भारतीय घरेलू क्रिकेट में लगातार रनों का अंबार लगा रहे सरफराज खान ने एक बार फिर अपनी शानदार बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। रणजी ट्रॉफी ग्रुप डी के मुकाबले में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ खेलते हुए इस बल्लेबाज ने धमाकेदार अंदाज में 154 रन बनाए। उनके इस प्रदर्शन ने चयन समिति के सामने एक नया सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर इस रनमशीन को कब तक नजरअंदाज किया जाएगा।
बिलासपुर में चमका बल्ला और मिली बड़ी बढ़त
बिलासपुर के लोहनू क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे इस मुकाबले के तीसरे दिन सरफराज खान ने अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने 228 गेंदों का सामना करते हुए 154 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 19 चौके शामिल थे। सिद्धेश लाड की कप्तानी वाली टीम के लिए पांचवें नंबर पर उतरे सरफराज सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। इस बेहतरीन पारी की बदौलत उनकी टीम को मैच में 388 रनों की भारी-भरकम बढ़त हासिल हुई।
अंतरराष्ट्रीय करियर और चयन को लेकर सवाल
सरफराज खान ने 15 फरवरी 2024 को राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था। अपने पहले ही मैच की दोनों पारियों में उन्होंने अर्धशतक जड़कर अपनी काबिलियत साबित की थी। इसके बाद अगस्त 2026 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान भी उन्हें स्क्वाड में शामिल किया गया था, जब साई सुदर्शन चोटिल होकर बाहर हो गए थे। हालांकि उस सीरीज के दौरान उन्हें प्लेइंग इलेवन में मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिल पाया था।
भविष्य की उम्मीदें और चयन समिति की चुनौती
आगामी 19 नवंबर से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए जब टीम का ऐलान हुआ था, तब सरफराज को जगह नहीं मिली थी। लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार बड़े स्कोर बनाकर वह लगातार दबाव बना रहे हैं। नए चीफ सिलेक्टर प्रज्ञान ओझा और चयन समिति के सामने अब यह बड़ी चुनौती होगी कि इस अनुभवी बल्लेबाज की शानदार फॉर्म को कब तक नजरअंदाज किया जाए।


















