तमिलनाडु के कप्तान और बाएं हाथ के स्पिनर आर साई किशोर ने घरेलू मैदान पर अपनी फिरकी का जबरदस्त जादू बिखेरा। एम. चिदंबरम स्टेडियम में उत्तराखंड के खिलाफ खेले गए रणजी ट्रॉफी मुकाबले की दूसरी पारी में उन्होंने लगातार तीन गेंदों पर तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर दुर्लभ हैट्रिक अपने नाम की। इस घातक स्पैल की बदौलत तमिलनाडु ने मुकाबले में एक पारी और 66 रन से धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए मौजूदा सीजन का अपना पहला मुकाबला जीता।
लगातार तीन गेंदों पर झटके तीन अहम विकेट
घरेलू मैदान पर गेंदबाजी करते हुए साई किशोर ने उत्तराखंड की दूसरी पारी के दौरान लक्ष्य रायचंदानी, सौरभ रावत और आदित्य रावत को लगातार गेंदों पर आउट किया। इस घातक प्रदर्शन के साथ ही वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट के इतिहास में तमिलनाडु के लिए हैट्रिक झटकने वाले 10वें गेंदबाज बन गए। पूरे मुकाबले में उन्होंने अपनी गेंदबाजी से विरोधी बल्लेबाजों को टिकने का कोई मौका नहीं दिया। मैच की पहली पारी में चार विकेट और दूसरी पारी में छह विकेट चटकाकर उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट पूरे किए।
सफलता के पीछे महेंद्र सिंह धोनी के दिए टिप्स
मैच के तीसरे दिन मंगलवार को जब साई किशोर से उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसका पूरा श्रेय भारत के दिग्गज क्रिकेटर और चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान रहे महेंद्र सिंह धोनी को दिया। इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपरकिंग्स के खेमे से बतौर नेट बॉलर और अतिरिक्त गेंदबाज जुड़े रहने का उन्हें सीधा लाभ मिला। साई किशोर ने बताया कि धोनी के सानिध्य में बिताए गए वक्त ने उनकी गेंदबाजी शैली में बड़ा तकनीकी बदलाव लाने में मदद की।
मैंने CSK के साथ रहते हुए ही एंगल बदलना सीखा।
धोनी की सलाह की बारीकियों को समझाते हुए उन्होंने विस्तार से बताया कि शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आता था कि धोनी गेंदबाजी के कोण बदलने पर इतना अधिक जोर क्यों देते थे। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अलग-अलग कोणों से गेंद फेंकने पर कड़ा अभ्यास किया और इसे अपने स्वाभाविक खेल का हिस्सा बना लिया। अब जब वह भिन्न-भिन्न कोणों से गेंद डालते हैं, तो पिच से गेंद का व्यवहार भी बदलता है, जिससे बल्लेबाजों को पढ़ने में भारी परेशानी होती है और इसका सीधा फायदा उन्हें विकेटों के रूप में मिल रहा है।
तमिलनाडु के लिए फर्स्ट क्लास हैट्रिक का इतिहास
तमिलनाडु के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में हैट्रिक लगाने वाले गेंदबाजों की सूची काफी समृद्ध रही है
- जी. पार्थसार्थी ने 1936-37 में दक्षिण भारत के खिलाफ यह कारनामा किया था।
- बी. कल्याणसुंदरम ने 1972-73 के सत्र में बॉम्बे के खिलाफ हैट्रिक जमाई थी।
- एस. सु्ब्रमण्यम ने 1992-93 में केरल के खिलाफ यह मुकाम हासिल किया।
- राज राजकुमार ने 2003-04 में कर्नाटक के खिलाफ उपलब्धि दर्ज की।
- एम. मोहम्मद ने 2018-19 के सीजन में मध्यप्रदेश के खिलाफ लगातार तीन विकेट लिए।
- गुरजपनीत सिंह ने 2025-26 में नगालैंड के खिलाफ हैट्रिक बनाई।
- आर. साई किशोर ने 2026-27 के रणजी सीजन में उत्तराखंड के खिलाफ यह उपलब्धि दोहराई।
मुकाबले का लेखा-जोखा और तमिलनाडु की जीत
इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी उत्तराखंड की टीम पहली पारी में महज 134 रनों पर सिमट गई थी। इसके जवाब में तमिलनाडु ने मजबूत खेल दिखाते हुए 313 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया, जिसमें तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए प्रदोष रंजन पॉल ने 136 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। दूसरी पारी में भी उत्तराखंड के बल्लेबाज टिक नहीं सके और पूरी टीम 113 रन पर ढेर हो गई। राजस्थान के खिलाफ पहला मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद इस जीत से तमिलनाडु ने टूर्नामेंट में ठोस शुरुआत की है।



















