आगामी दो टेस्ट मैचों की द्विपक्षीय शृंखला की तैयारियों के लिहाज से लिंकन का बर्ट सटक्लिफ ओवल भारतीय दल के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। न्यूजीलैंड ए के विरुद्ध आरंभ हुए पहले अनौपचारिक मुकाबले के शुरुआती रोज ही भारतीय टेस्ट टीम से जुड़े आठ प्रमुख सदस्यों को मैदान पर उतरने का अवसर दिया गया था। इसके बावजूद विदेशी पिचों के मिजाज को भांपने में बल्लेबाजों को भारी मशक्कत करनी पड़ी और पूरी टीम पहली पारी के दौरान सिर्फ 113 के स्कोर पर सिमट गई।
शीर्ष क्रम का लचर प्रदर्शन और केएल राहुल का शून्य पर लौटना
पारी की शुरुआत करने पहुंचे टेस्ट उपकप्तान केएल राहुल से क्रीज पर टिककर अनुभव दिखाने की दरकार थी, क्योंकि वे कीवी धरती पर पूर्व में भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का हिस्सा रह चुके हैं। हालांकि, उनका यह प्रयास बेहद संक्षिप्त रहा। तीसरे ओवर के दौरान तीसरी गेंद पर गेंदबाज फ्रेजर शीट ने उन्हें विकेटकीपर मिशेल हे के हाथों झिलवा दिया। राहुल ने आठ गेंदों का सामना किया, लेकिन वह अपना खाता खोलने में नाकाम रहे।
दूसरे छोर पर खड़े युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने शुरुआत में कुछ नपे-तुले प्रहार किए। उन्होंने 45 गेंदों की अपनी पारी में दो बाउंड्री लगाते हुए 17 रन जोड़े, किंतु वह इस शुरुआत को किसी बड़ी पारी में बदलने में असफल रहे। जाक गिब्सन की गेंद पर उनका संघर्ष समाप्त हुआ और टीम को शुरुआती झटकों से उबरने का मौका नहीं मिला।
पडिक्कल का संयम और मध्यक्रम का बिखराव
मुश्किल हालात के बीच तीसरे क्रम पर उतरे कर्नाटक के बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने सबसे अधिक जुझारूपन प्रदर्शित किया। पडिक्कल ने 77 गेंदें खेलकर पांच चौकों की सहायता से 32 रन बनाए, जो भारतीय टीम की पहली पारी का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी रहा। लंच ब्रेक समाप्त होने के उपरांत दूसरे ओवर की दूसरी गेंद पर वह अपना विकेट गंवा बैठे।
चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए तमिलनाडु के साई सुदर्शन कीवी तेज आक्रमण के सामने असहज नजर आए। उन्होंने 12 गेंदें संभलकर निकालीं, परंतु साइमन कीन की 13वीं गेंद उनके स्टंप्स बिखेर गई और वह भी बिना कोई रन बनाए डगआउट लौट गए। दूसरी तरफ, भारत ए की कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे बैकअप विकेटकीपर ध्रुव जुरेल भी उम्मीदों के विपरीत केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। जुरेल ने 13 गेंदों का सामना किया और चौथे विकेट के रूप में चलते बने।
निचले क्रम की विफलता और साइमन कीन का कहर
न्यूजीलैंड दौरे के लिए लाल गेंद की तैयारी हेतु वेस्टइंडीज के खिलाफ सीमित ओवरों की टी20 टीम से अलग रखे गए स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर भी बल्ले से प्रभाव नहीं छोड़ सके। सुंदर को जाक गिब्सन ने लंच के तुरंत बाद छह गेंदों पर शून्य के स्कोर पर वापस भेजा।
गेंदबाजी क्रम में शामिल बंगाल के आकाश दीप दसवें क्रम पर आए और साइमन कीन की दूसरी गेंद पर बिना कोई रन जोड़े आउट हो गए। कीन ने पुछल्ले बल्लेबाज मुकेश चौधरी को भी सात गेंदें खिलवाकर शून्य पर पवेलियन की राह दिखाई। इस घातक स्पैल के दम पर साइमन कीन ने पहली पारी में 24 रन देकर पांच बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया।
हरियाणा के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज, जिन्हें टेस्ट टीम के चयन में शामिल किए जाने पर कई तरह की चर्चाएं हुई थीं, आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। उन्होंने 13 गेंदों में दो चौके जड़कर 10 रनों का उपयोगी योगदान दिया। शनिवार 24 अक्टूबर को दर्ज हुए इस स्कोरकार्ड में भारत ए के कुल पांच बल्लेबाज शून्य पर आउट हुए। यह निराशाजनक शुरुआत टेस्ट शृंखला से पूर्व टीम संयोजन और परिस्थितियों से तालमेल बैठाने को लेकर अहम सवाल खड़े करती है।

















