भारतीय टी20 क्रिकेट टीम के प्रबंधन द्वारा युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के चयन और डेब्यू की रणनीति को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने टीम प्रबंधन के रवैये पर कड़े सवाल खड़े करते हुए कहा है कि 15 साल के उभरते बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतारने की प्रक्रिया कहीं अधिक आसान और व्यवस्थित बनाई जा सकती थी। इंडियन प्रीमियर लीग में अपने विस्फोटक बल्ले से जबरदस्त हलचल मचाने वाले और ऑरेंज कैप हासिल करने वाले इस युवा खिलाड़ी को आयरलैंड दौरे पर डेब्यू का मौका न देकर सीधे इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उतारना एक गलत रणनीति थी। यदि वैभव को पहले आयरलैंड के खिलाफ खेलने का अवसर दिया जाता, तो उनका शुरुआती अंतरराष्ट्रीय सफर बिना किसी भारी मानसिक दबाव के और अधिक सुगम हो सकता था।
आईपीएल में ऐतिहासिक प्रदर्शन और राष्ट्रीय टीम में चयन
वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान अपने असाधारण प्रदर्शन से दुनिया भर के क्रिकेट विशेषज्ञों को आश्चर्यचकित कर दिया था। इतनी कम उम्र में मीडिया की सुर्खियां बनने और भारी दबाव का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में गजब का संयम दिखाया। वह टूर्नामेंट में केवल एक या दो मैचों के चमकीले सितारे नहीं रहे, बल्कि पूरे सत्र में निरंतरता बनाए रखते हुए ऑरेंज कैप विजेता बने। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के आगामी दौरों के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया था। क्रिकेट प्रशंसकों और विश्लेषकों को यह पूरा भरोसा था कि उनकी हालिया लय को देखते हुए उन्हें आयरलैंड के खिलाफ ही अंतिम एकादश में जगह दी जाएगी, लेकिन प्रबंधन ने उन्हें उस दौरे पर एक भी मुकाबले में खेलने का अवसर नहीं दिया।
ड्रिंक्स सर्व कराने और कठिन परिस्थितियों में उतारने पर उठे सवाल
टीम इंडिया में संजू सैमसन के लगातार खराब फॉर्म से जूझने के बावजूद वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड की सीरीज के दौरान बाहर बेंच पर ही रखा गया। इसके बाद प्रबंधन ने उन्हें सीधे इंग्लैंड के खिलाफ कठिन और चुनौतीपूर्ण सीरीज में मैदान पर उतार दिया। इंग्लैंड की विश्वस्तरीय गेंदबाजी पंक्ति, विशेष रूप से जोफ्रा आर्चर जैसे तेज गेंदबाजों के सामने 15 वर्षीय बल्लेबाज के लिए शुरुआत करना बेहद कठिन साबित हुआ। इस दबाव में वैभव शुरुआती मुकाबलों में केवल 14, 13 और 15 रन की साधारण पारियां ही खेल सके। लगातार तीन मैचों में कम स्कोर रहने के बाद टीम प्रबंधन ने धैर्य खो दिया और उन्हें पांचवें तथा अंतिम टी20 मैच से बाहर करके संजू सैमसन की वापस अंतिम एकादश में प्रविष्टि करा दी।
यूट्यूब चैनल पर मोहम्मद कैफ का तीखा हमला
भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 13 टेस्ट मैच और 125 एकदिवसीय मैच खेल चुके मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर टीम प्रबंधन के इस नकारात्मक रवैये की खुलकर आलोचना की। कैफ का स्पष्ट तर्क था कि जब कोई नया खिलाड़ी अपने करियर के सबसे बेहतरीन फॉर्म में हो और ऑरेंज कैप जीतकर राष्ट्रीय टीम में आया हो, तो उसके शीर्ष आत्मविश्वास का फायदा तुरंत उठाया जाना चाहिए।
वैभव एक एक्स फैक्टर खिलाड़ी हैं और उन्होंने अपने प्रदर्शन के बल पर पहचान बनाई है।
कैफ ने अपनी बात को विस्तार से समझाते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में और आईपीएल के तमाम आकर्षण व चकाचौंध के बीच रन बनाना साधारण बात नहीं है। उन्होंने कहा कि वैभव जैसे विशेष हुनरमंद खिलाड़ी को आयरलैंड के खिलाफ मौका दिया जाना चाहिए था, ताकि उनका शुरुआती डर और घबराहट वहीं समाप्त हो जाती। यदि वह आयरलैंड में सहज महसूस कर लेते, तो इंग्लैंड पहुंचते समय उनका आत्मविश्वास एक अलग ही स्तर पर होता। कैफ ने अफसोस जताया कि एक बेहतरीन फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी से पहले ड्रिंक्स सर्व कराया गया और जब उन्हें मौका दिया गया तो सीधे जोफ्रा आर्चर जैसे गेंदबाजों के सामने झोंक दिया गया। कैफ के अनुसार, अगर कोई विशेष प्रतिभा है तो उसे विशेष प्रबंधन और सुरक्षा भी मिलनी चाहिए थी।
जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी का करारा जवाब
इंग्लैंड के दौरे पर शुरुआती विफलता और टीम से बाहर किए जाने के बड़े झटके के बावजूद, इस युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज ने हार नहीं मानी। जिम्बाब्वे के खिलाफ आयोजित टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में वैभव सूर्यवंशी ने धमाकेदार वापसी करते हुए अपने वास्तविक हुनर का लोहा मनवाया। सीरीज के पहले टी20 मैच में उन्होंने एक शानदार अर्धशतक जड़ा। इसके बाद दूसरे टी20 मुकाबले में उन्होंने 20 रनों का योगदान दिया, जबकि तीसरे टी20 मैच में उनके बल्ले से 81 रनों की आक्रामक पारी निकली। इस प्रकार जिम्बाब्वे दौरे के 3 मैचों में उन्होंने 50.33 की बेहतरीन औसत से कुल 151 रन बनाए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
युवा प्रतिभाओं के प्रबंधन पर छिड़ी नई बहस
जिम्बाब्वे में वैभव सूर्यवंशी की इस ऐतिहासिक सफलता के बाद मोहम्मद कैफ ने एक बार फिर प्रबंधन को आईना दिखाया। कैफ ने दोहराया कि वैभव में अद्भुत क्षमता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबी रेस का घोड़ा बनने के लिए उन्हें बेहतर और समझदारी भरे मार्गदर्शन की आवश्यकता है। कैफ ने कहा कि इंग्लैंड में तीन मैचों में न चलने पर उन्हें तुरंत ड्रॉप कर दिया गया, जबकि उन्होंने अभी तक भारत की घरेलू सरजमीं पर एक भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। कैफ को पूरा विश्वास है कि जब वैभव भारत में खेलेंगे तो ढेरों रन बनाएंगे। कैफ ने जोर देकर कहा कि इस विशेष खिलाड़ी के शुरुआती सफर को टीम प्रबंधन द्वारा जानबूझकर कठिन बनाया गया, जिसे आसानी से सुगम बनाया जा सकता था। जिम्बाब्वे में सीरीज के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब जीतकर वैभव ने साबित कर दिया है कि उनमें चुनौतियों से उबरने का माद्दा है। इस घटनाक्रम ने भारतीय क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों को तराशने की मौजूदा नीतियों पर एक नया सवाल खड़ा कर दिया है।



















