क्रिकेट के खेल में मैदान पर खिलाड़ियों का अत्यधिक गुस्से में आना और भावनाओं पर नियंत्रण खो देना अक्सर भारी पड़ जाता है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच रांची के मैदान पर खेले गए एक रोमांचक टी20 मुकाबले के दौरान ऐसा ही अनुचित व्यवहार देखने को मिला, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने सख्त कदम उठाया है। इस पूरे मामले का संबंध वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम से है, जहां मैच के दौरान दो अलग-अलग खिलाड़ियों ने नियमों की धज्जियां उड़ाईं।
रोवमैन पॉवेल और शेरफेन रदरफोर्ड पर गिरी गाज
मैच के दौरान अनुशासन का दायरा पार करने वाले खिलाड़ियों में रोवमैन पॉवेल और शेरफेन रदरफोर्ड का नाम शामिल है। घटना उस समय की है जब रोवमैन पॉवेल अपना विकेट गंवाकर पवेलियन लौट रहे थे, तो उन्होंने गुस्से में आकर अपने बल्ले से गेंद पर प्रहार किया था। दूसरी ओर, शेरफेन रदरफोर्ड ने खेल के दौरान एक वाइड गेंद के फैसले को लेकर मैदानी अंपायर के साथ लंबी और तीखी बहस शुरू कर दी थी। मैदान पर मौजूद ये दोनों ही खिलाड़ी यह भूल गए थे कि उनकी हर एक गतिविधि पर मैच रैफरी की पैनी नजर बनी हुई है। जैसे ही मैच समाप्त हुआ, रैफरी ने इन हरकतों का संज्ञान लेते हुए दोनों खिलाड़ियों के खाते में एक-एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ दिया।
वेस्टइंडीज ने रोमांचक मुकाबले में हासिल की थी शानदार जीत
अगर इस मुकाबले के खेल और परिणामों की बात की जाए, तो वेस्टइंडीज की टीम ने एक ऐतिहासिक रनचेज को अंजाम देते हुए 6 विकेट से मुकाबले को अपने नाम कर लिया था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की तरफ से संजू सैमसन ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और अपनी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर 82 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली। भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों के खेल में 4 विकेट के नुकसान पर 249 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इस बड़े लक्ष्य का बचाव करने उतरी भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत बेहद शानदार अंदाज में की और महज 5 रन के कुल स्कोर पर ही कामिल पूरन और शिमरन हेटमायर को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया था।
शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड की तूफानी पारियों ने पलटा मैच
शुरुआती झटकों के बाद वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने मोर्चा संभाला और शेरफेन रदरफोर्ड के साथ मिलकर मुकाबले का रुख पूरी तरह से बदल डाला। शाई होप ने मैदान पर अद्भुत खेल का नजारा पेश करते हुए मात्र 45 गेंदों का सामना करके नाबाद 102 रनों की शतकीय पारी खेली। इस बेहतरीन पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ कुल 9 गगनचुंबी छक्के और 6 चौके जड़े। केवल कप्तान ही नहीं, बल्कि शेरफेन रदरफोर्ड ने भी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाते हुए ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की और 37 गेंदों में 84 रन कूट डाले। रदरफोर्ड ने अपनी इस पारी में 7 छक्के और इतने ही चौके यानी 7 चौके भी लगाए। इसके अलावा, रोवमैन पॉवेल ने भी 13 गेंदों में 24 रनों का योगदान दिया और रोमारियो शेफर्ड ने महज 13 गेंदों का सामना करते हुए 34 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर वेस्टइंडीज की टीम को आसान जीत दिला दी।
























