महिला टेस्ट क्रिकेट के गौरवशाली इतिहास में अब एक नया अध्याय जुड़ चुका है और इसका श्रेय भारतीय टीम की प्रतिभाशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया को जाता है। लंदन के विश्व प्रसिद्ध लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में 25 वर्षीय यास्तिका ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए शतक जड़ा। इस उपलब्धि के साथ ही यास्तिका दुनिया की ऐसी पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं, जिन्होंने क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स की पिच पर टेस्ट शतक बनाने का कारनामा किया है। यह न केवल उनके व्यक्तिगत करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय शतक है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
लॉर्ड्स की ऐतिहासिक पिच पर यास्तिका का जादू
लॉर्ड्स पर आयोजित किए जा रहे इस ऐतिहासिक महिला टेस्ट मैच में यास्तिका भाटिया ने अपनी तकनीक और धैर्य का अद्भुत संगम पेश किया। दूसरी पारी के दौरान उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों का डटकर सामना किया और 158 गेंदों का सामना करते हुए कुल 113 रन की बेहतरीन पारी खेली। उनकी इस पारी में 14 आकर्षक चौके शामिल थे, जिसने मेजबान टीम के गेंदबाजों को लगातार रक्षात्मक स्थिति में रखा। इस शतक की बदौलत भारतीय टीम ने मुकाबले में अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है और यास्तिका का नाम अब सदा के लिए लॉर्ड्स के रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया है।
रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम
यास्तिका भाटिया ने केवल लॉर्ड्स का ही रिकॉर्ड नहीं तोड़ा, बल्कि भारतीय क्रिकेट के कई अन्य आंकड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है। वे टेस्ट मैच की तीसरी या चौथी पारी में शतक बनाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज बन गई हैं। इसके अतिरिक्त, इस चरण में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड भी अब उनके नाम हो गया है। यास्तिका से पहले यह कीर्तिमान संध्या अग्रवाल के पास था, जिन्होंने वर्ष 1985 में लखनऊ के मैदान पर न्यूजीलैंड के विरुद्ध चौथी पारी में 98 रन बनाए थे। इसके अलावा, 1984 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी संध्या ने 83 रन की प्रभावशाली पारी खेली थी, जिसे अब यास्तिका ने पीछे छोड़ दिया है।
सौरव गांगुली के क्लब में शामिल
यास्तिका की यह उपलब्धि उन्हें एक बेहद खास समूह में खड़ा करती है। वे लॉर्ड्स में टेस्ट शतक जड़ने वाली दूसरी बाएं हाथ की भारतीय बल्लेबाज बनी हैं। उनसे पहले यह अद्भुत कारनामा केवल दिग्गज भारतीय खिलाड़ी सौरव गांगुली ने किया था, जिन्होंने वर्ष 1996 में अपने टेस्ट डेब्यू के दौरान 131 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर दुनिया को चौंका दिया था। अब यास्तिका का नाम उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर अपने नाम की छाप छोड़ी है और एक नई पहचान हासिल की है।











