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15 साल के वैभव सूर्यवंशी को आराम नहीं, लगातार मौके चाहिए: शिवरामकृष्णन की दो टूकक्रिकेट
6 जुल॰ 2026, 2:37 am (45 दिन पहले)· 2

15 साल के वैभव सूर्यवंशी को आराम नहीं, लगातार मौके चाहिए: शिवरामकृष्णन की दो टूक

पूर्व लेग स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का कहना है कि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को आराम देने के बजाय हर सीरीज में मौका मिलना चाहिए, ताकि वह अनुभव और गलतियों से सीख सकें।

भारतीय क्रिकेट के पूर्व लेग स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि इस युवा खिलाड़ी को आराम देने के बजाय लगातार मैच खिलाए जाने चाहिए, ताकि वह अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का अनुभव हासिल कर सके और अपनी गलतियों से सीख सके।

डेब्यू मैच में छाई सूर्यवंशी की चमक

इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में सूर्यवंशी ने भारत की तरफ से डेब्यू किया। महज 15 वर्ष 99 दिन की उम्र में मैदान पर उतरकर वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में उन्होंने 10 गेंदों पर दो छक्कों की मदद से 14 रन बनाए और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी की झलक दिखाई।

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शिवरामकृष्णन खुद भी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतर चुके हैं। उन्होंने 1983 में वेस्टइंडीज के खिलाफ महज 17 वर्ष की उम्र में टेस्ट डेब्यू किया था। यही अनुभव उन्हें सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।

आराम की नहीं, लगातार मौके की जरूरत

शिवरामकृष्णन ने कहा कि जब टीम प्रबंधन ने सूर्यवंशी पर भरोसा जताते हुए उन्हें टीम में जगह दी है, तो उन्हें पर्याप्त मौके भी मिलने चाहिए। उन्होंने कहा, "उसे सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार मौके मिलने चाहिए। युवा खिलाड़ी को टीम में शामिल करके फिर आराम देने का कोई मतलब नहीं है। उसे अभी आराम की जरूरत नहीं है, बल्कि पूरे साल खेलना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा कि एक बल्लेबाज होने के नाते सूर्यवंशी को गेंदबाजों जैसी फिटनेस प्रबंधन की जरूरत नहीं पड़ेगी। लंबे समय तक लगातार बल्लेबाजी करने से उनकी एकाग्रता और मानसिक मजबूती में भी इजाफा होगा। यही वजह है कि उन्हें बार-बार टीम से बाहर रखने के बजाय हर सीरीज में शामिल किया जाना चाहिए।

गंभीर, अय्यर और साथियों का साथ जरूरी

शिवरामकृष्णन के मुताबिक एक बार जब सूर्यवंशी को टीम में खिलाने का फैसला हो चुका है, तो उन्हें पूरा मौका भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस युवा बल्लेबाज को अगले 20 वर्षों के लिए भारतीय क्रिकेट का निवेश बताया। उनका कहना है कि इस समय सूर्यवंशी को सबसे ज्यादा जरूरत मुख्य कोच गौतम गंभीर, कप्तान श्रेयस अय्यर और बाकी साथी खिलाड़ियों के समर्थन की है।

उन्होंने कहा कि अगर शुरुआती कुछ मैचों में सूर्यवंशी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं भी रहता, तब भी उनका पूरा साथ दिया जाना चाहिए। टीम प्रबंधन को धैर्य रखते हुए उन्हें लगातार मौके देते रहना चाहिए, क्योंकि किसी भी युवा खिलाड़ी को खुद को साबित करने के लिए समय और भरोसे की जरूरत होती है।

आक्रामक अंदाज़ बदलने की जरूरत नहीं

शिवरामकृष्णन का मानना है कि सूर्यवंशी स्वाभाविक रूप से आक्रामक स्ट्रोक खेलने वाले बल्लेबाज हैं, इसलिए उनसे कभी-कभार गलतियां भी हो सकती हैं। उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि उसका सही तरीके से मार्गदर्शन किया जाए और उसे पूरा समर्थन मिले। वह ऐसा स्ट्रोक प्लेयर है जो कई बार जोखिम उठाएगा, लेकिन आधुनिक क्रिकेट जोखिम लेने का ही खेल है। इसलिए उसे अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी शैली या अपने नजरिये को बदलने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए।"

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सूर्यवंशी को यह समझना होगा कि विरोधी गेंदबाज उनके खिलाफ किस तरह की रणनीति बना रहे हैं। मैनचेस्टर टी20 मैच में स्पिनर के खिलाफ जल्दबाजी में बड़ा शॉट खेलने के उदाहरण का जिक्र करते हुए शिवरामकृष्णन ने कहा कि अनुभव के साथ-साथ सूर्यवंशी को परिस्थिति के अनुसार सही फैसला लेने की कला भी सीखनी होगी। उन्होंने कहा, "अब जबकि उसे इतने बड़े स्तर पर खेलने का अनुभव मिलने लगा है, उसे यह भी सोचना शुरू करना होगा कि सामने वाला गेंदबाज उसके खिलाफ किस तरह की रणनीति अपनाने वाला है।"

वनडे वर्ल्ड कप के लिए दावेदार

शिवरामकृष्णन का मानना है कि सूर्यवंशी जैसी असाधारण प्रतिभा को सिर्फ टी20 क्रिकेट तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें एकदिवसीय क्रिकेट में भी मौका दिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक सूर्यवंशी अगले वर्ष होने वाले 50 ओवर के विश्व कप के लिए शीर्ष क्रम के संभावित बल्लेबाज के रूप में उभर सकते हैं। यानी अगर टीम प्रबंधन इस सुझाव पर अमल करता है, तो आने वाले महीनों में सूर्यवंशी को वनडे प्रारूप में भी भारतीय टीम में जगह मिल सकती है।

सवाल-जवाब

वैभव सूर्यवंशी की उम्र कितनी है?
सूर्यवंशी 15 वर्ष के हैं और उन्होंने 15 वर्ष 99 दिन की उम्र में भारत के लिए टी20 डेब्यू किया।
सूर्यवंशी ने डेब्यू मैच में कैसा प्रदर्शन किया?
इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 में उन्होंने 10 गेंदों पर दो छक्कों की मदद से 14 रन बनाए।
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन कौन हैं?
वे भारत के पूर्व लेग स्पिनर हैं जिन्होंने 1983 में 17 वर्ष की उम्र में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था।
शिवरामकृष्णन की सूर्यवंशी को लेकर क्या मांग है?
वे चाहते हैं कि सूर्यवंशी को आराम देने के बजाय सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार मौके दिए जाएं।
सूर्यवंशी को अभी सबसे ज्यादा किसकी जरूरत बताई गई है?
मुख्य कोच गौतम गंभीर, कप्तान श्रेयस अय्यर और बाकी साथी खिलाड़ियों के समर्थन की।
क्या सूर्यवंशी वनडे वर्ल्ड कप में खेल सकते हैं?
शिवरामकृष्णन के मुताबिक सूर्यवंशी अगले वर्ष होने वाले 50 ओवर के विश्व कप के लिए शीर्ष क्रम के संभावित बल्लेबाज बन सकते हैं।
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