नॉर्थ साउंड के मैदान पर वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में बल्लेबाजी का एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने टेस्ट क्रिकेट के 149 साल पुराने लंबे इतिहास को पूरी तरह से बदल कर रख दिया। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने मैदान पर वह कारनामा कर दिखाया जो इससे पहले क्रिकेट जगत का कोई भी दिग्गज बल्लेबाज करने में नाकाम रहा था। टीम के युवा बल्लेबाज आमिर जांगू और कप्तान रोस्टन चेस ने मिलकर श्रीलंका के गेंदबाजों के खिलाफ छठे विकेट के लिए 401 रनों की बेहद ऐतिहासिक और विशाल साझेदारी की। कुल 602 गेंदों में खेली गई इस बेहतरीन और रिकॉर्डतोड़ साझेदारी ने न केवल इस मुकाबले की पूरी तस्वीर बदल दी, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में छठे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम लिखवा लिया।
बेन स्टोक्स और जॉनी बेयरस्टो का एक दशक पुराना रिकॉर्ड टूटा
आमिर जांगू और कप्तान रोस्टन चेस की इस कैरेबियाई जोड़ी ने इंग्लैंड के बेहतरीन बल्लेबाजों जॉनी बेयरस्टो और बेन स्टोक्स के लगभग दस साल पुराने बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। जनवरी 2016 के दौरान केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर बेयरस्टो और स्टोक्स ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ छठे विकेट के लिए 399 रनों की बेहद आक्रामक साझेदारी की थी। इतने वर्षों के लंबे अंतराल में विश्व का कोई भी बल्लेबाजी क्रम इस विशाल आंकड़े के आसपास भी पहुंचने में कामयाब नहीं हुआ था, लेकिन वेस्टइंडीज के इन दोनों साहसी बल्लेबाजों ने 401 रन बनाकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा लिया।
अगर हम टेस्ट क्रिकेट में छठे विकेट या उससे निचले क्रम के बल्लेबाजों द्वारा की गई सबसे बेहतरीन और बड़ी साझेदारियों पर नजर डालें, तो इस विशेष सूची में न्यूजीलैंड के बीजे वाटलिंग और केन विलियमसन की जोड़ी का नाम भी काफी ऊपर आता है। इन दोनों बल्लेबाजों ने साल 2015 में वेलिंगटन के मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 365 रन जोड़े थे। इसके साथ ही, साल 2014 में ब्रेंडन मैकुलम और बीजे वाटलिंग ने भारत के खिलाफ 352 रनों की शानदार साझेदारी की थी। वहीं, श्रीलंका के महेला जयवर्धने और प्रसन्ना जयवर्धने की जोड़ी ने साल 2009 में अहमदाबाद के मैदान पर भारत के खिलाफ ही 351 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी। हालांकि, अब जांगू और चेस का 401 रनों का यह अद्भुत आंकड़ा इन सभी पुराने रिकॉर्ड्स से काफी आगे निकल चुका है।
वेस्टइंडीज क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा धमाका
यह अनोखा कीर्तिमान न केवल छठे विकेट के लिए एक नया विश्व रिकॉर्ड है, बल्कि वेस्टइंडीज क्रिकेट के समग्र इतिहास के लिए भी एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है। वेस्टइंडीज की टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए की गई यह दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। कैरेबियाई क्रिकेट के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा और सर्वकालिक रिकॉर्ड आज भी कॉनराड हंटे और महान खिलाड़ी गैरी सोबर्स के नाम सुरक्षित है। इन दोनों ने फरवरी और मार्च 1958 के दौरान किंग्स्टन में पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे विकेट के लिए 446 रनों का एक विशाल पहाड़ खड़ा किया था।
आमिर जांगू और कप्तान रोस्टन चेस की जोड़ी ने महान गैरी सोबर्स और फ्रैंक वोरेल के 399 रनों के पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है, जो उन्होंने साल 1960 में इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिजटाउन के मैदान पर बनाया था। इस नई साझेदारी के बाद वेस्टइंडीज की ऐतिहासिक साझेदारियों की सूची में बदलाव आ गया है। अब डेनिस एटकिंसन और क्लेरमोंट डेपेइजा द्वारा सातवें विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल 1955 में बनाई गई 347 रनों की साझेदारी चौथे स्थान पर आ गई है। इसके साथ ही, एवर्टन वीक्स और फ्रैंक वोरेल द्वारा साल 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाई गई 338 रनों की साझेदारी पांचवें स्थान पर खिसक गई है।
श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ रनों की दूसरी सबसे बड़ी बौछार
