रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज का पहला रोमांचक मुकाबला खेला जा रहा है। इस मुकाबले में स्मृति मंधाना भारतीय टीम की नियमित कप्तान के तौर पर अपनी नई जिम्मेदारी की शुरुआत कर रही हैं। टॉस जीतकर उन्होंने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया, जिसके बाद जिम्बाब्वे की महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर्स में 5 विकेट के नुकसान पर 114 रनों का स्कोर बोर्ड पर खड़ा किया। खेल शुरू होने से ठीक पहले जब दोनों टीमों के खिलाड़ी राष्ट्रगान के लिए मैदान पर आए, तो उससे पहले एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
सारा डाम्बानेवाना को दी गई श्रद्धांजलि
मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधी हुई थी। इस विशेष कदम के पीछे का कारण बताते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की। बीसीसीआई के अनुसार, भारतीय महिला क्रिकेट टीम, जिम्बाब्वे की टीम और मैदान पर मौजूद सभी मैच अधिकारी जिम्बाब्वे की पूर्व क्रिकेटर और अंपायर सारा डाम्बानेवाना के हाल ही में हुए निधन के शोक में यह सम्मान दे रहे थे। सभी ने मिलकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए एक मिनट का मौन भी रखा। बीसीसीआई ने इस संबंध में एक्स पर पोस्ट साझा किया, जिसमें इस बात की पूरी जानकारी दी गई है।
जिम्बाब्वे की पारी का हाल
यह ऐतिहासिक मुकाबला ऐसा है जिसमें जिम्बाब्वे की महिला टीम पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में भारतीय महिला टीम के खिलाफ खेल रही है, और यह उनका भारत का पहला दौरा भी है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने संघर्ष करते हुए 20 ओवर्स में 5 विकेट गंवाकर 114 रन बनाए। टीम की तरफ से ओपनिंग बल्लेबाज केलिस नधलोवु ने संभलकर खेलते हुए 42 रनों की अहम पारी खेली। इसके अलावा पारी के अंतिम ओवर्स में बल्लेबाजी करने उतरी शार्ने मेयर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 43 रनों की नाबाद पारी खेली और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो नंदिनी शर्मा ने सबसे उम्दा गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के 2 विकेट अपने नाम किए।























