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जनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर अखिलेश यादव का गंभीर आरोप, भाजपा सरकार पर लगाए बड़े सवालनेता जी
27 अक्तू॰ 2026, 10:05 am (6 घंटे पहले)· 2

जनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर अखिलेश यादव का गंभीर आरोप, भाजपा सरकार पर लगाए बड़े सवाल

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क को लेकर उप्र भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्क को बर्बाद करने से पर्यावरण प्रेमियों में गहरा रोष है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर पर्यावरण और विकास का मुद्दा गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क को बर्बाद करने पर तुली हुई है, जिससे आम जनता और पर्यावरण प्रेमियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इस मामले को लेकर अब कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जहां एक ओर पार्क के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हरियाली और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने के गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

जनेश्वर मिश्र पार्क और पर्यावरण को लेकर छिड़ी बहस

अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उप्र भाजपा सरकार जिस तरह से इस प्रमुख पार्क को नष्ट करने का प्रयास कर रही है, उससे लोग खासे परेशान हैं। स्थानीय स्तर पर लोग वीडियो बनाकर इस पूरे मुद्दे को सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के सामने ला रहे हैं। पार्क के सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्यों को लेकर जहाँ सरकार के समर्थकों का तर्क है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा यहाँ बीस करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसके तहत मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम, बैडमिंटन और बास्केटबॉल कोर्ट, योग एवं फिजियो सेंटर, मियावाकी थीम पार्क और एलईडी लाइट्स जैसी आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जानी हैं, वहीं आलोचकों का मानना है कि इस तरह के कंक्रीट निर्माणों से शहर के फेफड़े कहे जाने वाले इस हरित क्षेत्र का मूल स्वरूप प्रभावित हो रहा है।

गया के बारे में

गया भारत के बिहार राज्य में स्थित एक प्रमुख नगर है, जो जिला मुख्यालय होने के साथ-साथ राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर भी है। यहाँ की क्षेत्रीय भाषा मगही है और यह देश के सबसे महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थलों में गिना जाता है, जहाँ हर साल लाखों देशी और विदेशी पर्यटक पहुँचते हैं। हिन्दू, बौद्ध और जैन तीनों प्रमुख धर्मों में इस ऐतिहासिक शहर का विशेष महत्व है, जिसका उल्लेख प्राचीन ग्रंथ रामायण और महाभारत में भी मिलता है। यह शहर तीन तरफ से रामशिला, प्रेतशिला और ब्रह्मयोनि नामक छोटी तथा पथरीली पहाड़ियों से घिरा हुआ है और इसके पूर्व दिशा में फल्गू नदी बहती है।

जनता की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया यूजर्स और आम नागरिकों की तरफ से बंटी-बंटी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं, जहाँ एक पक्ष इसे क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं का विस्तार बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बचाने की वकालत कर रहा है।

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सवाल-जवाब

अखिलेश यादव ने किस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं?
अखिलेश यादव ने लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में हो रहे कार्यों को लेकर उप्र भाजपा सरकार की आलोचना की है।
पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए कितना बजट स्वीकृत हुआ है?
लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा पार्क के कायाकल्प के लिए बीस करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
पार्क में कौन-सी नई सुविधाएँ बनाने की योजना है?
इसके तहत मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम, बैडमिंटन-बास्केटबॉल कोर्ट, योग/फिजियो सेंटर और मियावाकी थीम पार्क जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
गया शहर कहाँ स्थित है?
गया भारत के बिहार राज्य में स्थित एक प्रमुख नगर और जिला मुख्यालय है।
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टिप्पणियाँ 5

Neha Verma@neha-verma·4 घंटे पहले

शहरों में कंक्रीट बढ़ाना और हरियाली खत्म करना ठीक नहीं है। पार्क हमारी सांस लेने की जगह हैं, इन्हें बचाना चाहिए।

Vikram Yadav@vikram-yadav·4 घंटे पहले

पार्क के नाम पर कंक्रीट बिछाना कौन सा विकास है भाई? लखनऊ हो या पटना, हरियाली बचाना जरूरी है वरना आने वाली पीढ़ियां साफ हवा के लिए तरस जाएंगी।

Rohan Gupta@rohan-gupta·4 घंटे पहले

विक्रम भाई, बात तो सही है कि हरियाली चाहिए, पर 20 करोड़ के बजट में स्पोर्ट्स कोर्ट और योग सेंटर भी तो बन रहे हैं। क्या खेलकूद की सुविधाएं लाना पूरी तरह गलत है?

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·4 घंटे पहले

पार्क में खेलकूद की सुविधाएं बनना कब से पर्यावरण के खिलाफ हो गया, समझ नहीं आया।

Riya Menon@riya-menon·4 घंटे पहले

स्नेह जी, खेलकूद की सुविधाएं अपनी जगह सही हैं, पर कंक्रीट के निर्माण से हरियाली और पार्क के प्राकृतिक फेफड़ों को जो नुकसान पहुँचता है, उसकी भरपाई कोई कोर्ट या जिम नहीं कर सकता।

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