एक ऐसे मैच में जहां शुरुआती झटकों के बाद वापसी की कहानी लिखी गई, भारत ए ने बुधवार को अफगानिस्तान ए को 101 रन के बड़े अंतर से शिकस्त देकर वनडे त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में प्रवेश कर लिया। कप्तान तिलक वर्मा, प्रियांश आर्य और कुमार कुशाग्र के अर्धशतकों से सजी 319 रन की पारी को गेंदबाजों ने और चमका दिया और अफगानिस्तान ए को महज 218 रन पर 36.5 ओवर में समेट दिया।
यह जीत भारत ए के लिए कई मायनों में खास रही। टूर्नामेंट में लगातार दो मुकाबले गंवाने के बाद टीम पर दबाव था, लेकिन इस बंपर जीत ने न सिर्फ हार का सिलसिला तोड़ा बल्कि टीम को फाइनल की दहलीज तक पहुंचा दिया।
अंक तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा भारत ए
इन दो अहम अंकों के साथ भारत ए के कुल चार अंक हो गए और टीम पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर पहुंच गई। उसका नेट रन रेट 0.597 रहा, जो सभी टीमों में सबसे बेहतर है। श्रीलंका ए के भी चार अंक हैं और वह 0.494 के नेट रन रेट के साथ दूसरे स्थान पर है। अफगानिस्तान ए सिर्फ दो अंक और -1.602 के नेट रन रेट के साथ सबसे नीचे है। अब अफगानिस्तान ए को शुक्रवार को श्रीलंका ए से भिड़ना है, और मेज़बान टीम से आगे निकलकर फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए उसे बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।
निशांत सिंधु की घातक गेंदबाजी
भारत की इस बड़ी जीत की असली नींव गेंदबाजों ने रखी। निशांत सिंधु सबसे प्रभावी साबित हुए और उन्होंने 6.5 ओवर में 4 विकेट चटकाए। यश ठाकुर ने 7 ओवर में 2 विकेट लिए, जबकि अंशुल कम्बोज, विप्रज निगम, सुर्यांश शेडगे और अनुकूल रॉय ने एक-एक विकेट अपने नाम किया। अफगानिस्तान की ओर से बहिर शाह ने 52 गेंद में 57 रन की पारी खेली जिसमें 4 चौके और 1 छक्का शामिल रहा, वहीं फैसल शिनोजादा ने 46 रन बनाए। इन दोनों को छोड़कर बाकी बल्लेबाज मिली शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके।
ताश के पत्तों की तरह बिखरी अफगान बल्लेबाजी
लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान की शुरुआत खराब रही। ठाकुर ने तीसरे ओवर में हसन ईसाखिल को 14 रन पर आउट कर भारत को पहली कामयाबी दिलाई। इसके बाद छठे ओवर में कम्बोज ने खालिद तानिवाल को 13 रन पर पवेलियन भेजा और दसवें ओवर में कप्तान इमरान मीर को सिंधु ने अपना शिकार बनाया। चौथे विकेट के लिए शिनोजादा और बहिर शाह ने 87 रन की साझेदारी कर पारी को संभालने की कोशिश की, मगर दोनों के जल्दी-जल्दी आउट होते ही अफगानिस्तान की उम्मीदें दम तोड़ गईं।
वैभव चमके पर जल्दी लौटे, फिर बल्लेबाजों ने संभाला
इससे पहले भारतीय पारी की बात करें तो धीमी पिच देखकर अफगानिस्तान ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। भारत को वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने तेज शुरुआत दिलाई और दोनों ने पहले विकेट के लिए 75 रन जोड़े। सूर्यवंशी ने 28 गेंद में 38 रन की आकर्षक पारी में कुछ बेहतरीन शॉट लगाए, लेकिन एक बाउंसर पर वह अपना विकेट गंवा बैठे। आर्य ने महज 29 गेंद में अपनी फिफ्टी पूरी की, मगर आक्रामक अंदाज में खेलते हुए वह भी आउट हो गए।
दिल्ली के इस बल्लेबाज के लौटते ही भारत ए की रन गति 8 से गिरकर 6 पर आ गई। पिच जैसे-जैसे धीमी होती गई, तिलक वर्मा और उपकप्तान रुतुराज गायकवाड़ के लिए रन बनाना मुश्किल होता गया। गायकवाड़ 30 रन बनाकर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से लेग साइड पर कैच आउट हो गए। यहां तिलक और कुशाग्र ने मोर्चा संभाला। तिलक ने 67 गेंद में और कुशाग्र ने 60 गेंद में अपने अर्धशतक पूरे किए, और दोनों ने चौथे विकेट के लिए 104 रन की अहम साझेदारी निभाई। इससे भारतीय पारी पटरी पर लौटी, हालांकि रन गति पांच या उससे थोड़ी ऊपर ही टिकी रही। आखिर में विप्रज निगम ने 20 गेंद में 30 रन की छोटी मगर तेज पारी खेलकर भारत को 300 के पार पहुंचा दिया।
संक्षिप्त स्कोर
भारत ए: 319/9 (50 ओवर में) (तिलक वर्मा 59, प्रियांश आर्य 58, कुमार कुशाग्र 58; अब्दोल्लाह अहमदजई 2/62)। अफगानिस्तान ए: 218 (36.5 ओवर में) (फैसल शिनोजादा 46, बहिर शाह 57; निशांत सिंधु 4/31, यश ठाकुर 2/48)। भारत ए ने 101 रन से जीत दर्ज की।













