नई दिल्ली में खेले गए तीसरे और अंतिम मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे को एकतरफा अंदाज में 8 विकेट से धूल चटा दी। इस शानदार जीत के साथ ही मेहमान टीम ने तीन मैचों की इस पूरी सीरीज पर 3-0 से कब्जा जमा लिया है। मुकाबले की शुरुआत में जिम्बाब्वे की टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी टीम संघर्ष करती नजर आई और 39.5 ओवरों में महज 131 रन बनाकर सिमट गई। इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए महज 17 ओवरों में ही 2 विकेट के नुकसान पर 132 रन बनाकर लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।
वैष्णवी शर्मा की घातक गेंदबाजी
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालते हुए वैष्णवी शर्मा ने मैदान पर कोहराम मचा दिया। वैष्णवी ने अपने कोटे के 10 ओवरों में बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए मात्र 39 रन खर्च किए और जिम्बाब्वे के 5 अहम बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। उनकी इस कातिलाना गेंदबाजी के चलते ही विपक्षी टीम कोई बड़ा या चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में पूरी तरह नाकाम रही। वैष्णवी के अलावा भारतीय गेंदबाजी को धार देते हुए सायली सतघरे और क्रांति गौड़ ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और 2-2 विकेट अपने नाम किए। इसके अतिरिक्त जिम्बाब्वे की एक खिलाड़ी रन आउट होकर पवेलियन लौटी, जिससे उनकी पारी पूरी तरह बिखर गई।
जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी हुई पूरी तरह फेल
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही और भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों से ही शिकंजा कस लिया। जिम्बाब्वे की तरफ से मोडेस्टर मुपाचिकवा ने सबसे ज्यादा संघर्ष करते हुए 48 गेंदों का सामना किया और 37 रनों की पारी खेली। उनके अलावा टीम की कप्तान जोसेफिन नकोमो ने 67 गेंदों पर 35 रनों का योगदान दिया। इन दोनों खिलाड़ियों को छोड़कर जिम्बाब्वे का पूरा बैटिंग ऑर्डर भारतीय गेंदबाजों के आगे पूरी तरह तास के पत्तों की तरह ढह गया और कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार करने के लिए जूझता नजर आया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की मजबूत वापसी
छोटे से लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और ओपनर यस्तिका भाटिया बिना खाता खोले ही आउट हो गईं। इसके बाद नंबर दो पर उतरी हरलीन देओल भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकीं और 19 गेंदों में 19 रन बनाकर आउट होकर चलती बनीं। शुरुआती झटकों के बाद शेफाली वर्मा और प्रतिका रावल ने पारी को संभाला और जिम्बाब्वे को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। शेफाली ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 26 गेंदों में 51 रनों की नाबाद पारी खेली, जबकि प्रतिका रावल ने 56 गेंदों में 59 रनों का शानदार योगदान दिया। इस दमदार साझेदारी के दम पर भारत ने 33 ओवर शेष रहते ही मुकाबले को अपने नाम कर लिया।



















