रेड बॉल घरेलू क्रिकेट के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी का नया चरण शुरू होते ही मुंबई के शीर्ष क्रम को बड़ा झटका लगा है। एलीट ग्रुप डी के तहत वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई और छत्तीसगढ़ के बीच खेले जा रहे मुकाबले में युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल क्रीज पर टिकने के लिए संघर्ष करते दिखे और बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए।
शुरुआती दबाव और जगजीत सिंह की गेंद पर पतन
वानखेड़े की पिच पर छत्तीसगढ़ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने की रणनीति चुनी। पारी की शुरुआत करने उतरे यशस्वी जायसवाल शुरुआत से ही लय तलाशते नजर आए। लगातार डॉट गेंदें खेलने के चलते उन पर रन बनाने का मानसिक दबाव साफ दिखाई दे रहा था। आखिरकार पारी के शुरुआती पलों में उन्होंने आक्रामक रुख अपनाते हुए बड़ा शॉट खेलने का जोखिम उठाया। गेंदबाज जगजीत सिंह के खिलाफ लगाया गया यह शॉट सीधा शिवम भाम्बरी के हाथों में समा गया। जायसवाल 13 गेंदें खेलकर शून्य के स्कोर पर आउट हुए, और जब वह पवेलियन लौटे तब मुंबई के स्कोरबोर्ड पर कुल जमा केवल 1 रन ही दर्ज था।
मैच से पहले विकेटकीपिंग पर दिया था अधिक ध्यान
इस मुकाबले के शुरू होने से पहले जायसवाल अपनी बल्लेबाजी से कहीं अधिक विकेटकीपिंग की तैयारियों को लेकर खेल जगत में चर्चा का विषय बने हुए थे। अभ्यास सत्र के दौरान उन्हें नियमित रूप से ग्लव्स पहनकर विकेटकीपिंग के दांव-पेंच सीखते देखा गया था। वह छत्तीसगढ़ के खिलाफ इस मैच में एक पूर्ण विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका में मैदान पर उतरने के इच्छुक थे। इसी मकसद से उन्होंने नेट्स में अपनी नियमित बल्लेबाजी की तुलना में विकेटकीपिंग ड्रिल पर काफी अतिरिक्त समय और ऊर्जा खर्च की थी।
वसीम जाफर की सलाह और बल्लेबाजी पर असर
जायसवाल की इस नई भूमिका की कोशिश पर क्रिकेट के जानकारों ने भी अपनी राय रखी थी। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने उन्हें स्पष्ट रूप से आगाह किया था कि उन्हें विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। जाफर का मानना था कि विकेटकीपिंग अत्यधिक शारीरिक श्रम और थकावट वाला काम है, जिससे खिलाड़ी की प्राथमिक ताकत प्रभावित हो सकती है। उन्होंने जायसवाल को अपनी कोर स्ट्रेंथ यानी सिर्फ बल्लेबाजी पर पूरा ध्यान केंद्रित रखने का सुझाव दिया था। मुकाबले के पहले ही दिन जिस तरह यशस्वी का बल्ला खामोश रहा, उससे साफ दिखा कि अतिरिक्त भूमिका की तैयारी ने उनकी बल्लेबाजी की एकाग्रता को प्रभावित किया।



