श्रीलंका के गेंदबाजों के खिलाफ भी टेस्ट क्रिकेट के पूरे इतिहास में यह दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी साबित हुई है। श्रीलंकाई टीम के खिलाफ किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी पार्टनरशिप का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के दिग्गज खिलाड़ी मार्टिन क्रो और एंड्रयू जोन्स के नाम दर्ज है, जिन्होंने जनवरी और फरवरी 1991 के दौरान वेलिंगटन के मैदान पर तीसरे विकेट के लिए 467 रनों की बेहद विशाल पारी खेली थी।
अब आमिर जांगू और रोस्टन चेस की जोड़ी ने 401 रन बनाकर पाकिस्तान के मशहूर खिलाड़ी जावेद मियांदाद और कासिम उमर के उस पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है, जो उन्होंने साल 1985 में फैसलाबाद के मैदान पर तीसरे विकेट के लिए 397 रन बनाकर स्थापित किया था। इस मामले में केन विलियमसन की बीजे वाटलिंग के साथ की गई नाबाद 365 रनों की साझेदारी (साल 2015) और हेनरी निकोल्स के साथ की गई 363 रनों की साझेदारी (साल 2023) भी अब इस नई कैरेबियाई जोड़ी के प्रदर्शन से पीछे छूट गई हैं।
हर विकेट के सर्वश्रेष्ठ विश्व रिकॉर्ड की सूची में मिला स्थान
यदि हम टेस्ट क्रिकेट के संपूर्ण इतिहास में हर एक विकेट के लिए दर्ज की गई सबसे बड़ी साझेदारियों की बात करें, तो कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने की श्रीलंका की जोड़ी 624 रनों के साथ दुनिया में सबसे पहले स्थान पर आती है। उन्होंने यह कारनामा तीसरे विकेट के लिए साल 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ किया था।
इस सूची के अन्य विकेटों के सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड कुछ इस प्रकार हैं:
- पहले विकेट के लिए: दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ और नील मैककेंजी के नाम 415 रनों की साझेदारी दर्ज है।
- दूसरे विकेट के लिए: श्रीलंका के सनथ जयसूर्या और रोशन महानामा ने भारत के खिलाफ 576 रन बनाए थे।
- तीसरे विकेट के लिए: श्रीलंका के कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 624 रन बनाए थे।
- चौथे विकेट के लिए: इंग्लैंड के हैरी ब्रुक और जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ हाल ही में 454 रनों का कीर्तिमान रचा था।
- पांचवें विकेट के लिए: ऑस्ट्रेलिया के सिड बार्न्स और डॉन ब्रैडमैन के नाम साल 1946 से 405 रनों का रिकॉर्ड दर्ज है।
- छठे विकेट के लिए: वेस्टइंडीज के आमिर जांगू और रोस्टन चेस का नाम अब 401 रनों के साथ इस सूची में दर्ज हो गया है।
- सातवें विकेट के लिए: वेस्टइंडीज के डेनिस एटकिंसन और क्लेरमोंट डेपेइजा के नाम 347 रनों का रिकॉर्ड है।
- आठवें विकेट के लिए: इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड और जोनाथन ट्रॉट ने 332 रन बनाए थे।
- नौवें विकेट के लिए: दक्षिण अफ्रीका के मार्क बाउचर और पैट सिमकॉक्स के नाम 195 रनों का रिकॉर्ड दर्ज है।
- दसवें विकेट के लिए: इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन और जो रूट के नाम 198 रनों की साझेदारी दर्ज है।
आमिर जांगू का व्यक्तिगत महारिकॉर्ड और WTC में धमाका
इस ऐतिहासिक साझेदारी के बीच युवा सनसनी आमिर जांगू ने अपने व्यक्तिगत करियर में भी एक बहुत बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। उनकी 233 रनों की यह मैराथन पारी अब WTC के इतिहास में किसी भी वेस्टइंडीज के बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गई है। अपना महज दूसरा टेस्ट मैच खेल रहे जांगू ने किसी बेहद अनुभवी दिग्गज खिलाड़ी की तरह सूझबूझ दिखाते हुए 373 गेंदों में 233 रनों की शानदार पारी खेली।
दूसरी ओर, कप्तान रोस्टन चेस ने भी मोर्चे को बखूबी संभाले रखा और अपनी शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। 155 ओवरों का खेल समाप्त होने तक रोस्टन चेस 184 रन बनाकर क्रीज पर नाबाद टिके रहे। इन दोनों बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत ही टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार छठे विकेट के लिए 400 या उससे अधिक रनों की ऐतिहासिक साझेदारी देखने को मिली है।
वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का इंतजार
इसके अलावा, घरेलू क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के बारे में भी बड़ी खबर है। आयरलैंड के हालिया दौरे पर वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिल सका और वे बेंच पर ही बैठे रहे। इस वजह से उनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू करने और नेशनल कैप हासिल करने का इंतजार थोड़ा और बढ़ गया है। अब खेल प्रेमियों के बीच इस बात की काफी चर्चा है कि क्या वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण इंग्लैंड के आगामी दौरे पर हो सकता है।













