एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 50 से अधिक वर्षों के लंबे इतिहास में हाल ही में 5,000 मैचों का ऐतिहासिक पड़ाव पूरा हुआ है। इस प्रारूप की शुरुआत से लेकर अब तक खेले गए इन सभी मुकाबलों के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट नजर आता है कि सीमित ओवरों के खेल में भारतीय बल्लेबाजों ने अपनी खास पहचान बनाई है। दुनिया भर की दर्जनों अंतरराष्ट्रीय टीमों के बीच भारतीय खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी के लगभग हर बड़े आंकड़े पर अपना वर्चस्व कायम किया है। सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा, सौरव गांगुली और एमएस धोनी जैसे महान खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिन्हें आने वाले कई दशकों तक हासिल कर पाना दुनिया के किसी भी बल्लेबाज के लिए एक बेहद कठिन चुनौती रहेगा।
क्रिकेट के इतिहास में 5,000 वनडे मैचों का सफर
50 ओवरों के इस खेल में रन बनाने, मैच फिनिश करने और मैदान पर टिके रहने की कला को भारतीय क्रिकेटरों ने एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। सबसे ज्यादा मैच खेलने से लेकर सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने तक, हर प्रमुख आंकड़े पर भारतीय रन मशीनों का कब्जा है। क्रिकेट के पांच दशकों के सफर में भारतीय बल्लेबाजों ने साबित किया है कि दबाव की स्थितियों में बड़ी पारियां कैसे खेली जाती हैं और निरंतरता किसे कहते हैं।
सचिन तेंदुलकर का विशाल साम्राज्य: रन, मैच, चौके और अर्धशतक
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर के दौरान 463 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं, जो इस प्रारूप में किसी भी खिलाड़ी द्वारा खेले गए सबसे ज्यादा मैच हैं। इसके साथ ही उन्होंने वनडे क्रिकेट में 18,426 रनों का एक विशाल पहाड़ जैसा रिकॉर्ड बनाया है। इस आंकड़े के करीब पहुंचना भी आज के समय में किसी भी खिलाड़ी के लिए एक सपने जैसा लगता है। केवल रन और मैच ही नहीं, बल्कि सचिन तेंदुलकर के नाम इस प्रारूप में सबसे ज्यादा 96 अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। इसके अलावा बाउंड्री लगाने के मामले में भी वे सबसे आगे हैं, जहां उन्होंने अपने करियर में कुल 2,016 चौके जड़े हैं।
विराट कोहली की महारत: 54 शतक और 58.59 का बल्लेबाजी औसत
आधुनिक दौर के महानतम बल्लेबाजों में शुमार विराट कोहली ने वनडे फॉर्मेट में शतकों के मामले में अपना अलग परचम लहराया है। वे 54 शतकों के साथ इस प्रारूप में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने हुए हैं। इसके साथ ही उनकी निरंतरता का प्रमाण उनका बल्लेबाजी औसत है। विराट कोहली 58.59 के शानदार बल्लेबाजी औसत के साथ शीर्ष पर काबिज हैं, जो यह दर्शाता है कि उन्होंने हर दौर और हर परिस्थिति में अपनी टीम के लिए लगातार रन बनाए हैं।
रोहित शर्मा का विध्वंसक अवतार: 264 रन, 3 दोहरे शतक और 369 छक्के
विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर रोहित शर्मा के नाम वनडे इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर दर्ज है। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए 264 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी, जो आज भी एक मैच में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर है। रोहित शर्मा दुनिया के अकेले ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने वनडे क्रिकेट में 3 दोहरे शतक लगाए हैं। विश्व का कोई भी अन्य खिलाड़ी एक से अधिक बार दोहरे शतक का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है। हवाई शॉट्स और छक्कों के मामले में भी रोहित शर्मा का दबदबा कायम है, जहां वे 369 छक्कों के साथ अंतरराष्ट्रीय वनडे में सबसे ज्यादा छक्के उड़ाने वाले बल्लेबाज हैं।
महेंद्र सिंह धोनी का फिनिशिंग टच और सचिन-गांगुली की ऐतिहासिक जोड़ी
भारतीय क्रिकेट का यह दबदबा केवल शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी तक सीमित नहीं रहा है। मैच फिनिश करने की बात आने पर भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम सबसे ऊपर आता है। उन्होंने अपने करियर में 84 बार नॉट-आउट रहकर मैच जिताने और टीम को संभालकर लक्ष्य तक पहुंचाने की बेहतरीन मिसाल कायम की है। वहीं व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स के इतर वनडे इतिहास की सबसे सफल बल्लेबाजी साझेदारी का कीर्तिमान भी भारत के नाम दर्ज है। सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की महान ओपनिंग जोड़ी ने मिलकर वनडे क्रिकेट में 8,227 रन जोड़े हैं। इस दौरान दोनों दिग्गजों ने 26 बार शतकीय साझेदारियां निभाई हैं, जो आज भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दो बल्लेबाजों के बीच सबसे बड़ी और सफल साझेदारी का रिकॉर्ड बनी हुई है।


















