भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर मैदान पर अपनी गंभीर कार्यशैली और सख्त मिजाज के लिए पहचाने जाते हैं। हालांकि कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ खेले जा रहे तीन दिवसीय अभ्यास मुकाबले के दूसरे दिन डगआउट का माहौल पूरी तरह बदल गया। मैच के अंतिम पलों में 21 वर्षीय युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ की निडर बल्लेबाजी ने भारतीय खेमे में उत्साह भर दिया। नंबर 11 पर बल्लेबाजी करने आए इस युवा खिलाड़ी के ताबड़तोड़ प्रहारों को देखकर मुख्य कोच अपनी खुशी नहीं छिपा सके और खड़े होकर ताली बजाते नजर आए।
कोलंबो में 90वें ओवर का रोमांच और 4 छक्कों का तूफान
अभ्यास मैच के दूसरे दिन भारत की पहली पारी के 90वें ओवर में दर्शकों और खिलाड़ियों को अद्भुत क्रिकेट देखने को मिला। जब गुरनूर बराड़ क्रीज पर पहुंचे तो भारतीय टीम अपने 9 महत्वपूर्ण विकेट खो चुकी थी। दूसरे छोर पर सलामी बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल अपना शानदार शतक जमाकर नाबाद डटे हुए थे। पंजाब से आने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज गुरनूर ने रक्षात्मक रवैया अपनाने के बजाय सीधे आक्रमण करने की रणनीति चुनी।
श्रीलंका क्रिकेट XI के स्पिनर दिलुम सुदीरा 90वां ओवर डालने आए थे। गुरनूर ने इस ओवर की दूसरी, तीसरी, पांचवीं और छठी गेंद पर बाउंड्री के पार गगनचुंबी छक्के जड़े। इस एक ही ओवर में 4 छक्के लगाकर उन्होंने कोलंबो के मैदान पर सनसनी फैला दी। इस आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत का स्कोर 350 रन के पार पहुंच गया और श्रीलंका के पहली पारी के स्कोर से भारतीय टीम का अंतर घटकर मात्र 6 रन रह गया।
गुरनूर बराड़ ने अपनी इस छोटी मगर बेहद असरदार पारी में केवल 18 गेंदों का सामना किया और 200 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से नाबाद 36 रन बनाए। अपनी इस पारी में उन्होंने 2 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के लगाए। उन्होंने देवदत्त पडिक्कल के साथ मिलकर अंतिम विकेट के लिए महज 30 गेंदों में 51 रनों की तूफानी साझेदारी निभाई, जिसने विरोधी टीम को बैकफुट पर धकेल दिया।
ड्रेसिंग रूम में सख्त मिजाज गंभीर का मुस्कुराता चेहरा
बाउंड्री लाइन के पास डगआउट में बैठे भारतीय मुख्य कोच गौतम गंभीर आमतौर पर अपनी भावनाओं को काबू में रखते हैं। लेकिन 11वें नंबर के गेंदबाज को बिना किसी डर के इस तरह बड़े शॉट खेलते देखकर वे अपनी हंसी रोक नहीं पाए। गंभीर ने तुरंत खड़े होकर गुरनूर के लिए तालियां बजाईं और उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया। उनके साथ डगआउट में मौजूद अन्य सपोर्ट स्टाफ सदस्य भी इस युवा गेंदबाज के साहसिक प्रयास की सराहना करते दिखे।
आगामी टेस्ट सीरीज से ठीक पहले अभ्यास मुकाबले में इस तरह का सकारात्मक माहौल भारतीय ड्रेसिंग रूम के आत्मविश्वास को दर्शाता है। 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने जा रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले टीम के निचले क्रम का यह योगदान भारतीय प्रबंधन के लिए राहत की सांस लेकर आया है।
गॉल टेस्ट से पहले दूसरे तेज गेंदबाज के चयन की होड़
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जून 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ अपना डेब्यू करने वाले गुरनूर बराड़ भारत के लिए अब तक 6 वनडे मैच खेल चुके हैं। अब उन्हें लाल गेंद के प्रारूप के लिए भी भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। टीम के मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में पेस आक्रमण की कमान मोहम्मद सिराज संभालेंगे। ऐसे में अंतिम एकादश में दूसरे मुख्य तेज गेंदबाज के स्थान के लिए टीम प्रबंधन के पास तीन प्रमुख विकल्प मौजूद हैं, जिनके बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है।
इस स्थान के लिए गुरनूर बराड़ के अलावा प्रसिद्ध कृष्णा और आकिब नबी के नाम पर विचार किया जा रहा है। तीनों ही गेंदबाज अपने अलग कौशल के साथ इस रेस में बने हुए हैं, लेकिन मौजूदा अभ्यास मैच के प्रदर्शन ने समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है।
प्रसिद्ध कृष्णा और आकिब नबी के मुकाबले क्यों आगे दिख रहे गुरनूर
तीनों तेज गेंदबाजों के हालिया प्रदर्शन और अनुभव का विश्लेषण करें तो आंकड़े अलग कहानी बयान करते हैं। जम्मू-कश्मीर के 29 वर्षीय तेज गेंदबाज आकिब नबी निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी क्षमता के लिए जाने जाते हैं। हालांकि श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ जारी इस अभ्यास मैच की पहली पारी में उनसे एक भी ओवर गेंदबाजी नहीं कराई गई। इस वजह से गॉल में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच में उनके पदार्पण की संभावनाएं काफी कम मानी जा रही हैं।
दूसरी ओर प्रसिद्ध कृष्णा के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सबसे अधिक अनुभव है। वे साल 2021 में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कर चुके हैं और तीनों ही प्रारूपों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके बावजूद वे अब तक राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह स्थायी रूप से पक्की नहीं कर पाए हैं।
इन दोनों के मुकाबले गुरनूर बराड़ ने न केवल अपनी अच्छी लंबाई और तेज रफ्तार से प्रभावित किया है, बल्कि क्रीज पर आकर तेजी से रन बनाने की क्षमता भी साबित की है। आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में निचले क्रम के बल्लेबाजों का योगदान अक्सर जीत और हार का अंतर तय करता है। गुरनूर के इस ऑलराउंड प्रदर्शन और मुख्य कोच के उत्साहजनक रिएक्शन के बाद यह माना जा रहा है कि 15 अगस्त से शुरू हो रहे गॉल टेस्ट में मोहम्मद सिराज के जोड़ीदार के रूप में गुरनूर बराड़ को टेस्ट कैप सौंपी जा सकती है।


















