जाने से पहले यह बेहद जरूरी है कि आवेदक गृह मंत्रालय की तरफ से मिले ई-मेल निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें ताकि उन्हें सही जगह और पूरी प्रक्रिया की पुख्ता जानकारी मिल सके।
डिजिटल माध्यम का भी विकल्प
सबके लिए केंद्र पर जाना अनिवार्य नहीं रखा गया है क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कुछ खास पात्रता रखने वाले आवेदकों के लिए एक डिजिटल विकल्प भी तैयार किया है। ऐसे योग्य आवेदक अपने फोन में Australian Immi App का इस्तेमाल करके अपनी बायोमेट्रिक प्रक्रिया को घर बैठे ही पूरा कर सकते हैं। हालांकि यह तकनीकी सुविधा हर किसी के लिए खुली नहीं होगी और इसका लाभ केवल वे ही लोग उठा पाएंगे जो इसके तय मानदंडों पर खरे उतरते हैं।
पुराने आवेदनों पर क्या होगा असर
जिन लोगों ने निर्धारित तारीख से पहले ही अपने दस्तावेज जमा करा दिए थे, उन्हें चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। नए प्रावधानों के लागू होने से पहले यानी 26 अक्टूबर 2026 से पहले जमा किए गए सभी पुराने वीजा आवेदनों और पहले से ही जारी किए जा चुके वीजा पर इस बदलाव का कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। यह पूरी प्रक्रिया मुख्य रूप से उन लोगों पर केंद्रित है जो तय तारीख के दिन या उसके बाद नए सिरे से आवेदन जमा कर रहे हैं। यात्रा करने के इच्छुक हर भारतीय को आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देशों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए ताकि बाद में किसी भी तरह की कागजी दिक्कत का सामना न करना पड़े।
























