श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला से पहले भारतीय टीम के धाकड़ विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत अपनी तैयारियों को पुख्ता करने में जुटे हैं. इस अहम दौरे से ठीक पहले पंत ने झारखंड की राजधानी रांची पहुंचकर पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान दोनों खिलाड़ियों ने जिम में एक साथ कड़ी मेहनत की और स्पेशल ट्रेनिंग सेशन में भाग लिया. पंत का इस तरह धोनी के साथ समय बिताना और मार्गदर्शन प्राप्त करना श्रीलंका दौरे के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
रांची के जिम में धोनी संग की ट्रेनिंग
पूर्व भारतीय स्पिनर शाहबाज नदीम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दोनों दिग्गजों की एक तस्वीर साझा करके इस वर्कआउट सेशन की जानकारी दी. रांची स्थित जिम की इस तस्वीर में महेंद्र सिंह धोनी नीले रंग के ट्रैकसूट में नजर आ रहे हैं, जबकि ऋषभ पंत ने काले रंग की टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहन रखे हैं. फोटो शेयर करते हुए नदीम ने कैप्शन में लिखा, "भारतीय क्रिकेट के दो बेहतरीन फिनिशर, ऋषभ पंत और माही भाई." यह फोटो इंटरनेट पर खूब पसंद की जा रही है और फैंस दोनों फिनिशरों को एक साथ देखकर काफी उत्साहित हैं.
ऋषभ पंत के लिए क्यों खास है श्रीलंका दौरा
आगामी श्रीलंका दौरा ऋषभ पंत के करियर के दृष्टिकोण से अत्यंत आवश्यक है. पंत लंबे समय से सीमित ओवरों की राष्ट्रीय टीम यानी वनडे और टी20 प्रारूप से बाहर चल रहे हैं. हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में चयनकर्ता लगातार उन पर भरोसा जता रहे हैं और उन्हें मौके दे रहे हैं. पंत इससे पहले जून महीने में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में भी भारतीय टीम का हिस्सा बने थे. ऐसे में वह श्रीलंका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी जगह को पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत करना चाहते हैं.
सफेद गेंद क्रिकेट में फॉर्म की चुनौती और IPL 2026 के आंकड़े
हाल के समय में ऋषभ पंत वाइट-बॉल क्रिकेट में अपनी लय हासिल करने के लिए काफी संघर्ष करते दिखे हैं. इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए पंत का बल्ला खामोश रहा था. पूरे टूर्नामेंट के दौरान वह निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए 28.36 की औसत और 138.05 के स्ट्राइक रेट से कुल 312 रन ही बना पाए थे. आईपीएल में इसी खराब फॉर्म की वजह से उन्हें राष्ट्रीय वनडे और टी20 टीम में जगह गंवानी पड़ी थी.
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भारतीय टीम के लिए बड़ी परीक्षा
केवल ऋषभ पंत ही नहीं, बल्कि पूरी भारतीय टीम के लिए श्रीलंका के खिलाफ यह दो मैचों की टेस्ट सीरीज काफी अहमियत रखती है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल की दौड़ में अपनी दावेदारी बनाए रखने के लिए भारत को श्रीलंका के खिलाफ यह सीरीज 2-0 से जीतनी होगी. भारत के पास WTC फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए बचे हुए 9 टेस्ट मैचों में से कम से कम 7 मैच जीतना अनिवार्य है. यही वजह है कि टीम इंडिया श्रीलंका में हर हाल में जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी.



















