भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सीनियर चयन पैनल में बड़े बदलाव की तैयारी पूरी हो चुकी है। अजीत अगरकर की जगह लेने के लिए रमेश पोवार इस रेस में सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आए हैं। पार्थिव पटेल के इस दौड़ से पीछे हटने के बाद अब वेस्ट जोन से रमेश पोवार को चयनकर्ता बनाए जाने की पूरी संभावना है। मौजूदा समय में प्रज्ञान ओझा अंतरिम रूप से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं। इस अहम पद के लिए आवेदन भेजने की आखिरी तारीख 14 अक्टूबर तय की गई थी। इसके अगले दिन यानी 15 अक्टूबर को क्रिकेट सलाहकार समिति ने इस पद के लिए चार से पांच दावेदारों के इंटरव्यू लिए, जिनमें वसीम जाफर का नाम भी शामिल था।
रमेश पोवार के अनुभव पर बनी सहमति
अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे वाली क्रिकेट सलाहकार समिति ने रमेश पोवार के नाम पर मुहर लगाने का मन बना लिया है। पोवार ने अपने करियर के दौरान भारत के लिए दो टेस्ट मैच और 31 वनडे मुकाबले खेले हैं। इसके अलावा वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। इस सीनियर पैनल के लिए जिन अन्य दिग्गजों के साक्षात्कार लिए गए थे, उनमें बड़ौदा के पूर्व खिलाड़ी कॉनर विलियम्स और जैकब मार्टिन का नाम भी शामिल था। रमेश पोवार मुंबई से ताल्लुक रखते हैं और उन्होंने सौरव गांगुली की कप्तानी में साल 2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में साल 2007 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था।
डोडा गणेश संभालेंगे जूनियर चयन समिति
रमेश पोवार का इंटरव्यू शुरुआत में जूनियर चयन पैनल के लिए भी लिया गया था और उन्हें वहां चेयरमैन बनाने पर विचार चल रहा था। हालांकि बाद में स्थिति में बदलाव हुआ और उन्हें सीनियर पैनल में लाने का फैसला किया गया। इसके बाद अब जूनियर चयन समिति के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज डोडा गणेश को मिलने की पूरी उम्मीद है। बोर्ड का यह पैनल देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने में अहम भूमिका निभाता है और डोडा गणेश के आने से इस दिशा में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
बजट में बढ़ोतरी और वीवीएस लक्ष्मण की भूमिका
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने चयन समिति के कुल बजट में पांच करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की है। साथ ही बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव रखने वाले पूर्व खिलाड़ियों को इस व्यवस्था से जोड़ने के लिए वेतन नीति में भी काफी लचीलापन दिखाया गया है। इसके अलावा चयन प्रक्रिया में वीवीएस लक्ष्मण की बढ़ती सक्रियता और प्रभाव को लेकर भी क्रिकेट गलियारों में चर्चाएं जोरों पर हैं। बोर्ड के इन फैसलों से चयन प्रक्रिया को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि भविष्य के लिए तैयार टीम का चयन किया जा सके।
अजीत अगरकर के कार्यकाल से जुड़े बड़े पहलू
अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए भारतीय टीम ने साल 2024 का टी-20 वर्ल्ड कप, साल 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी और साल 2026 का टी-20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनका कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया गया। मीडिया में चल रही चर्चाओं के अनुसार, अगरकर आगामी वनडे वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा को टीम में शामिल करने के पक्ष में नहीं थे। इसी मुद्दे पर बोर्ड के अधिकारियों और अन्य चयनकर्ताओं के साथ उनकी राय नहीं मिल पाई, जिसके बाद उनका कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया गया।



















